छत्तीसगढ़: मतदान से एक दिन पहले संदिग्ध माओवादियों के छह धमाके, एक जवान की मौत
इमेज स्रोत, Mukesh Chandrakar
- Author, आलोक प्रकाश पुतुल
- पदनाम, रायपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
छत्तीसगढ़ के कांकेर में विधानसभा चुनाव के लिए होने वाले मतदान से एक दिन पहले संदिग्ध माओवादियों ने लगातार छह आईईडी विस्फोट किए, जिसमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक सब-इंस्पेक्टर की मौत हो गई.
इन विस्फोटों में ज़िला पुलिस बल के एक जवान के घायल होने की भी ख़बर है.
दूसरी ओर बीजापुर ज़िले में पुलिस ने मुठभेड़ में एक कथित माओवादी के मारे जाने का दावा किया है.
इमेज स्रोत, crpf
बीएसएफ़ की 35वीं बटालियन के थे जवान
नक्सल मामलों के डीआईजी सुंदरराज पी के अनुसार,"सीमा सुरक्षा बल की एक टुकड़ी एरिया डॉमिनेशन के लिए निकली थी, जहां माओवादियों द्वारा किए गये सीरियल ब्लास्ट की चपेट में आकर एक सब इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह की मौत हो गई."
पुलिस के अनुसार सीमा सुरक्षा बल की 35वीं बटालियन के जवान कोइलीबेड़ा थाना क्षेत्र के उदनपुर और गट्टाकाल के बीच ऑपरेशन के लिए निकले थे, जहां वे पहले से ही सड़क पर लगाए गए विस्फोटकों की चपेट में आ गए.
इधर एक अन्य घटना में बीजापुर के बेदरे में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक कथित माओवादी के मारे जाने का दावा किया है. पुलिस के अनुसार मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक राइफल के अलावा दूसरी संदिग्ध चीज़ें बरामद की हैं.
पुलिस ने सुकमा ज़िले के कन्हइगुड़ा में भी आठ किलो से अधिक का इंप्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस बरामद किया है.
इमेज स्रोत, CG KHABAR/BBC
लगातार हिंसक घटनाएं
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव क़रीब आने के साथ माओवादी हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं. बीते पंद्रह दिनों में माओवादियों की हिंसा में सुरक्षाबलों के 8 जवानों समेत कुल 16 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. इस दौरान सुरक्षाबलों ने 300 से भी अधिक जगहों से बारूदी सुरंग या आईईडी बरामद की है.
हालांकि शनिवार को ही छत्तीसगढ़ के लिए पार्टी का संकल्प पत्र जारी करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया था कि रमन सिंह सरकार ने प्रदेश को 'नक्सलवाद से लगभग मुक्त' कर दिया है.
इमेज स्रोत, Getty Images
छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 90 में से 18 सीटों पर सोमवार को मतदान होने हैं. बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर और राजनांदगांव ज़िले की 18 सीटों में से अधिकांश मतदान केंद्र माओवादी हिंसा के कारण संवेदनशील या अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं. बड़ी संख्या में संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट कर दिया गया है.
31 लाख से अधिक मतदाताओं वाली इन 18 सीटों पर सुरक्षाबलों के लगभग डेढ़ लाख जवान तैनात किए गए हैं.
माओवादी हिंसा को ध्यान में रखते हुए मोहला-मानपुर, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, केशकाल, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंटा ऐसे क्षेत्र हैं, जहां मतदान के लिए सुबह 7 बजे से दोपहर 3 तीन बजे तक का समय निर्धारित किया गया है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
टॉप स्टोरी
ज़रूर पढ़ें
सबसे अधिक लोकप्रिय
सामग्री् उपलब्ध नहीं है