विंबलडन का फ़ाइनल खेलने वाला वो खिलाड़ी जो क़ातिल बन गया
इमेज स्रोत, HULTON ARCHIVE
- Author, शेन हैरीसन
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, डबलिन
विंबलडन में टेनिस का खेल, मैदान और इसके बाहर का खुशनुमा माहौल याद दिला देता है. मसलन मैदान में झक सफेद कपड़े पहन कर खेलते खिलाड़ी और दर्शक दीर्घा में बैठ कर स्ट्रॉबेरी और आइसक्रीम का लुत्फ लेते लोग.
हां, यहां टेनिस का लुत्फ लेने वालों ने कुछ बुरे लोग भी देखे हैं लेकिन इसके एक फाइनलिस्ट की 1879 की करतूत ने बुरे कामों को अंजाम देने में सबको पीछे छोड़ दिया.
अपनी करतूत के लिए बदनाम शख्स और कोई नहीं वियर थॉमस सेंट लिजर गोल्ड थे. वो एक आयरिश सामंत के दूसरे नंबर की संतान थे.
गोल्ड बेहद शानदार टेनिस खिलाड़ी थे और उनका बैकहैंड मारक होता था. उन्होंने 1879 के विंबलडन के फाइ़नल में जगह बनाई थी लेकिन रेवरेंड जॉन थोर्नीक्रॉफ्ट हार्टली से उन्हें हारना पड़ा था.
इतिहासकारों के मुताबिक माना जा रहा था कि गोल्ड फाइनल जीत लेंगे लेकिन मैच से पहले रात में बहुत अधिक शराब पीने की वजह से उनकी उम्मीदें ध्वस्त हो गईं. इसके बाद उनका पतन शुरू हो गया.
वह जुआरी थे. बहुत ज्यादा शराब पीते थे और अफीम के भी आदी थे. 1891 में उन्होंने मैडम मैरी जिरॉडिन से शादी की. उनके दो पतियों की मौत हो चुकी थी. वह भी अपने नशे की लत से जूझ रही थीं.
खुद को सर और लेडी कहलवाने वाला यह दंपति शादी के बाद दक्षिण फ्रांस शिफ्ट हो गया था. हालांकि इसके पहले वे मोंटे कार्लो के जुआघरों में खासा वक्त बिताया करते थे.
इमेज स्रोत, HULTON ARCHIVE/GETTY Images
जुअे ने बरबाद किया
जब कैसीनो के रूलट टेबल पर गोल्ड अपना सारा पैसा गंवा बैठे तो इस दंपत्ति को एक डेनिश विधवा एम्मा लेविन ने कर्ज दिया था. 1907 में उन्हें 40 पाउंड दिए गए थे, जो उस वक्त के हिसाब से काफी बड़ी रकम थी. ये रकम भी वे गंवा बैठे.
इस रकम को लेकर एम्मा की एक दोस्त मैडम कैसलज्जी से उनका खुलेआम झगड़ा हुआ. वह चाहती थीं कि दंपति पैसा लौटा दे.
इस स्कैंडल से शर्मसार डेनिश विधवा ने मोंटे कार्लो छोड़ने का फैसला कर लिया.लेकिन जाने से पहले वो गोल्ड से मिलना चाहती थीं.
लेकिन लगता है कि इस मुलाकात के दौरान गोल्ड दंपति और एम्मा लेविन के बीच खूनी झड़प हुई होगी क्योंकि पुलिस जब उनकी तलाश में पहुंची (जब काफी देर तक एम्मा लेविन अपने कमरे में लौट कर नहीं आईं तो मैडम कैसलज्जी ने पुलिस में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी) तो उसे दीवारों, सीलिंग और फर्नीचर पर खून के छींटे मिले.
पुलिस को खून से सनी कटार और बूचड़खानों में इस्तेमाल होने वाला चाकू मिला.
जघन्य हत्या
इस बीच, यह दंपति मार्सिले के लिए निकल पड़ा था. उनके पास एक बड़ा सूटकेस और हैंडबैग था. इन्हें लंदन भेजा जाना था. लेकिन पोर्टर को इनमें से बड़ी दुर्गंध आ रही थी. ऐसा लग रहा था कि सूटकेस से खून रिस रहा है.
गोल्ड कहते रहे कि सूटकेस में मरे हुए मुर्गें हैं. लेकिन पोर्टर इससे सहमत नहीं हुआ. पुलिस बुला ली गई. पुलिस ने पाया कि सूटकेस में मिसेज लेविन के कटे हुए अंग थे. अब गोल्ड दंपति टेनिस कोर्ट के बजाय कानूनी कोर्ट के चक्कर लगा रहा था.
गोल्ड और उनकी पत्नी पर मिसेज लेविन की हत्या का मुकदमा चला. दोनों को हत्या का दोषी पाया गया. उन्हें सजा सुनाई गई. पत्नी को मौत की सजा मिली. उनका सिर धड़ से अलग करने को सजा सुनाई गई थी.
लेकिन मोनाको में इस काम को अंजाम देने वाला कोई जल्लाद मौजूद नहीं था. इसलिए उनकी सज़ा उम्र कैद में बदल दी गई. 1914 में टाइफाइड से उनकी मौत हो गई.
इमेज स्रोत, DEA / BIBLIOTECA AMBROSIANA
गोल्ड को भी उम्र कैद की सजा मिली .उन्हें फ्रेंच गुयाना के कुख्यात डेविल आईलैंड में रखा गया था.
वहां एल्कोहल और अफीम के विदड्रॉअल सिम्पटम से जूझना पड़ा और उन्हें रात को भयंकर सपने के दौरे पड़ते थे. मानसिक स्थिति खराब होने की वजह से 1909 में उन्होंने खुदकुशी कर ली. उस वक्त उनकी उम्र 55 साल थी.
यह कहानी याद दिलाती है कि टेनिस के खेल ने भले ही मौजूदा दौर में बुरे बर्ताव करने वाले लोग देखे हैं. लेकिन पुराने वक्त में भी जब यह खेल भद्र लोगों का माना जाता था तब भी गोल्ड जैसे लोग रहे थे.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
टॉप स्टोरी
ज़रूर पढ़ें
सबसे अधिक लोकप्रिय
सामग्री् उपलब्ध नहीं है