रोहित शर्मा ने यशस्वी जायसवाल को डेब्यू से पहले क्या समझाया
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- Author, विमल कुमार
- पदनाम, खेल पत्रकार, डोमिनिका से
वेस्टइंडीज़ में क्रिकेट को लेकर दीवानगी तो है लेकिन पागलपन वाला जूनून स्टार खिलाड़ियों के लिए नहीं दिखता है.
बारबाडोस में टीम इंडिया अभ्यास कैंप के लिए पाँच दिन के लिए रुकी तो किसी को ये समझ में नहीं आया कि आख़िर पहला टेस्ट जब डोमिनका में है तो ज़्यादा अभ्यास बारबाडोस में क्यों?
इसकी सबसे बड़ी वजह है क्रिकेट के लिए आधारभूत सुविधाओं की कमी और दूसरा यहां का बारिश वाला मौसम. मंगलवार को पूरे दोपहर तक यहाँ बारिश होती रही और दोनों टीमों को मैच से ठीक एक दिन पहले वाला नेट- प्रैक्टिस सेशन रद्द करना पड़ा.
मेज़बान टीम के लिए तो ये बड़ा झटका रहा क्योंकि वो आए ही इस शहर में रविवार शाम को और सोमवार को भी उनका अभ्यास सत्र बारिश की बजह से नहीं हो पाया.
टीम इंडिया के लिए देखा जाय तो मैच से पहले तीनों दिन के अभ्यास सत्र वैकल्पिक थे, जिसमें पहले दिन सिर्फ़ कप्तान रोहित शर्मा नहीं आये थे जबकि दूसरे दिन विराट कोहली, रविचंद्रन अश्विन, मुकेश कुमार और रितुराज गायकवाड़ ने आराम करने का फ़ैसला किया.
लेकिन, दोनों दिन अभ्यास में अगर कॉमन खिलाड़ियों की बात करें तो युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल की जोड़ी मैदान में ज़बरदस्त तरीके से बल्लेबाज़ी अभ्यास के साथ साथ फील्डिंग अभ्यास में जुड़ी रही. यही हाल टीम के उप-कप्तान और सीनियर बल्लेबाज़ अंजिक्या रहाणे का रहा.
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रोहित की सलाह
मुंबई के इस बल्लेबाज़ ने पहले दिन विराट कोहली के साथ नेट्स पर साथ-साथ आधे घंटे का अभ्यास किया तो अगले दिन वो ठीक उसी समय और उतना ही समय रोहित शर्मा के साथ बल्लेबाज़ी करते हुए नज़र आए.
रोहित और रहाणे के लिए ये एक तरह से बचपन से क्रिकेट साथ-साथ खेलने के बाद अब अपने करियर के आख़िर दौर में आनंद उठाने का रहा.
यही वजह है कि जब रहाणे प्रेस कांफ्रेस के लिए आये तो रोहित भी पत्रकार की भूमिका में नज़र आये और उनसे सवाल किया. पूरे प्रेस कांफ्रेस में रोहित ने लगातार रहाणे को हंसाते रहने के लिए बहुत बार अपने चेहरे के भाव बदले.
मैंने मैच की पूर्व संध्या पर रोहित से ये सवाल किया कि क्या कोहली, रहाणे और ख़ुद कप्तान पर अतिरिक्त दबाव होगा- रोहित ने शुरुआत में माना कि हां होगा और उन्हें इस सिरीज़ में बेहतर खेल दिखाना होगा.
लेकिन जवाब के अंत में उन्होंने ख़ुद को सुधारा और ये कहा कि ये टीम गेम है और सीनियर हो चाहे जूनियर सब बराबर हैं और जीत के लिए हर खिलाड़ी को अहम भूमिका निभानी पड़ेगी.
बहरहाल, प्लेइंग इलेवन को लेकर कप्तान रोहित शर्मा की सोच में ईमानदारी और पारदर्शिता देखने को मिली क्योंकि हाल के दशक में ऐसा शायद ही होता है जब विदेशी ज़मीं पर ख़ास तौर पर कप्तान 24 घंटे पहले ये बता दे कि एक नया ओपनर टीम के साथ होगा और ओपनर को तीसरे नंबर पर क्यों भेजा जा रहा है.
