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यूरो 2024 में सोलह साल के 'सुपरस्टार का उदय', इतिहास रचने वाला गोल और तारीफ़ों के पुल बांधते लोग
- Author, गेरी रोज़
- पदनाम, बीबीसी स्पोर्ट्स, म्यूनिख
यूरोपीय देशों का फ़ुटबॉल टूर्नामेंट यूरो 24 अब अपने अंतिम चरण में है. इसका पहला सेमीफ़ाइनल स्पेन और फ़्रांस के बीच भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 12.15 बजे हुआ.
अक्सर यूरोपीय चैंपियनशिप में ऐसा गोल होता है जो समय की कसौटी पर खरा उतरता है. इसे दशकों तक याद किया जाता है. बार-बार इसके वीडियो शेयर होते हैं और इसकी ख़ूबियों का बख़ान होता है.
यूरो 1988 में मार्को वैन बास्टेन की एंगल्ड वॉली ऐसे ही अविस्मरणय गोलों में से एक था. इसके बाद यूरो 1996 में पॉल गेसकॉइन की गोलपोस्ट की तरफ़ कामयाब दौड़ और उसी टूर्नामेंट में कारेल पोबोर्स्की का हल्के से चिप के सहारे गोल भी कभी न भूलने वाले गोलों में शामिल हैं.
यूरो 2024 के सेमीफाइनल में फ्रांस के ख़िलाफ़ स्पेन के लिए लमीन यमाल का इतिहास रचने वाला गोल भी इस सूची में जोड़ा जा सकता है.
भारतीय समयानुसार बुधवार तड़के म्यूनिख में हुए यूरो 2024 के पहले सेमीफ़ाइनल में जब स्पेन फ़्रांस से 1-0 से पिछड़ रहा था, तब यमाल ने बॉक्स के बाहर से गोलपोस्ट के टॉप कॉर्नर से शानदार गोल दाग दिया. इस गोल ने यमाल का नाम इतिहास की किताबों में शामिल करवा दिया है.
16 साल और 362 दिन की उम्र में वह टूर्नामेंट के इतिहास में स्कोर करने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति बन गए हैं.
लेकिन इससे भी बड़ी उपलब्धि शायद ये थी कि जिस शख़्स ने भी ये गोल देखा वो आश्चर्यचकित रह गया.
इंग्लैंड के पूर्व स्ट्राइकर गेरी लिनेकर ने बीबीसी को बताया, "एक सुपरस्टार पैदा हो गया है. ये केवल इस मैच का ही नहीं बल्कि लगता है कि पूरे टूर्नामेंट का सबसे यादगार लम्हा है."
इंग्लैंड के अन्य पूर्व स्टार एलन शेरर ने कहा, "एक अद्भुत गोल. हम सारे टूर्नामेंट के दौरान इस बात की चर्चा कर रहे थे कि यमाल कितनी कम उम्र के हैं. और फिर ऐसा गोल दागना - यक़ीन नहीं होता."
'एक जिनियस किक'
उस बाकमाल गोल को देखकर एलियांज एरिना में बैठे दर्शक और दुनिया भर में टीवी पर लाइव देख रहे प्रशंसक हतप्रभ रह गए.
जब गोल हुआ तो स्पीड के कारण उसकी ख़ूबियां उतनी नज़र नहीं आईं लेकिन स्लो मोशन में जब इसे दिखाया गया तो समझ आया कि ये सालों में होने वाला गोल है.
यमाल की टीम एक अहम टूर्नामेंट में एक-शून्य से पिछड़ रही थी. सभी खिलाड़ी दबाव में खेल रहे थे. और इस तनाव के बीचे यमाल ने मैच का रुख़ पलट दिया.
इस हेवीवेट मुक़ाबले की तैयारी में किसी भी चरण में यमाल में घबराहट के लक्षण नहीं दिखे.
सेमीफ़ाइनल शुरू होने से कुछ घंटे पहले वह मैदान पर अपने साथियों के साथ मुस्कुरा रहे थे और मजाक कर रहे थे. अपने प्रदर्शन में भी यमाल ने उस आत्मविश्वास को बरकरार रखा.
