भारत की आज़ादी का जश्न
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भारत अपनी आज़ादी की 72वीं सालगिरह मना रहा है.
बुधवार को लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया.
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प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने पाँचवीं और इस कार्यकाल में आख़िरी बार लाल किले पर तिरंगा फ़हराया.
मोदी ने क़रीब 80 मिनट का भाषण दिया. उन्होंने आयुष्मान भारत स्कीम, साल 2022 से पहले भारत के अंतरिक्ष में मानव मिशन और सशस्त्र बलों में महिलाओं को स्थाई कमीशन देने की तीन बड़ी घोषणाएं कीं.
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इसके अलावा मोदी ने साल 2013 के पहले की कांग्रेस सरकार के कामों से अपनी सरकार के कामों की तुलना की.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व भारत करे, इसके लिए मैं अधीर हूँ. देश अपनी क्षमता और संसाधनों का पूरा लाभ उठाए."
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मोदी ने अपने भाषण में गुजरात की एक कहावत का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा, "निशान चूक माफ़, लेकिन नहीं माफ़ नीचा निशान. लक्ष्य बड़े नहीं होंगे तो विकास की राह भी अटक जाती है. इसलिए हम बड़े लक्ष्य लेकर आगे बढ़ने का प्रयास करें."
मोदी ने कहा, "जलियांवाला बाग के नरसंहार के 100 वर्ष हो रहे हैं. मैं उन सभी वीरों को नमन करता हूं."
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इससे पहले स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश को संबोधित किया.
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उन्होंने अपने भाषण में तिरंगे को देश की अस्मिता का प्रतीक बताया और कहा कि देश एक निर्णायक दौर से गुज़र रहा है, ऐसे में ध्यान भटकाने वाले मुद्दों में उलझने और निरर्थक विवादों में पड़ने की बजाए सभी को एकजुट होकर ग़रीबी, अशिक्षा और असमानता को दूर करने का प्रयास करना चाहिए.
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