You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के संदेह में गिरफ़्तारी के बाद रिहा
- एंड्रयू को सार्वजनिक पद में कदाचार के संदेह में गिरफ़्तारी के बाद जांच के तहत रिहा कर दिया गया है.
- किंग चार्ल्स के भाई एंड्रयू माउंटबेटन को विंडसर सैंड्रिंघम एस्टेट स्थित उनके घर से गिरफ़्तार किया गया था.
- किंग चार्ल्स ने एंड्रयू की गिरफ़्तारी पर कहा कि क़ानून को उसका काम करने दिया जाए.
- दोषी यौन अपराधी जेफ़री एपस्टीन से संबंध रखने के आरोप में एंड्रयू माउंटबेटन के ख़िलाफ़ जांच हो चुकी है.
- एंड्रयू माउंटबेटन अपने ऊपर लगे आरोपों को ख़ारिज किया है.
- एंड्रयू 66 साल के हैं. उन्होंने एपस्टीन फ़ाइल से संबंधित अपने आरोपों पर बीबीसी का सवालों का जवाब नहीं दिया था.
एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के संदेह में गिरफ़्तारी के बाद जांच के तहत रिहा कर दिया गया है.
किंग चार्ल्स तृतीय ने एंड्रयू की गिरफ़्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ''क़ानून को अपना काम करने देना चाहिए.''
पुलिस ने पहले कहा था कि वह एंड्रयू के ख़िलाफ़ यौन अपराधी जेफ़्री एप्स्टीन के साथ उनके संबंधों से जुड़े आरोपों के संदर्भ में जांच पर विचार कर रही है.
पुलिस ने यह भी कहा था कि उन आरोपों की समीक्षा कर रही है, जिनमें गोपनीय सामग्री साझा करने का दावा किया गया है.
एंड्रयू ने किसी भी तरह के ग़लत काम से लगातार और पूरी दृढ़ता के साथ इनकार किया है.
पिछले साल ही वो 'प्रिंस' का ख़िताब खो चुके थे. उन्हें विंडसर के महल रॉयल लॉज को भी छोड़ना पड़ा था.
यह पहली बार था जब किसी पूर्व राजकुमार को गिरफ़्तार किया गया.
उन पर दोषी यौन अपराधी जेफ़री एपस्टीन से संबंधों को लेकर कई आरोप लगते रहे हैं.
हालांकि एंड्रयू ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है.
एंड्रयू माउंटबेटन को सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के संदेह में गिरफ़्तार किया गया है.
किंग चार्ल्स का बयान
एंड्रयू की गिरफ्तारी के बाद किंग चार्ल्स ने बयान दिया है. उनका पूरा बयान इस तरह से है.
"एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर और सार्वजनिक पद में अनुचित व्यवहार के संदेह से जुड़ी ये ख़बर चिंताजनक है. पूरी, निष्पक्ष और उचित प्रक्रिया के तहत इस मामले की जांच की जाएगी, और इसे उपयुक्त प्राधिकरण द्वारा उचित तरीके से संभाला जाएगा. जैसा कि मैंने पहले कहा है, इस प्रक्रिया में उन्हें हमारा पूरा और निस्वार्थ समर्थन और सहयोग रहेगा. मैं साफ़ तौर पर कहना चाहता हूं कि कानून अपना काम करेगा. जैसे-जैसे यह प्रक्रिया आगे बढ़ती है, मेरे लिए इस मामले पर और टिप्पणी करना उचित नहीं होगा. इस बीच, मेरा और मेरे परिवार का कर्तव्य और सेवा आप सभी के प्रति जारी रहेगी."
पुलिस ने क्या कहा
एंड्रयू की गिरफ़्तारी के बाद टेम्स वैली पुलिस ने बयान जारी किया है.
इसमें कहा गया है, "जांच के हिस्से के रूप में हमने आज (19/2) नॉरफोक के एक 60 साल से अधिक उम्र के शख़्स को सार्वजनिक पद पर कदाचार के संदेह में गिरफ़्तार किया है. साथ ही बर्कशायर और नॉरफोक में स्थित पतों पर तलाशी की जा रही है. वह व्यक्ति फ़िलहाल पुलिस हिरासत में है.''
इसमें कहा गया है, ''राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के मुताबिक़ हम गिरफ़्तार व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं करेंगे. कृपया यह भी ध्यान रखें कि इस मामले में कार्रवाई चल रही है इसलिए किसी भी प्रकार का प्रकाशन करते समय अदालत की अवमानना से बचने के लिए सावधानी बरती जाए."
सहायक मुख्य कांस्टेबल ओलिवर राइट ने कहा, "विस्तार से आकलन के बाद हमने सार्वजनिक पद पर कदाचार के इस आरोप की जांच शुरू कर दी है.''
'' यह अहम है कि हम अपने साझेदारों के साथ मिलकर इस कथित अपराध की जांच करते समय जांच की निष्पक्षता और वस्तुनिष्ठता की रक्षा करें''
''हम समझते हैं कि इस मामले में सार्वजनिक दिलचस्पी बहुत अधिक है, और उचित समय पर हम जानकारी साझा करेंगे."
कौन हैं एंड्रयू माउंटबेटन
एंड्रूयू माउंटबेटन ब्रिटेन के किंग चार्ल्स के भाई हैं. पिछले साल ही वो 'प्रिंस' का ख़िताब खो चुके थे. उन्हें विंडसर के महल रॉयल लॉज को भी छोड़ना पड़ा था.
यौन अपराध के दोषी जेफ़री एपस्टीन के साथ उनके संबंधों को लेकर कई हफ़्तों से चल रही गहन जांच के बाद ये फ़ैसला लिया गया था.
उनके बारे में बकिंघम पैलेस की ओर से कहा गया है कि अब किंग के भाई को एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर के नाम से जाना जाएगा.
एंड्रयू ने अपने निजी जीवन पर उठते सवालों को देखते हुए अपने दूसरे शाही ख़िताब भी छोड़ दिए थे. इनमें ड्यूक ऑफ़ यॉर्क भी शामिल था.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.