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रविवार, 12 फ़रवरी, 2006 को 16:21 GMT तक के समाचार
 
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वाघा सीमा पर भड़के क्रिकेट प्रेमी
 
वाघा सीमा
भगदड़ मचने के बाद पुलिस को बुलाया गया और बलप्रयोग के बाद स्थिति संभल सकी
भारत और पाकिस्तान के बीच वाघा सीमा पर 3000 भारतीय क्रिकेट प्रशंसक सीमा पार करने के लिए इतने उतावले हो गए कि वहाँ भगदड़ मच गई.

पंजाब में स्थित वाघा सीमा पर हुई इस घटना में कम-से-कम एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया और कई अन्य लोगों को चोटें आईं.

ये प्रशंसक लाहौर में सोमवार को भारत और पाकिस्तान के बीच होनेवाले तीसरे वन डे मैच को देखने के लिए सीमा पार जाना चाहते थे और इसके लिए वे रविवार को काफ़ी सुबह से ही सीमा पर स्थित चौकी पर इकट्ठा होना शुरू हो गए.

लेकिन चौकी के खुलने के बाद ही गड़बड़ शुरू हो गई जब वहाँ मौजूद केवल तीन अधिकारियों ने एक बार में केवल 10 लोगों को जाने देने का फ़ैसला किया.

इसके बाद नाराज़ प्रशंसकों के सब्र का बाँध टूट पड़ा और उन्होंने सीमा पर लगे ऊँचे गेट को फ़ाँदना शुरू कर दिया जिसके बाद लोहे का बना गेट टूट गया.

पुलिस कार्रवाई

सुधीर कुमार
बिहार से क्रिकेट प्रेमी सुधीर कुमार साइकिल पर चढ़कर वाघा पहुँचे

स्थिति को सँभालने के लिए तत्काल निकट के घरिदना पुलिस थाने से सहायता माँगी गई और पुलिसकर्मियों ने मौक़े पर पहुँचकर लाठियाँ बरसानी शुरू कर दीं.

तब तक प्रशंसकों ने भी चौकी पर लगी खिड़कियों के शीशे तोड़ना शुरू कर दिया था.

हालात संभलने पर सीमा और आप्रवासन अधिकारियों ने लोगों की सहायता के लिए अतिरिक्त काउंटर खोले.

आख़िरकार शाम को सारे क्रिकेट फ़ैन सीमा पार कर पाकिस्ताना जा सके.

प्रशंसकों में दिल्ली से आए विजय कुमार भी थे जिनका पैर सुबह भगदड़ में टूट गया था लेकिन इसके बावजूद वे लाहौर क्रिकेट मैच देखने का मौक़ा नहीं छोड़ना चाहते थे.

ऐसे ही एक और प्रशंसक थे बिहार से आए सुधीर कुमार जिन्होंने बताया कि वे पटना से वाघा तक साइकिल चलाकर पहुँचे.

 
 
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