अमृतसर हादसा : तस्वीरों की ज़बानी पूरी कहानी

इमेज स्रोत, BBC/Ravinder S Robin

पंजाब में अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास शुक्रवार को दशहरा मेले का आयोजन किया गया था.

शाम क़रीब साढ़े छह बजे रावण दहन का कार्यक्रम चल रहा था. इस दौरान एक तेज़ रफ़्तार डीएमयू ट्रेन जोड़ा फाटक से गुज़री और ट्रैक के पास खड़े होकर रावण दहन देख रहे बहुत से लोग इस ट्रेन की चपेट में आ गए.

इस हादसे में 62 लोगों की मौत हो गई है और डेढ़ सौ से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. रेलवे ट्रैक पर बिखरे जूते और चप्पल हादसे की भयावहता का बता रहे हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images

स्थानीय पत्रकार रविंदर सिंह रॉबिन ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ रेलवे ट्रैक के करीब स्थित आयोजन स्थल पर क़रीब सात हज़ार लोग मौजूद थे जबकि वहां महज़ दो से ढाई हज़ार लोगों के जमा होने की ही जगह है.

इमेज स्रोत, BBC/Ravinder S Robin

दशहरे के मौके पर हज़ारों की संख्या में लोग रावण दहन के लिए जमा हुए थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जब रावण के पुतले को आग लगाई गई तो मंच से लोगों से पीछे हटने की अपील की गई. इस वजह से भी काफ़ी लोग मैदान से हटकर रेलवे ट्रैक पर चले गए.

इमेज स्रोत, BBC/Ravinder S Robin

रावण दहन के दौरान पटाखों की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि रेलवे ट्रैक के पास और पास की एक दीवार पर जो लोग मौजूद थे उन्हें ट्रेन की आवाज़ सुनाई ही नहीं दी.

इमेज स्रोत, BBC/RAVINDER SINGH ROBIN

अमित कुमार का घर घटनास्थल के पास ही है. वह घटना के वक़्त अपने घर की छत पर मौजूद थे. उन्होंने बताया, "ट्रेन बहुत स्पीड में आई, ट्रेन ने कोई हॉर्न नहीं दिया. उस ट्रेन ने वहां खड़े सभी लोगों को कुचल दिया.

इमेज स्रोत, RAVINDER SINGH ROBIN/BBC

पुलिस कमिश्नर खुद राहत और बचाव काम की निगरानी कर रहे हैं. घायलों को इलाज मुफ्त दिया जा रहा है. लेकिन इस कार्यक्रम की अनुमति ली गई थी या नहीं, ये अभी पता नहीं चल सका है.

इमेज स्रोत, RAVINDER SINGH ROBIN/BBC

पत्रकार रविंदर सिंह रॉबिन ने बताया कि ये हादसा शाम साढ़े छह बजे हुआ लेकिन पुलिस और एंबुलेंस क़रीब एक घंटे बाद बाद घटनास्थल पर पहुंची.

इमेज स्रोत, RAVINDER SINGH ROBIN/BBC

जहां रावण दहन हो रहा था वहीं एक दीवार है जो रेलवे लाइन और मैदान को अलग करती है. लोग दीवार और रेलवे ट्रैक पर मौजूद थे. यहां तीन रेलवे लाइन हैं. पहले कहा जा रहा था कि दो ट्रेनें एक साथ गुज़री लेकिन बाद में रेल अधिकारियों ने बताया कि अमृतसर हावड़ा ट्रेन पहले ही गुज़र चुकी थी. हादसे के वक्त डीएमयू ट्रेन गुज़र रही थी.

इमेज स्रोत, RAVINDER SINGH ROBIN/BBC

प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने भी घायलों को हटाने में मदद की लेकिन स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा भी है. काफी संख्या में लोग अब भी घटनास्थल पर मौजूद हैं.

इमेज स्रोत, RAVINDER SINGH ROBIN/BBC

जिस समय हादसा हुआ उस समय पंजाब के मंत्री नवजोत सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर भी मौजूद थीं. प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि हादसे के बाद वो वहां से तुरंत निकल गईं. हालांकि उनका कहा है कि नेताओं और विधायकों को हर जगह कार्यक्रम में जाना होता है. यहां हर साल कार्यक्रम होता है. कार्यक्रम ख़त्म होने के बाद मैं घर चली गई.

इमेज स्रोत, TWITTER/@CAPTAMRINDER

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मृतकों के परिजन को 5 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)