स्पेन के फ़ुटबॉल कोच बॉस लुइस डी ला फुएंते ने यमाल के गोल के बारे में कहा, "हमने एक जिनियस गोल देखा है. अब हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम उसका ख़ास ख़्याल रखें. मैं चाहूँगा कि वो ऐसे ही विनम्र रहें और अपने पैर ज़मीन पर ही रखें… बस लगातार सीखते रहें."
उन्होंने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो यमाल अपनी उम्र से कहीं अधिक अनुभवी खिलाड़ी लगते हैं. मैं तो बस इस बात का जश्न मना रहा हूँ कि वे हमारी टीम में हैं."
"हमें यमाल पर भरोसा है. उम्मीद है कि हम आने वाले वर्षों उनके खेल का आनंद ले सकेंगे."
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यमाल बस जीतना चाहते हैं… हर हाल में
यमाल अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं लेकिन अपने क्लब बार्सिलोना में उन्होंने पहले ही रिकॉर्ड बुक्स में जगह बना ली है.
वे स्पैनिश टीम के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी और गोल स्कोरर बन गए हैं. इससे पहले वे स्पेन की ला लीगा में सबसे कम उम्र के स्कोरर भी बने थे.
यमाल 13 जुलाई को 17 साल के हो जाएंगे यानी यूरो 2024 के फाइनल से एक दिन पहले.
अपनी सोच की झलक देते हुए यमाल ने कहा कि वे अपना जन्मदिन मनाने के लिए बस "जीत, जीत, जीत और जीत" पर ही ध्यान देंगे.
फ़ाइनल में स्पेन का मुक़ाबला इंग्लैंड और नीदरलैंड्स के बीच होने वाले दूसरे सेमीफ़ाइनल के विजेता से होगा.
लेकिन सामने जो भी टीम हो, उस टीम को बस एक ही सलाह है कि वो इस युवक को उकसाए न. क्योंकि फ़्रांस के ख़िलाफ़ मैच से पहले उनके मिडफ़ील्डर एडरियां राबियो ने कहा था कि यमाल ने अब तक टूर्नामेंट में जो प्रदर्शन किया है, उससे बेहतर खेलना होगा.
मैच के बाद यमाल ने टीवी कैमरे की ओर देखते हुए चिल्ला कर कहा - "अब बोलो, बोलो अब."
इंग्लैंड के पूर्व डिफ़ेडर रियो फ़र्डिनेंट कहते हैं, "ऐसा लग रहा था कि मानो यमाल ने राबियो को देखा और सोचा कि मैं तुम्हें दिखाता हूँ."
"ये एक बच्चे का अद्भुत गोल था."
यमाल मैच के बाद सुबह सवा बाहर बचे पोस्ट मैच प्रेसवार्ता में पहुँचे.
वहां पत्रकारों ने उनसे पूछा गया कि 'अब बोलो' वाला बयान किसके लिए था?
यमाल का जवाब था, "जिस शख़्स के लिए ये बयान था वो जानता है कि ये बयान उसके लिए है."
"अपनी राष्ट्रीय टीम के लिए गोल करना और फ़ाइनल में पहुँचना एक सपने का सच होने जैसा है."
यमाल ने प्रेसवार्ता का सामना भी उसी आत्मविश्वास के साथ किया जिसके साथ वो मैदान पर फ़ुटबॉल खेल रहे थे.
अब यमाल का फ़ोकस रविवार को बर्लिन में होने वाले फ़ाइनल पर है.
ये पूछे जाने पर कि वो किसके साथ फ़ाइनल खेलना चाहेंगे - इंग्लैंड या नीदरलैंड्स?
यमाल ने कहा, "मुझे फ़र्क नहीं पड़ता. जब आप फ़ाइनल में हो तो आपको अपना बेहतरीन प्रदर्शन करना होता है. सामने जो भी हो, हम डटकर खेलेंगे."