भारत का बीफ़ एक्सपोर्ट 11 प्रतिशत गिरा
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भारत सरकार के अधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक देश से भैंस के मांस के निर्यात में 11 प्रतिशत की गिरावट आई है.
इस साल अप्रैल में बीफ़ का एक्सपोर्ट बीते साल इसी समय के मुक़ाबले लगभग 11 प्रतिशत कम रहा है.
भारत दुनिया का सबसे बड़ा बीफ़ एक्सपोर्टर है लेकिन हाल के महीनों में अवैध बूचड़खानों को लेकर चले अभियान का असर इस पर पड़ा है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक भारत का मांस निर्यात का कारोबार सालाना 4.8 अरब डॉलर का है.
सबसे ज़्यादा असर
सबसे ज़्यादा असर उत्तर प्रदेश के मांस कारोबार पर हुआ है जहां सत्ता में आई भाजपा सरकार ने अभियान चलाकर अवैध बूचड़खाने बंद कराए हैं.
ऑल इंडिया मीट एंड लाइवस्टॉक एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता फ़ैज़ान अलवी ने एएफ़पी से कहा, "भारत विश्व में बीफ़ का सबसे बड़ा निर्यातक है लेकिन इस गिरावट के बाद बहुत मुमकिन है कि भारत ने वो जगह खो दी हो."
भाजपा सरकार ने बीते महीने पशु बाज़ारों में बूचड़खानों के लिए पशुओं की बिक्री पर रोक लगा दी थी जिसका असर मांस कारोबार पर पड़ सकता है.
मांग
ऑल इंडिया मीट एक्सपोर्टर्स एसोशिएसन इस प्रतिबंध को हटाए जाने की मांग कर रही है.
एसोसिएशन के प्रमुख डीबी सब्बरबाल कहते हैं, "हम सबके कारोबार पर असर हुआ है. न ही अंतरराष्ट्रीय ख़रीददार ऑर्डर दे रहे हैं और न ही हम ऑर्डर ले पा रहे हैं क्योंकि हम नहीं जानते की हम मांस की सप्लाई कर पाएंगे या नहीं."
गायों का वध रोकने के लिए अधिकारियों ने बूचड़खानों की जांच कड़ी कर दी है जिसका असर कारोबार पर हुआ है.
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भारत में हिंदू गाय की पूजा करते हैं और देश के अधिकतर हिस्सों में गोहत्या अपराध है. भारत गोमांस का निर्यात नहीं करता है.
आलोचकों का कहना है कि पशु हत्या को लेकर सरकार की कड़ी नीतियों का असर मांस कारोबार पर पड़ रहा है.
गोहत्या रोकना सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी का अहम चुनावी मुद्दा है.
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