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भूकंप प्रभावित म्यांमार और थाईलैंड में अभी भी जारी है बचाव अभियान

म्यांमार और थाईलैंड में राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है. बचाव कर्मी मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं.

सारांश

लाइव कवरेज

अश्वनी पासवान और सुरभि गुप्ता

  1. तालिबान ने अमेरिकी महिला को किया रिहा, दो महीने पहले लिया था हिरासत में

    अफ़ग़ानिस्तान में दो महीने पहले हिरासत में ली गईं अमेरिकी महिला नागरिक फेय हॉल को तालिबान ने रिहा कर दिया है.

    अमेरिका के अफ़ग़ानिस्तान में विशेष दूत रहे ज़ल्मे ख़लीलज़ाद ने इसकी पुष्टि की.

    ज़ल्मे ख़लीलज़ाद ने फेय हॉल के रिहा होने के बाद उनका वीडिया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. इसमें फेय हॉल डोनाल्ड ट्रंप का धन्यवाद कर रही हैं.

    ज़ल्मे ख़लीलज़ाद ने फेय हॉल के रिहा होने पर अफ़ग़ानिस्तान और अमेरिका के बीच में मध्यस्थता कराने वाले क़तर को शुक्रिया कहा है.

  2. चीन से लौटकर आए मोहम्मद यूनुस ने उसके साथ बांग्लादेश के रिश्तों पर क्या कहा?

    बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने शनिवार को कहा कि उनके देश के लिए चीन को एक अच्छे मित्र के रूप में देखना ‘‘महत्वपूर्ण’’ है.

    चीन की सरकारी न्यूज़ एजेंसी शिन्हुआ को दिए इंटरव्यू में मोहम्मद यूनुस ने कहा, "यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम चीन को अपना अच्छा मित्र मानें."

    उन्होंने उम्मीद जताई कि बांग्लादेश और चीन के द्विपक्षीय संबंध एक नए चरण में प्रवेश करेंगे.

    मोहम्मद यूनुस ने कहा, "हमारे रिश्ते सालों से काफी मज़बूत रहे हैं. हमारा व्यवसाय भी काफी मज़बूत है और हमें चीन के साथ सहयोग से फायदा मिलता है."

    "चीन ने जो भी हासिल किया है, उससे बांग्लादेश में हर कोई प्रेरित है."

    मोहम्मद यूनुस ने यह बात ऐसे समय में बोली है जब उन्होंने अपनी चीन यात्रा के दौरान तीस्ता प्रोजेक्ट में चीनी कंपनियों को शामिल होने का न्योता दिया है.

    ऐसे में कई विश्लेषक इसे भारत के लिए झटके के रूप में देख रहे हैं.

    तीस्ता नदी परियोजना भारत और बांग्लादेश के बीच काफ़ी समय से एक प्रमुख मुद्दा रहा है.

    पिछले साल अगस्त में शेख़ हसीना की सरकार के सत्ता से बेदखल होने के बाद से ही बांग्लादेश और भारत के रिश्तों में काफ़ी तल्ख़ी देखने को मिली है.

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  3. थाईलैंड में भूकंप के बाद मलबे में तब्दील हुई 30 मंज़िला इमारत में फंसे लोगों का क्या हुआ?

    थाईलैंड में शुक्रवार को आए भूकंप के बाद से यहां बचाव अभियान जारी है. देश की राजधानी बैंकॉक में सैकड़ों बचावकर्मी ढही 30 मंज़िला इमारत में जीवित बचे लोगों की तलाश में भूकंप के बाद से यानी शुक्रवार से जुटे हुए हैं.

    इस 30 मंज़िला इमारत में अभी भी कई लोग फंसे हुए हैं. अधिकारियों का कहना है कि उन्हें मलबे में दबे लोगों के जीवित रहने के संकेत मिले हैं. लेकिन वो उन तक नहीं पहुंच पाए हैं.

    बैंकॉक में भूकंप से अब तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.

    म्यांमार और थाईलैंड में शुक्रवार को भूकंप के तेज़ झटके महसूस किए गए थे. इसकी वजह से दोनों देश में कई इमारतें गिर गईं और सड़कें टूट गईं.

    म्यांमार में अब तक 1644 लोगों की मौत हो चुकी है और यहां भी बचाव अभियान जारी है.

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  4. सीरिया में राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने कैबिनेट में किस महिला को दी जगह

    सीरिया में बशर अल-असद को सत्ता से बेदखल करने वाले समूह हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) के नेता और राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने शनिवार को अपनी कैबिनेट में 23 मंत्री नियुक्त किए.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, कैबिनेट में ईसाई महिला और बशर अल-असद की विरोधी रहीं हिंद कबावत को भी जगह दी गई है.

    कबावत को सामाजिक मामलों से संबंधित और श्रम मंत्री नियुक्त किया गया है. वह अंतरधार्मिक सहिष्णुता और महिला सशक्तीकरण के लिए काम करती रही हैं.

  5. इसराइल और हमास ग़ज़ा में नए युद्धविराम समझौते के लिए क्या होंगे राज़ी?

    फ़लस्तीनी चरमपंथी समहू हमास ग़ज़ा में संघर्ष विराम के उस नए प्रस्ताव के लिए तैयार हो गया है, जिसके तहत पाँच और बंधकों को रिहा करने और इसके बदले 50 दिन के युद्धविराम की बात है.

    ग़ज़ा के बाहर के हमास के सबसे वरिष्ठ नेता ख़लील अल-हय्या ने कहा कि हमास ने मध्यस्थता निभाने वाले क़तर और मिस्र के समझौते को लेकर भेजे गए मसौदे को मंज़ूरी दे दी है.

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के कार्यालय की ओर से भी कहा गया है कि उसे भी ये प्राप्त हुआ है और उन्होंने इसको लेकर प्रतिक्रिया भेज दी है.

    नए समझौते पर दोनों पक्ष सहमत हो जाते हैं तो ये ईद पर लागू हो सकता है.

    नए संघर्ष विराम समझौते को लेकर ऐसे समय में चर्चा चल रही है, जब इसराइली सेना ग़ज़ा में आए दिन हवाई हमले कर रही है और रफ़ाह में ज़मीनी ऑपरेशन चला रही है.

    हमास और इसराइल के बीच जनवरी में हुआ युद्धविराम समझौता इस महीने टूट गया था.

    इस समझौते के पहले चरण के दौरान हमास ने 33 बंधकों को रिहा किया था. माना जाता है कि हमास ने अभी भी 59 लोगों को बंधक बनाया हुआ है, लेकिन इसमें से कितने ज़िंदा बचे हुए हैं, ये साफ़ नहीं है.

    हमास चाहता था कि पहले वाला समझौता नहीं टूटे और दूसरे चरण के लिए बातचीत शुरू हो. दूसरे चरण के तहत ज़िंदा बचे बंधकों को फ़लस्तीनी कैदियों के बदले में रिहा करने और ग़ज़ा से इसराइली सैनिकों की पूर्ण वापसी की बात थी. लेकिन इस पर बातचीत शुरू ही नहीं हो सकी.

    इसके बदले इसराइल और अमेरिका ने प्रस्ताव दिया कि युद्धविराम का वो पहला चरण, जो एक महीने पहले समाप्त हो गया था, उसे बढ़ाया जाना चाहिए.

    इसराइल ने हमास पर इसको नहीं मानने का आरोप लगाते हुए फिर हमले शुरू कर दिए.

  6. नमस्कार!

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