'गौरी लंकेश की हत्या में नक्सलियों और दक्षिणपंथियों की भूमिका की जांच हो'
इमेज स्रोत, TWITTER
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
बेंगलुरु में वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश के भाई और बहन ने उनकी हत्या की जांच के दायरे में धुर दक्षिणपंथी गुटों के साथ साथ धुर वामपंथी गुटों (माओवादियों) को भी लाने की मांग पर सफ़ाई दी है.
जानी-मानी पत्रकार गौरी लंकेश की मंगलवार को बेंगलुरु में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
एक पत्रकार के तौर पर गौरी लंकेश दक्षिणपंथी राजनीति को लेकर आलोचनात्मक रुख रखती थीं.
मीडिया में गौरी लंकेश के भाई इंद्रजीत लंकेश का एक बयान आ रहा था जिसमें उन्होंने शक जताया था कि गौरी की हत्या में उन माओवादियों का हाथ हो सकता है जो गौरी से इसलिए ख़ुश नहीं थे क्योंकि वो कई माओवादियों को मुख्यधारा में वापस ले आई थीं.
इमेज स्रोत, IMRAN QURESHI
इंद्रजीत लंकेश ने बताया, ``मैं अपने पक्ष पर कायम हूं. मैंने कहा था कि नक्सली भी इसमें शामिल हो सकते हैं या फिर दक्षिणपंथी कट्टरपंथी भी शामिल हो सकते हैं. हमें सभी पहलुओं को देखना होगा.''
उन्होंने कहा, `` जब गौरी उनमें से कइयों को मुख्यधारा में लाईं तो उन्हें नफ़रत भरे कई ई-मेल और संदेश मिले. हम इन सभी पहलुओं को देखेंगे तो इससे डॉ एम एम कलबुर्गी की हत्या जैसे मसलों को भी सुलझा सकते हैं.''
इमेज स्रोत, FACEBOOK
हालांकि गौरी की बहन कविता लंकेश कहती हैं कि उन्होंने इस बारे में मीडिया से कोई बात नहीं की है.
कविता ने सफाई देते हुए कहा, ''500 अलग-अलग संभावनाएं हो सकती हैं. लेकिन मेरा मानना है कि सिर्फ़ एक संभावना है कि जो लोग उनकी विचारधारा के विरोधी थे वो ही उनकी हत्या के पीछे का कारण हैं.''
उन्होंने कहा, ''उनकी व्यक्तिगत तौर पर किसी से दुश्मनी नहीं थी, ख़ास तौर पर उनकी ज़िन्दगी में कुछ बहुत निजी नहीं था जिसके बारे में बात की जाए.''
इमेज स्रोत, IMRAN QURESHI
कविता कहती हैं, ``वो नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने की समर्थक थीं. मैं खुश हूं कि हमारे राज्य में उन इलाकों में हिंसा कम हुई है. अगर नक्सलियों ने उनकी हत्या की है तो मुझे शर्मिंदगी होगी. मैं नहीं समझती हूं कि ऐसा हुआ होगा.''
इमेज स्रोत, FACEBOOK IMAGE
इंद्रजीत लंकेश ने कहा कि उनकी बहन को नक्सली या नक्सलियों की समर्थक बताया जा रहा है जो ग़लत है.
वो कहते हैं, ''वो धुर वामपंथी विचारधारा वाली थीं लेकिन वो मुख्यधारा में थीं. वो सरकार के साथ मिलकर माओवादियों को मुख्यधारा में लाने के लिए काम कर रही थीं.''
क्या मायने हैं इंद्रजीत के बयान के?
इंद्रजीत का बयान दो कारणों से महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि ये गौरी को नक्सल समर्थक बताने वाले बीजेपी के समर्थकों की राय से मेल खाता है.
इमेज स्रोत, IMRAN QUERESHI
दूसरा, कांग्रेस सरकार की तरफ़ से विधान परिषद के लिए नामांकित नहीं किए जाने की वजह से नाराज़ इंद्रजीत के बीजेपी में जाने की चर्चा थी.
वो कहते हैं, '' मैं बीजेपी में नहीं हूं. मैं पत्रकार हूं और किसी भी पार्टी की सरकार हो, मैं विपक्ष में रहता हूं. मेरे पिता ने मुझे सरकार के विरोध में रहना सिखाया है.''
तो सवाल ये है कि क्या कुछ माओवादियों को मुख्यधारा में वापस लाने वाली गौरी लंकेश की हत्या के पीछे माओवादी हो सकते हैं ?
गौरी की मदद से मुख्यधारा में लौटे पूर्व माओवादी देवेंद्र कहते हैं,`` नक्सली उन लोगों को नहीं मारते जो उनसे सहानुभूति रखते हैं. अगर कोई हत्या होती तो वो इसकी ज़िम्मेदारी लेते और गौरी का बहुत सम्मान किया जाता है.''
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)
टॉप स्टोरी
ज़रूर पढ़ें
सबसे अधिक लोकप्रिय
सामग्री् उपलब्ध नहीं है