You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
अमेरिका चुनाव: बाइडन जीत को लेकर आश्वस्त, ट्रंप खेमा कोर्ट जाने के मूड में
जो बाइडन ने कहा है कि वो सभी अमेरिकी नागरिकों के राष्ट्रपति होंगे न कि जिन्होंने वोट किया है केवल उनके. जो बाइडन ने ऐसा कहकर चुनाव के बाद टकराव की आशंका को कम करने की कोशिश की है.
लाइव कवरेज
राष्ट्र को संबोधित करेंगे डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप का चुनावी अभियान देखने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमरीका में बीबीसी के सहयोगी सीबीएस नेटवर्क से कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप आज रात ‘अपनी मज़बूती’और ‘अपने नज़रिए’को दिखाना चाहते हैं.
उन्होंने कहा, “हां, राष्ट्रपति आज रात बोलेंगे. हालांकि, यह जीत की घोषणा करने के लिए नहीं है, वो अपना नज़रिया पेश करना चाहते हैं.”
अधिकारी के मुताबिक़, व्हाइट हाउस ईस्ट रूम से ट्रंप अपनी बात रखेंगे.
ट्रंप या बाइडन: कौन है किसकी पसंद
एक स्विंग स्टेट में बाइडन की जीत का अनुमान
डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडन की कोलोराडो में जीत की संभावना जताई जा रही है. यह एक स्विंग स्टेट है और राष्ट्रपति चुनाव की जंग के प्रमुख क्षेत्रों में से एक है.
स्विंग स्टेट उन राज्यों को कहा जाता है जिनके मतदाता का रुझान बदलता रहता है, यानी कभी वो डेमोक्रेट उम्मीदवार को चुनते हैं तो कभी रिपब्लिकन को.
2016 में हिलेरी क्लिंटन कोलोराडो से जीती थीं. वहीं, बराक ओबामा यहां से दो बार जीत चुके हैं उससे पहले बीते 40 सालों से यहां रिपब्लिकन पार्टी का क़ब्ज़ा था.
अमरीका ने पहली बार चुना ट्रांसजेंडर सांसद
अमेरिका में पहली बार कोई ट्रांसजेंडर सांसद निर्वाचित हुआ है.
बीबीसी की सहयोगी समाचार संस्थाओं सीबीएस और एपी के अनुसार डेलावेयर में एक ट्रांसजेंडर प्रत्याशी को सीनेटर चुना गया है.
सारा मैकब्राइड अमेरिका में सबसे ऊंची रैंकिंग पर चुने जाने वाली पहली ट्रांसजेंडर हैं.
अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव के साथ ही संसद के ऊपरी सदन सीनेट की एक तिहाई सीटों के लिए भी चुनाव हो रहा है.
मैकब्राइड ओबामा प्रशासन में एक इंटर्न के तौर पर काम करती थीं और वो डेलावेयर के फ़र्स्ट डिस्ट्रिक्ट का नेतृत्व करती हैं जो एक डेमोक्रेटिक क्षेत्र है.
वो एलजीबीटी अधिकारों का खुले तौर पर समर्थन करती रही हैं. वो ह्युमन राइट्स कैंपेन संगठन की राष्ट्रीय प्रेस सचिव रही हैं.
एलजीबीटीक्यू विक्ट्री फ़ंड के अनुसार, खुले तौर पर अपनी पहचान ज़ाहिर करने वाले चार ट्रांसजेंडर इस समय प्रदेशों के सदन में हैं.
फ़ंड की अध्यक्ष एनाइस पार्कर कहती हैं कि मैकब्राइड की जीत ‘अनगिनत ट्रांसजेंडर लोगों को सुनहरे भविष्य के लिए एक उम्मीद देती हैं.’
डेमोक्रेटिक पार्टी से उप-राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार को कितना जानते हैं आप?
शुरुआती रुझान क्या कहते हैं?
ट्रंप-बाइडन: कौन कहां पर है आगे
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के शुरुआती रुझानों में डोनाल्ड ट्रंप की केंटकी, टेनेसी, वेस्ट वर्जीनिया, आरकंसॉ और ओक्लाहोमा में जीत का अनुमान जताया जा रहा है.
वहीं, उनके डेमोक्रेट प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन डेलावेयर, मेरीलैंड, मैसाच्युसेट्स, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क और डिस्ट्रिक्ट ऑफ़ कोलंबिया में जीत दर्ज कर सकते हैं.
इलेक्टोरल कॉलेज क्या है?
इलेक्टोरल कॉलेज के ज़रिए 538 इलेक्टर्स को चुना जाता है. ये इलेक्टर्स ही अमेरिकी राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का फ़ैसला करते हैं. जब वोटर्स तीन नवंबर मंगलवार को वोट करने जाएंगे तो वे अपने पसंदीदा उम्मीदवार के इलेक्टर्स को अपने स्टेट में चुनेंगे.
जो उम्मीदवार इलेक्टोरल वोट्स का बहुमत हासिल करेगा वह अमेरिका का अगला राष्ट्रपति होगा.
538 इलेक्टर्स में 435 रिप्रेजेंटेटिव्स, 100 सीनेटर्स और तीन डिस्ट्रिक्ट ऑफ़ कोलंबिया के इलेक्टर्स होते हैं. हर चार साल बाद अमेरिकी वोटर्स राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के लिए वोट करते हैं.
नर्बास्का और मेईन में इलेक्टोरल वोट आनुपातिक प्रतिनिधित्व से निर्धारित होता है. इसका मतलब यह हुआ कि इन दोनों राज्यों सबसे ज़्यादा वोट पाने वाले को दो इलेक्टोरल वोट मिलेंगे (दो सीनेटर्स) जबकि बाक़ी बचे इलेक्टोरल वोट कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट को आवंटित कर दिए जाएंगे.
इस नियम से दोनों कैंडिडेट को नर्बास्का और मेईन में इलेक्टोरल वोट मिलने की संभावना रहती है जबकि बाक़ी बचे 48 राज्यों में विजेता को सभी इलेक्टर्स मिल जाते हैं. यह प्रक्रिया राज्य दर राज्य बदलती रहती है.
सामान्यतः राजनीतिक पार्टियां अपने स्टेट कन्वेंशन में इलेक्टर्स को नामांकित करती हैं. कई बार यह प्रक्रिया वोट के ज़रिए पार्टी सेंट्रल कमिटी में घटित होती है. इलेक्टर्स सामान्यतः स्टेट निर्वाचित अधिकारी, पार्टी नेता या प्रेजिडेंशल कैंडिडेट से गहरे जुड़ाव वाले लोग होते हैं.
भारी मतदान, कई राज्यों से शुरुआती रुझान आना शुरू
अमेरिका के कई राज्यों में मतदान संपन्न, रुझान आने शुरू
अमेरिका के कई राज्यों में मतदान ख़त्म हो गया है.
अमेरिका के पूर्वी तट के समयानुसार रात 8 बजे अलाबामा, कनेक्टिकट, डेलावेयर, फ़्लोरिडा, इलिनॉय, मेन, मेरीलैंड, मैसाच्युसेट्स, मिसिसिपी, मिज़ूरी, न्यू हैम्पशायर, न्यू जर्सी, ओकलाहोमा, पेंसिल्वेनिया, रोड आइलैंड और टेनेसी शामिल हैं.
डेलावेयर एक छोटा सा राज्य है, जो बाइडन तीन दशकों तक सीनेट में इसका नेतृत्व करते रहे हैं जहां उनकी जीत की संभावना है.
ट्रंप की अलाबामा में जीत की संभावना है. इस राज्य में डेमोक्रेटिक सीनेटर डग जोन्स पूर्व अमरीकी फ़ुटबॉल कोच के ख़िलाफ़ अपना राजनीतिक जीवन बचाने की जद्दोजहद में हैं.
पेंसिलवेनिया में 20 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं. इस राज्य ने 2016 में ट्रंप का समर्थन किया था.
दोनों उम्मीदवारों के इस राज्य से संबंध रहे हैं. बाइडन का जन्म पेन्सिल्वेनिया में हुआ वो 10 साल तक वहीं रहे हैं, वहीं ट्रंप ने फ़िलाडेल्फ़िया विश्वविद्यालय में पढ़ाई की है.
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी अब तक की महत्वपूर्ण ख़बरें
- अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए 50 राज्यों में मतदान केंद्र नौ अलग-अलग टाइमज़ोन के मुताबिक़ अलग-अलग जगहों पर खुले.
- एक एशियाई अमरीकी रिपब्लिकन ग्रुप ने आधिकारिक रूप से डेमोक्रैटिक उम्मीदवार जो बाइडन का समर्थन किया और अपने हज़ारों सदस्यों से अपील की कि वो बाइडन के पक्ष में वोट डालें.
- अमेरिका के दो पूर्व अटॉर्नी जनरलों ने चुनाव परिणाम को स्वीकार करने से इनकार करने के ख़िलाफ़ चेतावनी दी है. वाशिंगटन पोस्ट अख़बार में अपनी राय रखते हुएदोनों ने लिखा कि वे क़ानून और नीतियों के मामलों पर पहले भी असहमति जता चुके हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे.
- नॉर्थ कैरोलाइना के नतीजों में कम से कम 45 मिनट की देरी हो सकती है, क्योंकि इलेक्शन बोर्ड चार मतदान केंद्रों को तकनीकी समस्या के कारण देर तक खुला रखने पर राज़ी हो गया है.
- अमेरिका के कई हिस्सों में मतदाताओं के पास ऑटोमेटेड फ़ोन कॉल्स गए और उनसे कहा गया कि आज मतदान न करें. अधिकारियों ने मतदाताओं से ऐसे फ़ोन कॉल्स की नहीं सुनने की अपील की है और कहा है कि मतदान में हिस्सा लें.
- ऐसा लग रहा है कि इस बार के मतदान में लोगों की भागीदारी ऐतिहासिक रूप से ज़्यादा रहेगी.
नमस्कार! अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2020 पर बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है. अमेरिकी चुनाव में अभी तक क्या कुछ हुआ जानने कि लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें.