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अमेरिका: डोनाल्ड ट्रंप को पद से हटाने की मांग तेज़ हुई, बाइडन ने लगाए गंभीर आरोप

जो बाइडन ने बुधवार को कैपिटल बिल्डिंग में हुई घटना को अमेरिका के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक करार दिया है.

लाइव कवरेज

  1. कैपिटल हिंसा पर चीन ने अमेरिका को हॉन्ग-कॉन्ग की याद दिलाई

    चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने वॉशिंगटन की कैपिटल बिल्डिंग में हुई हिंसा को लेकर अमेरिका पर तंज़ कसा है.

    अख़बार ने लिखा है, ‘चीन उम्मीद करता है कि अमेरिका में जल्द से जल्द शांति, स्थिरता और सुरक्षा बहाल होगी.’

    अख़बार ने हॉन्ग-कॉन्ग में चले प्रदर्शनों की तस्वीरें कैपिटल बिल्डिंग में हुई हिंसा के साथ पेश करते हुए यह संकेत देने की कोशिश की है कि ‘कैसे एक जैसी परिस्थिति में अमेरिकी प्रशासन और वहाँ का मीडिया दो तरह का व्यवहार करता है.’

    अख़बार ने चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का बयान भी प्रकाशित किया है. प्रवक्ता ने कहा है कि “हम चाहेंगे कि लोग यह देखें कि कैसे कुछ लोग और अमेरिका का मीडिया हॉन्ग-कॉन्ग में हुई सामाजिक उथल-पुथल को एक अलग ही रंग देने की कोशिश कर रहे थे.”

  2. अमेरिकी संसद ने बाइडन की जीत पर मुहर लगाई

    अमेरिकी संसद ने राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडन की जीत पर मुहर लगा दी है.

    अमेरिका के दोनों सदन ने पेनसिलवेनिया और एरिज़ोना में मतों की गिनती को लेकर जो आपत्ति दर्ज कराई गई थी उसे ख़ारिज कर दिया.

    इसके साथ ही जो बाइडन और कमला हैरिस की जीत पर सदन की आधिकारिक मुहर लग गई.

    बाइडन और कमला हैरिस की टीम को 306 मत मिलने की पुष्टि की गई, जबकि ट्रंप और माइक पेन्स की टीम को 232 वोट मिलने की पुष्टि की गई है. जीत के लिए 270 मतों की ज़रूरत होती है.

    अमेरिकी चुनावी नतीजों की पुष्टि संसद से होती है, यह एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन बुधवार को राष्ट्रपति ट्रंप के समर्थकों ने संसद भवन पर हमला कर दिया और सामान्य प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश की.

    लेकिन बिल्डिंग को उपद्रवियों से ख़ाली कराने के बाद सदन की कार्रवाही दोबारा शुरू हुई और रात भर चलने के बाद सदन ने बाइडन और कमला हैरिस की जीत पर अपनी आधिकारिक मुहर लगा दी.

  3. कैपिटल बिल्डिंग में फ़साद के समय मौजूद एक महिला पत्रकार की आँखों-देखी

    जिस वक़्त वॉशिंगटन स्थित कैपिटल बिल्डिंग पर ट्रंप-समर्थकों ने हमला किया, तब जेमी स्टेह्म बिल्डिंग के अंदर ही थीं.

    वे एक पत्रकार हैं और राजनीतिक विषयों पर लिखती हैं. जब भीड़ कैपिटल बिल्डिंग के अंदर दाख़िल हुई, तब जेमी प्रेस गैलरी में बैठी हुई थीं.

    बुधवार सुबह से ही उन्हें लग रहा था कि कुछ बड़ा होने वाला है. उन्होंने इस बारे में अपनी बहन से बात भी की थी. उन्होंने अपनी बहन से कहा था, ‘लग रहा है कुछ बुरा होने वाला है.’

    जब जेमी कैपिटल बिल्डिंग पहुँची थीं, तब ट्रंप के समर्थक बिल्डिंग के बाहर जमा थे. वे ट्रंप के समर्थन में नारेबाज़ी कर रहे थे. अमेरिकी झंडे उनके हाथों में थे और उनके गुस्से को देखकर लग रहा था कि अंदर ही अंदर कुछ पक रहा है.

    प्रेस गैलरी में पहुँच कर उन्होंने देखा कि नेन्सी पेलोसी मंच पर हैं और वे सत्र का संचालन कर रही हैं.

    इसके आगे की कहानी जेमी बताती हैं: “हम प्रेस गैलरी में थे और दूसरा घंटा लगा ही था, तभी अचानक काँच टूटने की आवाज़ें सुनाई दीं. कुछ ही मिनटों में पुलिस ने घोषणा की कि बिल्डिंग में लोग घुस आये हैं. तो लोगों ने आसपास देखना शुरू किया. तनाव और हड़बड़ी दिखने लगी थी. पुलिस के स्पीकर की आवाज़ और जल्दी जल्दी आने लगी. उस आवाज़ में चिंता साफ़ पता चल रही थी. वो कह रहे थे कि लोग अंदर की ओर बढ़ रहे हैं.”

    “कुछ ही मिनटों में लोग अंदर के सेंट्रल हॉल तक पहुँच गये. लोकतंत्र का मंदिर कहे जाने वाले कैपिटल बिल्डिंग में तोड़फोड़ और आगजनी हो रही थी. प्रेस गैलरी में कई वरिष्ठ पत्रकार थे. इनमें से कई ने दंगा-फ़साद कवर किया है. लेकिन कैपिटल बिल्डिंग में ऐसी घटना की किसी ने उम्मीद नहीं की थी.”

    “पुलिस को देखकर लग रहा था कि बात उनके हाथ से निकल चुकी है. उनमें सामंजस्य की कमी साफ़ दिख रही थी. तभी उन्होंने चैंबर हॉल के दरवाज़े बंद कर दिये और उन्होंने हम से कहा कि आपको यहाँ से निकलना होगा. ये सुनकर हम डर गये. मैं बहुत डरी हुई थी. हालांकि, बहुत से अन्य पत्रकार यह स्वीकार नहीं कर रहे थे कि उन्हें डर लग रहा है. इस बीच मैंने अपने परिवार को फ़ोन किया, मैंने उन्हें सारी परिस्थिति बताई और कहा कि हालात वाक़ई ख़तरनाक लग रहे हैं.”

    "तभी गोली चलने की आवाज़ आयी. हम देख पा रहे थे कि दरवाज़े के पास खड़े पाँच लोगों ने बंदूकें तान रखी थीं. वो दरवाज़े के टूटे हुए काँच से बाहर देखने की कोशिश कर रहे थे और उन्हें देखकर लग रहा था कि वो किसी भी समय गोली चला देंगे. अच्छी बात ये रही कि चैंबर के अंदर कोई गोली नहीं चली. हम घुटने के बल प्रेस गैलरी से बाहर निकले. फ़िलहाल हम सदन के कैफ़ेटेरिया में हैं और डर की वजह से मुझे अब भी सिहरन महसूस हो रही है."

  4. यूएस कैपिटल पर 1812 के युद्ध के बाद से पहला हमला

    यूएस कैपिटल हिस्टोरिकल सोसाइटी के विशेषज्ञों के मुताबिक़ यूएस कैपिटल (कैपिटल बिल्डिंग) पर हुआ ताजा हमला 1812 के युद्ध के बाद से पहला हमला है.

    उस समय ब्रिटिश सेना ने कैपिटल बिल्डिंग में आग लगा दी थी.

    वाइस एडमिरल सर एलेक्ज़ेंडर कॉकबर्न और मेजर जनरल रॉबर्ट रॉस के नेतृत्व में ब्रिटिश सैनिकों ने अगस्त 1814 में निर्माणाधीन कैपिटल बिल्डिंग को आग के हवाले कर दिया था. हालांकि, फिर भी इमारत बच गई क्योंकि तेज़ बारिश हो गई थी.

    ब्रिटिश सैनिकों ने ये हमला उस अमेरिकी हमले के जवाब में किया था जिसमें एक साल पहले अमेरिका ने अपर कनाडा की राजधानी यॉर्क में आग लगा दी थी.

    ब्रिटिश सैनिकों ने व्हाइट हाउस समेत शहर के अन्य हिस्सों पर भी हमला किया था.

    उस दौरान कनाडा कोई देश नहीं था बल्कि वो ब्रिटेन के उपनिवेशों से बना था.

    यूएस कैपिटल में हिंसा के बाद एक बयान जारी करते हुए हिस्टॉरिकल सोसाइटी ने कहा, “यूएस कैपिटल एक इमरात से कहीं ज्यादा है. यह अमेरिकी लोकतंत्र और हमारे जीने के तरीके का मूर्त रूप है.”

    “हम क़ानून का पालन करने वाले देश हैं और सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण हमारे संवैधानिक गणतंत्र के सबसे बुनियादी विशेषताओं में से एक है.”

  5. डोनाल्ड ट्रंप को क्या राष्ट्रपति पद से हटाया जा सकता है?

  6. अमेरिका कैपिटल में ट्रंप समर्थकों के दंगों की पूरी कहानी

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, अमेरिका में हिंसा: संघर्ष और दंगों के बाद कांग्रेस की चर्चा शुरू

    वॉशिंगटन डीसी स्थित कैपिटल हिल्स में ट्रंप समर्थकों के उत्पात के बाद हुए हिंसक संघर्ष और दंगों के बाद एक बार फिर अमेरिकी संसद ने नव निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन की चुनावी जीत पर मुहर लगाने के लिए चर्चा शुरू कर दी है.

    कैपिटल्स हिल्स में हुई हिंसा के दौरान अब तक कुल चार लोगों की मौत हो गई है.

    ट्रंप समर्थक अचानक ही कैपिटल्स हिल्स में घुसकर चुनावी नतीजों को उलटने की माँग करने लगे थे जिसके बाद अफ़रा-तफ़री मच गई थी और अमेरिकी संसद की सदनों को अपनी चर्चा स्थगित करनी पड़ी थी.

    जो बाइडन ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में इस तरह दख़ल दिए जाने और ‘विद्रोह’ पर ग़ुस्सा ज़ाहिर किया है.

    इधर, पहले अपने समर्थकों को कैपिटल हिल्स में जाने के लिए कहने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने बाद में उनसे ‘घर जाने’ को कहा. हालाँकि इस बीच वो चुनाव में धोखाधड़ी के अपने आरोपों को दुहराते रहे.

    अब भी आपत्ति जता रहे हैं कुछ रिपब्लिकन

    इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म ट्विटर और फ़ेसबुक ने ट्रंप के अकाउंट्स भी फ़्रीज़ कर दिए हैं.

    अब हिंसा और अराजकता के एक दौर के बाद उप राष्ट्रपति माइक पेंस की अगुआई में कांग्रेस ने चुनावी सत्र फिर से शुरू कर दिया है.

    अमेरिकी सांसद एक बार फिर इलेक्टॉरल कॉलेजों की गिनती और पुष्टि कर रहे हैं. सांसदों ने इसे यूएस कैपिटल के इतिहास का ‘काला दिन’ बताया है.

    हालाँकि अब भी कुछ रिपब्लिकन सांसद चुनाव के नतीजों को पलटने के मक़सद सत्र के दौरान आपत्ति जता रहे हैं.

    ट्रंप समर्थकों ने वॉशिंगटन में उस वक़्त हंगामा शुरू कर दिया जब बुधवार शाम को डेमोक्रेटिक पार्टी ने जॉर्जिया में सीनेट की सीटें जीत लीं.

    इस जीत के साथ ही नव निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और डेमोक्रेटिक पार्टी का संसद में राजनीतिक प्रभुत्व बढ़ गया है.

    जॉर्जिया में मिली जीत ने 20 जनवरी को शपथ लेने जा रहे बाइडन की राह आसान कर दी है.

    अब तक हुई मौतों के बारे में हम क्या जानते हैं?

    अधिकारियों का कहना है यूएस कैपिटल में हिंसा के दौरान चार लोगों की मौत हुई है.

    वॉशिंगटन डीसी पुलिस का कहना है कि इन चार लोगों में से एक महिला की मौत पुलिस की गोली लगने के कारण हुई, जबकि अन्य तीन लोग ‘मेडिकल इमरजेंसी’ के कारण मरे हैं.

    वॉशिंगटन में पुलिस अब तक 52 लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है जिनमें से 47 लोगों को कर्फ़्यू तोड़ने के जुर्म में पकड़ा गया है.

    यूएस कैपिटल में हुई हिंसा के दौरान मारी गईं महिला की स्थानीय पुलिस ने पहचान कर ली है.

    बताया गया है कि मृतका का नाम एशली बैबिट था जो सैन डिएगो की रहने वाली थीं.

    अमेरिकी मीडिया के अनुसार, एशली यूएस एयर फ़ोर्स में भी रह चुकी थीं.

    रिपोर्ट्स के मुताबिक़, कैपिटल बिल्डिंग में घुसते समय एशली को गोली लगी. वे अन्य दंगाइयों के साथ थीं.

    अमेरिकी प्रसारक फ़ॉक्स न्यूज़ ने एशली की सास से बात करने का दावा किया है. उनके अनुसार, वे पक्की ट्रंप समर्थक थीं.

    गोली लगने के बाद एशली को अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई थी, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.

    अधिकारियों ने बताया है कि जान गँवाने वाले तीन अन्य लोगों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं. मरने वालों के बारे में कोई अन्य जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.

    हिंसक संघर्ष में 14 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं.

  8. Live: ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर आंदोलनकारी किसानों का ट्रैक्टर मार्च

  9. ब्रेकिंग न्यूज़, पेंसिलवेनिया चुनाव पर आया एतराज़ संसद ने किया ख़ारिज

    पेंसिलवेनिया में बाइडन की जीत पर हुए एतराज़ को अमेरिका की संसद के ऊपरी सदन सीनेट ने 92-7 के बहुमत से ख़ारिज कर दिया.

    सांसद हॉले का बोलने का वक़्त ख़त्म होने के बाद सीनेट के नेता मिच मैक्कॉनल ने इस मुद्दे पर बहस बंद कर दी.

    मैक्कॉनल ने कहा कि आज रात चुनाव पर कोई और चुनौती आने की उम्मीद नहीं है.

    लेकिन सांसद एतराज़ों पर अब भी बहस कर रहे हैं.

  10. जो बाइडन को सत्ता संभालने से पहले ही मिली बड़ी जीत

  11. उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने चुनावी नतीजों पर आपत्तियों को किया ख़ारिज

    अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन में तालियां गड़गड़ा उठीं जब राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों पर उनके एतराज़ को उप-राष्ट्रपति माइक पेंस ने ख़ारिज कर दिया क्योंकि प्रक्रिया के लिए ज़रूरी किसी सांसद ने उस पर हस्ताक्षर नहीं किए थे.

    एक चुनौती जोडी हाइस ने पेश की जो नवंबर में अपने गृह राज्य जॉर्जिया से चुने गए हैं.

    जॉर्जिया की एक और प्रतिनिधि मार्जरी टेलर ग्रीन ने मिशिगन की वोटिंग पर सवाल उठाए थे. नई निर्वाचित इस सांसद ने अतीत में क्वेनन कांस्पिरेसी थ्योरी का समर्थन किया था.

    तीसरी चुनौती अलाबामा के सांसद ब्रुक्स से आई जो नवादा के नतीजों पर एतराज़ जता रहे थे.

    इन सभी असहमतियों को माइक पेंस ने ख़ारिज कर दिया.

  12. देखिए ट्रंप समर्थकों के उत्पात का वीडियो

  13. यूएस कैपिटल की सड़कों पर भारी सुरक्षाबल तैनात

    अमेरिकी कैपिटल बिल्डिंग के चारों तरफ़ सड़कों पर पुलिस दंगे की आशंका को लेकर तैनात है. वॉशिंगटन की मेयर ने पूरी रात के लिए कर्फ़्यू लगा दिया है.

    वॉशिंगटन पुलिस के प्रमुख का कहना है कि स्थानीय समय के हिसाब से रात साढ़े नौ बजे तक 52 लोग गिरफ़्तार किए जा चुके हैं. चार लोगों को बिना लाइसेंस पिस्तौल रखने के लिए, एक को प्रतिबंधित हथियार रखने के लिए और 47 को कर्फ़्यू उल्लंघन और ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से घुसने के लिए.

    दो पाइप बम भी मिले हैं. एक कैपिटल बिल्डिंग के पास डेमोक्रेटिक नेशनल कमिटी दफ़्तर से और एक रिपब्लिकन नेशनल कमिटी के मुख्य दफ़्तर से.

  14. वॉशिंगटन हिंसा में हुई मौतों पर मेयर की प्रेस कॉन्फ्रेंस

    वॉशिंगटन की मेयर म्यूरियल बाउसर ने कैपिटल हिल के प्रदर्शनों को लेकर प्रेस कॉन्फ़्रेंस की है.

    उन्होंने बताया कि जिस महिला को गोली लगी है, वह उस ग्रुप का हिस्सा थी जो हाउस रूम में ज़बरदस्ती घुसने की कोशिश कर रहे थे और उस वक़्त सत्र भी चल रहा था.

    सादी वर्दी पहने अफ़सरों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और एक अफ़सर ने हथियार निकाल कर फायर कर दिया.

    महिला को अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. उनके पहचान पत्र अथॉरिटी के पास हैं जब तक कि उनके किसी रिश्तेदार को बताया नहीं जाता.

    बाउसर ने बताया कि कैपिटल ग्राउंड में हुई तीन अन्य मौतों में से एक वयस्क महिला थी और दो पुरूष.

    मेयर ने बताया कि मेट्रो पुलिस विभाग के 14 लोग घायल हुए हैं. दो लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. उनमें से एक को भीड़ में खींचे जाने की वजह से गंभीर चोटें आई हैं और दूसरे व्यक्ति के चेहरे पर ज़ोर से कुछ मारा गया है.

  15. वॉशिंगटन में 15 दिन के लिए इमर्जेंसी लगी

    अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में मेयर ने 15 दिन के लिए पब्लिक इमर्जेंसी लगा दी है.

    मेयर म्यूरियल बॉउसर ने कहा, “कई लोग शहर में हथियारों के साथ हिंसा और तोड़फोड़ के मक़सद से आए और उन्होंने हिंसा व तोड़फोड़ की. उन्होंने केमिकल छोड़े, ईंटें, बोतलें मारी, बंदूकें भी चलाईं.”

    उन्होंने कहा, “उनकी हरकतें अब भी जारी है.”

    इस फ़ैसले के बाद शहर में लोगों की सुरक्षा के लिए ज़्यादा संसाधन इस्तेमाल किए जा सकेंगे जैसे कर्फ़्यू, इमर्जेंसी सर्विस बढ़ाना और ज़रूरत की चीज़ें बाँटना.

    ये आदेश 21 जनवरी दोपहर तीन बजे तक लागू रहेगा यानी जो बाइडन के शपथ ग्रहण के एक दिन बाद तक.

    शहर में पहले ही कर्फ़्यू लगा हुआ है जिसे मेयर ने बुधवार शाम छह बजे से लागू किया था. दर्जनों लोगों को आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ़्तार किया जा चुका है.

  16. ब्रेकिंग न्यूज़, यूएस कैपिटल में चार लोगों की मौत: वॉशिंगटन पुलिस

    वॉशिंगटन डीसी पुलिस ने कहा है कि यूएस कैपिटल में हिंसा के दौरान चार लोगों की मौत हुई है.

    पुलिस का कहना है कि इन चार लोगों में से एक महिला की मौत पुलिस की गोली लगने के कारण हुई, जबकि अन्य तीन लोग ‘मेडिकल इमरजेंसी’ के कारण मरे हैं.

    वॉशिंगटन में पुलिस अब तक 52 लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है जिनमें से 47 लोगों को कर्फ़्यू तोड़ने के जुर्म में पकड़ा गया है.

    यूएस कैपिटल में हुई हिंसा के दौरान मारी गईं महिला की स्थानीय पुलिस ने पहचान कर ली है.

    बताया गया है कि मृतका का नाम एशली बैबिट था जो सैन डिएगो की रहने वाली थीं.

    अमेरिकी मीडिया के अनुसार, एशली यूएस एयर फ़ोर्स में भी रह चुकी थीं.

    रिपोर्ट्स के मुताबिक़, कैपिटल बिल्डिंग में घुसते समय एशली को गोली लगी. वे अन्य दंगाइयों के साथ थीं.

    अमेरिकी प्रसारक फ़ॉक्स न्यूज़ ने एशली की सास से बात करने का दावा किया है. उनके अनुसार, वे पक्की ट्रंप समर्थक थीं.

    गोली लगने के बाद एशली को अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई थी, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.

  17. ट्रंप की पार्टी के सीनेटर ने कहा, ‘आज रूस और चीन हँस रहे होंगे’

    फ़्लोरिडा के सीनेटर मार्को रूबियो ने अमेरिकी राजधानी में हुई हिंसा की कड़ी शब्दों में आलोचना की है.

    रूबियो ट्रंप की पार्टी के ही नेता हैं. उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस में कहा, “मैं उन लोगों के बीच पलकर बड़ा हुआ जो अपने-अपने देशों को छोड़कर अमेरिका आए थे, क्योंकि उनके देशों में हालात बहुत तनावपूर्ण थे और परिस्थितियाँ नाज़ुक थीं, ठीक वैसी ही, जैसी आज हम यहाँ देख रहे हैं."

    "आज रूस और चीन जैसे देश हम पर हँस रहे होंगे. वो इस घटना को यह बताने के लिए इस्तेमाल करेंगे कि अमेरिका उतार पर है. आज जो हुआ, उसे देखकर मैं यही कहूँगा कि हम अपने देश में गिरावट को देख रहे हैं. मुझे लगता है कि राजनीति ने हमें पागल कर दिया है, सभी का दिमाग़ फिर गया है.”

  18. ब्रेकिंग न्यूज़, अमेरिका में हुई हिंसा पर पीएम मोदी ने भी चिंता जताई

    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अमेरिकी राजधानी में हुई हिंसा को लेकर चिंता ज़ाहिर की है.

    पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ''वॉशिंगटन डीसी में दंगा और हिंसा की ख़बरें परेशान करने वाली हैं. सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए. लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ग़ैर-क़ानूनी विरोध से नष्ट करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.''

  19. इवांका ने हिंसक समर्थकों को देशभक्त कहकर डिलीट किया ट्वीट