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सोमवार, 28 अगस्त, 2006 को 12:17 GMT तक के समाचार
 
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बाड़मेर ज़िले की तबाही का मंज़र
 

 
 
बाड़मेर में बाढ़
राजस्थान में बाढ़ के कारण अनेक लोगों की जान गई है
रेतीले टीलों की इस दुनिया में जहाँ पानी की कुछ बूंदों के लिए लोगों को मीलों का सफ़र तय करना पड़ता हो, वहाँ अगर बाढ़ के कारण लोग मरें तो यह चिंता का एक बड़ा विषय है.

बाड़मेर के इस इलाक़े में मीलों तक फैले इस पानी ने अनेक ज़िंदगियों को निगल लिया है और पीछे छूट गई है मौसम की मार और लोगों की बेबसी की अनेक कहानियाँ.

बाढ़ राहत के प्रभारी नरेन्द्र देवड़ा कहते हैं कि एक मौलाना अपने परिवार के 10 लोगों को घर के एक कमरे में बंद कर कुरान का पाठ करने लगे.

उन्होंने बताया,'' मकान के अंदर क़रीब 10 लोग एक ही कमरे के अंदर बैठ गए और उन्होंने अंदर से दरवाजे बंद कर लिया था. उस मकान के अंदर आज भी क़रीब तीन-चार फीट पानी है और लोग किसी भी तरीके से बाहर नहीं आ सके.''

उन्होंने जानकारी दी कि सामान्य तरीके इन लाशों को बाहर नहीं निकाला जा सकता था क्योंकि उनका शरीर पानी में फूल गया था. उनको नौसेना के कमांडो ऑक्सीजन मास्क और अन्य उपकरणों की सहायता से अंदर गए, दरवाजा तोड़ा और एक-एक कर इन लाशों को बाहर निकाला.

नरेंद्र देवड़ा के अनुसार उन्होंने भी पहले इसे कहानी ही माना था पर उस घर के 10 लोगों की लाशें अब सरकारी आंकड़ों में दर्ज है.

दर्जा राम के अनुसार उसके परिवार के सात लोग इस बाढ़ में मारे गए. लेकिन उसकी नज़रें 20 से 30 फुट पानी में अपने पिता को तलाश कर रही हैं.

बकौल दर्जा राम जब उसके पिता इस बाढ़ में बहे तो उनके कमर से सात लाख रुपए बंधे थे. हमारे सामने ही दर्जा राम को पिता की लाश मिलीं लेकिन शायद रुपए की थैली हाथ से छूट गई थी.

कवास गांव में जिप्सम फैक्ट्री की टीन की छत से टकरा रहा पानी सच में डरावना लग रहा था.

हमारी नाव फैक्ट्री का चक्कर लगाकर बिजली के तारों के नीचे से होती हुई एक और झाड़ी की ओर बढ़ी.

एक जवान चिल्लाया साहब सूटकेस, आनन-फानन में सूटकेस नाव में था. उसे टेढ़ा कर उसका पानी निकाल दिया गया.

किसी ने कहा खोल कर देखो, इंचार्ज ने कहा नहीं बाहर जाकर पुलिस के हवाले कर देंगे. हमारी जानकारी के अनुसार दो लाशें पुलिस को सौंपी गईं, लेकिन सूटकेस का कोई जिक्र न था.

 
 
बाढ़बाढ़ से राहत नहीं
भारत के कई राज्यों में बाढ़ से लोगों को राहत नहीं मिल पाई है.
 
 
बाढ़बाढ़ से तबाही
महाराष्ट, गुजरात, आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बाढ़ से ख़ासा नुकसान हुआ है.
 
 
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