वॉशिंगटन डीसी स्थित
कैपिटल हिल्स में ट्रंप समर्थकों के उत्पात के बाद हुए हिंसक संघर्ष और दंगों के
बाद एक बार फिर अमेरिकी संसद ने नव निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन की चुनावी जीत
पर मुहर लगाने के लिए चर्चा शुरू कर दी है.
कैपिटल्स हिल्स में
हुई हिंसा के दौरान अब तक कुल चार लोगों की मौत हो गई है.
ट्रंप समर्थक अचानक ही
कैपिटल्स हिल्स में घुसकर चुनावी नतीजों को उलटने की माँग करने लगे थे जिसके बाद
अफ़रा-तफ़री मच गई थी और अमेरिकी संसद की सदनों को अपनी चर्चा स्थगित करनी पड़ी
थी.
जो बाइडन ने
लोकतांत्रिक प्रक्रिया में इस तरह दख़ल दिए जाने और ‘विद्रोह’ पर ग़ुस्सा ज़ाहिर किया है.
इधर, पहले अपने
समर्थकों को कैपिटल हिल्स में जाने के लिए कहने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने बाद में
उनसे ‘घर जाने’ को कहा. हालाँकि इस
बीच वो चुनाव में धोखाधड़ी के अपने आरोपों को दुहराते रहे.
अब भी आपत्ति जता रहे हैं कुछ रिपब्लिकन
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म ट्विटर और फ़ेसबुक ने ट्रंप के अकाउंट्स भी फ़्रीज़ कर दिए हैं.
अब हिंसा और अराजकता के एक दौर के बाद उप राष्ट्रपति माइक पेंस की अगुआई में कांग्रेस ने चुनावी सत्र फिर से शुरू कर दिया है.
अमेरिकी सांसद एक बार फिर इलेक्टॉरल कॉलेजों की गिनती और पुष्टि कर रहे हैं. सांसदों ने इसे यूएस कैपिटल के इतिहास का ‘काला दिन’ बताया है.
हालाँकि अब भी कुछ रिपब्लिकन सांसद चुनाव के नतीजों को पलटने के मक़सद सत्र के दौरान आपत्ति जता रहे हैं.
ट्रंप समर्थकों ने वॉशिंगटन में उस वक़्त हंगामा शुरू कर दिया जब बुधवार शाम को डेमोक्रेटिक पार्टी ने जॉर्जिया में सीनेट की सीटें जीत लीं.
इस जीत के साथ ही नव निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और डेमोक्रेटिक पार्टी का संसद में राजनीतिक प्रभुत्व बढ़ गया है.
जॉर्जिया में मिली जीत ने 20 जनवरी को शपथ लेने जा रहे बाइडन की राह आसान कर दी है.
अब तक हुई मौतों के बारे में हम क्या जानते हैं?
अधिकारियों का कहना है यूएस कैपिटल में हिंसा के दौरान चार लोगों की मौत हुई है.
वॉशिंगटन डीसी पुलिस का कहना है कि इन चार लोगों में से एक महिला की मौत पुलिस की गोली लगने के कारण हुई, जबकि अन्य तीन लोग ‘मेडिकल इमरजेंसी’ के कारण मरे हैं.
वॉशिंगटन में पुलिस अब तक 52 लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है जिनमें से 47 लोगों को कर्फ़्यू तोड़ने के जुर्म में पकड़ा गया है.
यूएस कैपिटल में हुई हिंसा के दौरान मारी गईं महिला की स्थानीय पुलिस ने पहचान कर ली है.
बताया गया है कि मृतका का नाम एशली बैबिट था जो सैन डिएगो की रहने वाली थीं.
अमेरिकी मीडिया के अनुसार, एशली यूएस एयर फ़ोर्स में भी रह चुकी थीं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक़, कैपिटल बिल्डिंग में घुसते समय एशली को गोली लगी. वे अन्य दंगाइयों के साथ थीं.
अमेरिकी प्रसारक फ़ॉक्स न्यूज़ ने एशली की सास से बात करने का दावा किया है. उनके अनुसार, वे पक्की ट्रंप समर्थक थीं.
गोली लगने के बाद एशली को अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई थी, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.
अधिकारियों ने बताया है कि जान गँवाने वाले तीन अन्य लोगों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं. मरने वालों के बारे में कोई अन्य जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
हिंसक संघर्ष में 14 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं.