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#Budget2019: बजट से महिलाओं और युवाओं का क्या फ़ायदा?
'नारी तू नारायणी'
भारत की पहली फ़ुल टाइम महिला वित्तमंत्री यानी निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश किया.
बजट को अलग-अलग हिस्सों में बांटते हुए जब वो महिलाओं तक पहुंचीं तो उनकी ज़ुबान पर सबसे पहले जो शब्द आए वो थे - नारी तू नारायणी.
नारायणी यानी सीधे शब्दों में कहें तो देवी. बजट में महिलाओं के लिए अपनी योजनाओं का ऐलान करते हुए निर्मला ने स्वामी विवेकानंद की उस चिट्ठी का ज़िक्र किया जो उन्होंने अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस को लिखी थी.
वित्तमंत्री ने कहा कि विवेकानंद ने उस चिट्ठी में लिखा था, "जब तक महिलाओं की स्थिति में सुधार नहीं होता, ये दुनिया बेहतरी की ओर नहीं बढ़ सकती. ये ठीक वैसा ही है जैसे कोई चिड़िया एक पंख के सहारे नहीं उड़ सकती.''
सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार स्वामी विवेकानंद की कही इस बात में यक़ीन रखती है और उन्हीं के कहे अनुसार हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा कि भारत की सामाजिक-आर्थिक प्रगति में महिलाओं की स्वर्णिम भूमिका रही है, ख़ासकर ग्रामीण महिलाओं की. सीतारमण ने कहा कि उनकी सरकार 'महिला केंद्रित योजनाओं' से आगे बढ़ना चाहती है. वो ये योजनाएं महिलाओं के ही नेतृत्व में चलाना चाहती हैं. इन्हीं तथ्यों के मद्देनज़र उनकी सरकार महिलाओं के लिए कुछ योजनाएं लेकर आ रही है:
- सरकार एक समिति बनाएगी जिसमें सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के विशेषज्ञ होंगे. ये विशेषज्ञ औरतों की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए सुझाव देंगे.
- महिलाओं के स्वयंसेवी समूहों को बढ़ावा देने के लिए हर ज़िले में उनके लिए फ़ंड का ऐलान किया है. स्वयंसेवी समूह की हर उस सदस्य को 5,000 रुपये की ओवरड्राफ़्ट सुविधा मिलेगी, जिसके पास जनधन खाता होगा.
- मुद्रा स्कीम के तहत स्वयंसेवी समूह की एक सदस्य को एक लाख रुपये तक के कर्ज़ का ऐलान किया गया है.
- अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से ताल्लुक रखने वाली महिलाओं की कारोबार में मदद के लिए 15वें वित्तीय आयोग के तहत अलग स्कीम लाई जाएगी.
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निर्मला सीतारमण ने महिलाओं के लिए योजनाओं का ऐलान करते हुए उनका शुक्रिया भी अदा किया और कहा कि इस बार लोकसभा चुनाव में पुरुषों से भी ज़्यादा बड़ी संख्या में बढ़-चढ़कर वोट दिया.
रिकॉर्ड महिला सांसद
उन्होंने संसद में महिला सांसदों की संख्या का भी ज़िक्र किया और कहा, "इस बार संसद में सबसे ज्यादा महिलाएं चुनकर आई हैं और हमने 78 महिला सांसदों के साथ रिकॉर्ड बनाया."
महिलाओं के लिए ख़ास योजनाओं के ऐलान के अलावा भी निर्मला सीतारमण ने दो घंटे से ज़्यादा लंबे अपने भाषण में कई जगहों पर महिलाओं और उनसे जुड़े मुद्दों का ज़िक्र का. मसलन, मोदी सरकार की आयुष्मान योजना का ज़िक्र करते हुए उन्हें महिलाओं के स्वास्थ्य के बारे में बात की.
वित्तमंत्री ने 'उज्ज्वला योजना' के जरिए रसोई को धुंए से मुक्त कराने और 'सौभाग्य योजना' के तहत घरों में बिजली देने की बात कही. उन्होंने कहा कि सात करोड़ से ज़्यादा घरों में बिजली के कनेक्शन आने से औरतों की ज़िंदगी आसान हुई है.
उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के जरिए महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए शौचालय बनवाने की उपलब्धि भी गिनाई.
बजट पेश होने से एक दिन पहले गुरुवार को आर्थिक सर्वेक्षण 2018-2019 की रिपोर्ट जारी हुई जिसमें बताया गया है कि बचत खाता रखने और उसका इस्तेमाल करने वाली भारतीय महिलाओं की संख्या में बढ़कर 53% हो गई है.
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बजट में युवाओं के लिए क्या है?
वित्तमंत्री ने अपने बजट भाषण का एक अच्छा-खासा हिस्सा युवाओं के लिए भी रखा और उनके लिए कुछ महत्वपूर्ण ऐलान किए:
- नई शिक्षा नीति का प्रस्ताव रखा गया जो दुनिया की सबसे बेहतरीन शिक्षा नीतियों में से एक होगी. इसमें शोध नए प्रयोगों को प्रमुखता दी जाएगी. नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए 400 करोड़ रुपये के फ़ंड का ऐलान जो पिछली बार से तीन गुना ज्यादा है.
- उच्च शिक्षा में शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नेशनल रिसर्च फ़ाउंडेशन का प्रस्ताव रखा गया. सभी मंत्रालयों से मिलने वाली फ़ेलोशिप और छात्रवृत्तियां भी इससे जुड़ जाएंगी. ये विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से भी संपर्क में रहेगा.
- भारत को उच्च शिक्षा का केंद्र बनाने के लिए 'स्टडी इन इंडिया' स्कीम का ऐलान. इसके तहत विदेशी छात्रों को भारत में पढ़ने के लिए बुलाया जाएगा.
- खेलो इंडिया स्कीम (2017) के तहत नेशनल स्पोर्ट्स एजुकेशन बोर्ड का गठन किया जाएगा.
- युवाओं को स्टार्ट अप की तरफ़ प्रेरित करने के लिए अलग से एक स्टार्ट अप टीवी चैनल लॉन्च किया जाएगा. ये चैनल भी स्टार्टअप से जुड़े युवा ही चलाएंगे.
- स्टार्टअप कंपनियों के फ़ंड इवैल्युएशन की जांच नहीं होगी.
- कुछ शैक्षणिक संस्थानों को ज़्यादा स्वायत्तता दी जाएगी और इसके मद्देनज़र बिल संसद में विधेयक लाया जाएगा.
- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से एक करोड़ युवाओं को जोड़ा जाएगा. इससे शहरी और ग्रामीण युवाओं के बीच मौजूद 'डिज़िटल डिवाइड' को कम करने की कोशिश की जाएगी.
- युवाओं को रोबोटिक्स, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और 3डी प्रिंटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी.
एक ध्यान देने वाली बात ये भी है कि अपने पूरे भाषण में वित्तमंत्री ने बेरोज़गारी या इससे जुड़े आंकड़ों का कोई ज़िक्र नहीं किया.
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