रोहित के मुताबिक़ उनके साथी ओपनर शुभमन गिल ने कोच राहुल द्रविड़ से ये गुज़ारिश की थी कि उनका गेम तीसरे नंबर के लिए ज़्यादा बेहतर है और वो वहां बल्लेबाज़ी करना पसंद करेंगे.
कई मायनों में देखा जाए तो नए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप वाले दौर में अब बदलाव का दौर शुरू हो गया है. चेतेश्वर पुजारा को पहले ही टीम में चुना नहीं गया है और मुमकिन है कि जब 2025 में इंग्लैंड में डब्ल्यूटीसी फाइनल होगा तो उस मैच में ना तो रोहित ना रहाणे और हो सकता है कि कोहली भी नज़र ना आएं.
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युवाओं से भरी टीम
इसलिए ज़रूरी है कि ना सिर्फ़ जायसवाल और गिल कामयाब हों बल्कि आने वाले वक़्त में रितुराज गायकवाड़ को भी मौक़े मिले.
रोहित शर्मा ने रविचंद्रण अश्विन और रविंद्र जाडेजा का नाम तो नहीं लिया लेकिन प्लेइंग इलवेन में दो स्पिनर के होने की बात जैसे ही उन्होंने मानी तो ये अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं है कि यही दिग्गज जोड़ी टीम में होगी.
अक्षर पटेल को विदेशी ज़मीं पर टेस्ट मैच खेलने के लिए लंबा इतंज़ार करना पड़ेगा. लेकिन, तेज़ गेंदबाज़ जयदेव उनादकट का बायें हाथ के तेज़ गेंदबाज़ के तौर पर प्लेइंग इलेवन में होना लगभग औपचारिकता है जबकि मोहम्मद सिराज़ इस टीम के सबसे अनुभवी गेंदबाज़ होंगे.
वहीं तीसरे सीमर के लिए ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर और युवा मुकेश कुमार के बीच मुक़ाबला है. लेकिन, अभ्यास सत्र के दौरान ठाकुर के लंबे स्पैल गेंदबाज़ी करते हुए और बल्लेबाज़ी नेट्स पर भी ज़्यादा वक़्त बिताने के चलते उनकी संभावना ज़्यादा दिखती है.
बिना दबाव के खेलने की सलाह
एक ख़ास बात कप्तान रोहित शर्मा की यशस्वी जायसवाल के लिए. टेस्ट डेब्यू कराने से पहले रोहित नेट्स पर अलग से जायसवाल को ले गए और उन्हें कहा कि उन्हें बिंदास खेलना है. इस बात की परवाह नहीं करनी है कि ये बड़ा स्टेज और टेस्ट क्रिकेट है.
रोहित ने ख़ास मोटिवेशनल सत्र में यह कहते नज़र आए कि ‘आपको बहुत सारे लोग जिसमें मैं ख़ुद कप्तान, कोच और सीनियर खिलाड़ी अलग-अलग सलाह देंगे और हर किसी की नीयत सही है लेकिन आपको भटकना नहीं है.’
‘मैं कप्तान के तौर पर खिलाड़ी के तौर पर अपने निजी अनुभव से आपको डेब्यू से पहले यही कहना चाहता हूं कि आप जब बल्लेबाज़ी करने के लिए उतरें तो उस वक्त यही सोचें कि आप वहां के राजा हो. आपने अब तक हर तरह की क्रिकेट में अपना दबदबा बिखेरा है और उसी के चलते आप यहां तक पहुंचे हो.’
‘आपमें प्रतिभा है, काबिलियत है और आप अच्छा करेंगे. जाएं इस पल का आनंद उठायें क्योंकि ज़िंदगी में हर रोज़ आपको टेस्ट कैप नहीं मिलती है.’
ये यशस्वी के लिए भावुकता के साथ रोमांचित करने वाले पल थे.
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