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शनिवार, 10 जुलाई, 2004 को 12:24 GMT तक के समाचार
 
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वीरप्पन मामले में जाँच के आदेश
 
वीरप्पन
वीरप्पन ने फ़िल्म अभिनेता राजकुमार को साढ़े तीन महीने तक बंधक बनाए रखा था
कर्नाटक सरकार ने चंदन तस्कर वीरप्पन के बारे में एक पूर्व पुलिस अधिकारी के आरोपों की पुलिस जाँच करवाने के आदेश दिए हैं.

शुक्रवार को इस पूर्व पुलिस अधिकारी ने एक स्थानीय अदालत में कहा था कि फ़िल्म अभिनेता राजकुमार को वीरप्पन के क़ब्ज़े से छुड़वाने के लिए 20 करोड़ रुपए की फ़िरौती दी गई थी.

दक्षिण भारतीय फ़िल्मों के लोकप्रिय अभिनेता राजकुमार का वर्ष 2000 में वीरप्पन ने अपहरण कर लिया था और साढ़े तीन महीने बाद उन्हें सुरक्षित छोड़ दिया था.

जाली स्टांप पेपरों के मामले में गिरफ़्तार पूर्व पुलिस उपायुक्त (एसीपी) संग्राम सिंह ने अदालत में ये आरोप लगाया था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री एस एम कृष्णा और गृहमंत्री मल्लिकार्जुन खर्गे ने फिरौती की रकम देने के लिए दबाव डाला था.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री धरम सिंह ने संग्राम सिंह के आरोप को बेबुनियाद बताया है मगर कहा है कि इस बारे में पुलिस जाँच करवाई जाएगी.

उल्लेखनीय है कि दो साल पहले कर्नाटक के एक और पूर्व पुलिस अधिकारी दिनकर ने इसी तरह का आरोप लगाया था जिसपर तत्कालीन मुख्यमंत्री ने आपत्ति जताई थी.

आरोप

एस एम कृष्णा
एस एम कृष्णा पर पहले भी एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने ऐसा आरोप लगाया था

पूर्व पुलिस उपायुक्त (एसीपी) संग्राम सिंह को पुलिस ने गिरफ़्तार तो इसलिए किया था कि उन पर आरोप था कि उन्होंने जाली स्टांप पेपर घोटाले में संलग्न अब्दुल करीम तेलगी से रिश्वत ली थी.

लेकिन शुक्रवार को जब बंगलौर की एक अदालत में पूर्व एसीपी सिंह को पेश किया गया तो उन्होंने वीरप्पन के मामले में यह सनसनीखेज़ बयान दिया.

उन्होंने अदालत में कहा "कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा और उनके मंत्रिमंडल के एक सदस्य ने उन्हें वीरप्पन के लिए फ़िरौती की रकम दी थी ताकि फ़िल्म अभिनेता राजकुमार को छुड़ाया जा सके."

उन्होंने कहा कि उन्हें 20 करोड़ रुपए लेकर फ़िल्म अभिनेता रजनीकांत के मैनेजर के पास जाने के लिए भी बाध्य किया गया ताकि वह रकम वीरप्पन तक पहुँचाई जा सके.

साढ़े तीन महीने बाद वीरप्पन ने राजकुमार को सुरक्षित छोड़ दिया गया था लेकिन उनकी रिहाई की परिस्थियों पर आज भी पर्दा पड़ा हुआ है.

पूर्व एसीपी संग्राम सिंह ने अदालत से यह भी कहा है कि तेलगी पेपर स्टांप घोटाले में कांग्रेस शासनकाल में मंत्री रहे रोशन बेग को बचाने के लिए उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है.

उल्लेखनीय है कि करोड़ों के स्टांप पेपर घोटाले में रोशन बेग के भाई को भी गिरफ़्तार किया गया है और वह अभी भी जेल में है.

चंदन तस्कर वीरप्पन पर सौ से अधिक इंसानों और एक हज़ार से अधिक हाथियों को मारने का आरोप है और वे अभी भी तमिलनाडु और कर्नाटक के जंगलों में छिपे बताए जाते हैं.

 
 
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