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यूपी के बलरामपुर में युवती से गैंगरेप, मुठभेड़ के बाद दो अभियुक्त गिरफ़्तार
- Author, सैयद मोज़िज इमाम
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ से
- पढ़ने का समय: 5 मिनट
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर ज़िले में एक लड़की से गैंगरेप के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ़्तार किया है. लड़की बोल और सुन नहीं सकती.
यह वारदात 11 अगस्त की रात हुई है.
एसपी आवास के पास लगे सीसीटीवी कैमरे के वीडियो में लड़की सड़क पर भागती दिखाई दे रही है.
पुलिस का कहना है कि दो अभियुक्तों को मुठभेड़ के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया है.
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बलरामपुर के एसपी विकास कुमार ने कहा है, "जांच में अभियुक्त अंकुर वर्मा और हर्षित पांडे की पहचान हुई है. मंगलवार रात मुठभेड़ के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया."
पुलिस ने बताया है कि मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि हुई है.
परिवार ने क्या बताया?
ये घटना उस समय हुई जब युवती अपने ननिहाल से घर लौट रही थी. युवती के परिजनों का आरोप है कि रास्ते में उसका अपहरण कर लिया गया था.
लड़की के भाई ने बताया, "वो मेरे मामा के यहां गई हुई थी और वहां से सोमवार शाम 7:30 बजे निकली थी. मेरी बहन को रास्ते में दो युवकों ने अगवा कर लिया था और खेत में ले जाकर रेप किया."
युवती के भाई के मुताबिक, "वो रात में घर नहीं पहुंची थी तो हमने उसकी तलाश शुरू की थी. बोल और सुन नहीं पाने के कारण वह मदद के लिए आवाज़ नहीं लगा पाई."
उन्होंने बताया कि युवती पुलिस चौकी के पास से मिली थी.
लड़की के भाई ने कहा, "उसे जिला महिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों का कहना है कि उसकी हालत स्थिर है लेकिन वो सदमे में है.
लड़की को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है.
लड़की के भाई ने बताया, "एसपी आवास के पास लगे एक कैमरे में से 14 सेकंड का वीडियो मिला है, जिसमें वो भागती हुई दिखाई दे रही हैं. एक दूसरे सीसीटीवी वीडियो में मेरी बहन को बाइक पर ले जाते हुए दो लोग दिखाई दिए हैं."
परिजनों का आरोप है कि बहादुरपुर पुलिस चौकी के 3-4 सीसीटीवी कैमरे बंद थे. मंगलवार दोपहर में युवती के भाई की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था.
पुलिस का कहना है कि बोल और सुन नहीं पाने के कारण युवती ने इशारों में ही अपना बयान दिया.
विपक्ष का आरोप
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर ज़िला मुख्यालय के पास हुई इस वारदात को लेकर पुलिस पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
इस घटना के बाद विपक्ष भी सरकार को घेर रही है.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "क़ानून-व्यवस्था का दावा करने वाले इस मामले में जनता से आँख मिलाकर कुछ कहना चाहेंगे? पीड़िता को हर संभव राहत-सहायता और चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए. अपराधियों को सख़्त से सख़्त सज़ा दी जाए, एनकाउंटर का दिखावा न किया जाए.''
समाजवादी पार्टी ने डीएम और एसपी को निलंबित करने की मांग की है.
ये घटना डीएम-एसपी आवास से कुछ दूरी पर ही हुई है.
कांग्रेस प्रवक्ता रफ़त फ़ातिमा ने बीबीसी हिन्दी से कहा, "इस तस्वीर से शर्मनाक और भयावह क्या हो सकता है कि एक बच्ची को सड़क पर इस तरह आवारा लड़कों से अपनी आबरू बचानी पड़ रही है. लानत है ऐसी व्यवस्था पर जहां अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं. क्या इस तरह सुरक्षित रह पाएंगी देश की बेटियां."
वहीं इस घटना को लेकर बीजेपी ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की और विपक्ष पर निशाना साधा.
बीजेपी की प्रवक्ता अनिला सिंह का कहना है, ''पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया. इससे पता चलता है कि पुलिस दिखावटी बातें नहीं करती, बल्कि कार्रवाई में विश्वास रखती है. यौन उत्पीड़न के मामलों में समय पर चार्जशीट दाख़िल करने में मजबूत प्रदर्शन के साथ उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया है.''
उन्होंने आरोप लगाया, ''तुलनात्मक रूप से, अखिलेश यादव के कार्यकाल में कानून व्यवस्था की स्थिति में कार्रवाई में तेजी नहीं थी.''
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस का दावा है कि उसने घटना के महज 24 घंटे के भीतर ही दोनों अभियुक्तों को मुठभेड़ के बाद गिरफ़्तार कर लिया है.
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने देर रात मीडिया को जारी किए गए अपने एक बयान में कहा था, "11 अगस्त 2025 की रात में, थाना कोतवाली देहात को एक व्यक्ति की तरफ़ से एक शिकायत मिली, जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी बहन के साथ रेप हुआ है. पुलिस ने तत्काल इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया."
उन्होंने कहा, "मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की थी, आगे की कार्रवाई की जा रही है."
पुलिस इस मामले की जांच में और भी तथ्य तलाशने का प्रयास कर रही है. पुलिस का कहना है कि वो इस बात का पता लगा रही है कि इस घटना में और लोग तो शामिल नहीं हैं.
पुलिस के एक स्थानीय अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि एक अभियुक्त लड़की के ननिहाल के पास रहता है, उसने जब लड़की को अकेले जाते हुए देखा तो लिफ्ट देने के बहाने बाइक पर बैठा लिया था.
लड़की के दौड़ने वाले फुटेज पर पुलिस का दावा है कि अंधेरा होने की वजह से वो जल्दी में दौड़ रही थी. इसके बाद ही अभियुक्तों ने बाइक पर बैठाया है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित