संभल के सांसद ज़ियाउर्रहमान बर्क़ ने छत पर नमाज़ को लेकर एसडीएम के बयान पर क्या कहा
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इमेज कैप्शन, ज़ियाउर्रहमान बर्क़ (फ़ाइल फ़ोटो)
संभल के सांसद ज़ियाउर्रहमान बर्क़ ईद की तैयारियों को लेकर शांति समिति (पीस कमिटी) की बैठक के बाद एसडीएम वंदना मिश्रा के नमाज़ पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा, "छत पर नमाज़ पढ़ने से रोकने का कोई औचित्य नहीं बनता. छत कोई सरकारी जगह नहीं है. एक व्यक्ति की विशेष जगह है. अगर वह अपने घर पर भी इबादत नहीं करेगा तो वो कहां इबादत करने जाएगा."
ब़र्क ने आगे कहा कि इस तरह की पाबंदियां लगाना धार्मिक स्वतंत्रता को अधिकार छीनना है.
उन्होंने कहा, ''सड़कों पर नमाज़ की इजाज़त नहीं दी जाएगी और न ही लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने दिया जाएगा. छतों पर नमाज़ पढ़ने की इजाज़त मांगी गई है. हम इसे देखेंगे और अगर किसी अनहोनी की आशंका होगी तो इसकी भी इजाज़त नहीं दी जाएगी.''
राजस्थान रॉयल्स ने कोलकाता नाइटराइडर्स को दिया 152 रनों का लक्ष्य
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इमेज कैप्शन, केकेआर की ओर से वैभव अरोड़ा, हर्षित राणा, मोइन अली और वरुण चक्रवर्ति ने दो-दो विकेट हासिल किए.
आईपीएल में गुवाहाटी में आज खेले जा रहे मैच में राजस्थान रॉयल्स ने कोलकाता नाइटराइडर्स को जीतने के लिए 152 रनों का लक्ष्य दिया है.
यह मैच गुवाहाटी के बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है.
इस मुकाबले में कोलकाता नाइटराइडर्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया.
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए राजस्थान रॉयल्स ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट पर 151 रन बनाए.
राजस्थान रॉयल्स टीम की ओर से ध्रुव जुरेल ने सबसे ज्यादा 33 रन बनाए हैं. इसके अलावा यशस्वी जायसवाल ने 29 और रियान पराग ने 25 रन की पारी खेली.
वहीं केकेआर की ओर से वैभव अरोड़ा, हर्षित राणा, मोइन अली और वरुण चक्रवर्ति ने दो-दो विकेट हासिल किए.
राजस्थान और कोलकाता के लिए टूर्नामेंट का आगाज अच्छा नहीं रहा है.
राजस्थान रॉयल्स को पहले मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा.
वहीं आरसीबी ने केकेआर को सात विकेट से मात दी.
अटलांटिक मैग्ज़ीन की नई रिपोर्ट पर उपराष्ट्रपति वेंस और ट्रंप की क़ानूनी सलाहकार क्या बोले
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (दाएं) और राष्ट्रपति ट्रंप की कानूनी सलाहकार एलिना हब्बा (बाएं) (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अटलांटिक मैग्ज़ीन की ओर से जारी की गई नई रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा कि अटलांटिक मैग्ज़ीन के एडिटर जेफ़्रे गोल्डबर्ग ने रिपोर्ट को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है.
जेडी वेंस ने कहा, “याद है जब गोल्डबर्ग ने (सीआईए प्रमुख जॉन) रैटक्लिफ़ पर एक सीआईए एजेंट की पहचान उजागर करने का आरोप लगाया था? अब पता चला है कि रैटक्लिफ़ ने केवल अपने चीफ ऑफ स्टाफ का नाम लिया था."
वहीं राष्ट्रपति ट्रंप की कानूनी सलाहकार एलिना हब्बा ने इस मामले में पत्रकारों से बातचीत की.
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट को अनावश्यक तूल दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक पत्रकार की सुर्खियों में आने की कोशिश है. हम इस मामले पर पहले ही सफाई दे चुके हैं. जैसा कि आपने देखा, हमने कल पूरा दिन इस मामले से जुड़े सवालों के जवाब दिए.”
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन पूरी तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वॉल्ट्ज़ के साथ है.
एलिना ने कहा, "मीडिया को प्रशासन की असली नीतियों और फ़ैसलों पर ध्यान देना चाहिए, न कि ऐसे बेकार के मुद्दों पर. यह सब सिर्फ़ शोर मचाने के लिए किया जा रहा है."
ईद से पहले ग़रीब मुसलमानों को ‘सौगात-ए-मोदी’ किट देने पर क्या बोले महाराष्ट्र के मंत्री
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इमेज कैप्शन, महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने कहा है कि जो मुसलमान हमारे देश को अपना देश मानता है, हम उनके ख़िलाफ़ नहीं हैं.
बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा ने महाराष्ट्र में ग़रीब मुस्लिम परिवारों को ‘सौगात-ए-मोदी’ नाम की किट बांटी है जिस पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने पत्रकारों से बातचीत की है.
उन्होंने कहा, “बीजेपी ने कभी यह नहीं कहा कि हम राष्ट्रभक्त मुसलमानों के ख़िलाफ़ हैं. लेकिन जो मुसलमान देश में जिहाद करता है और हमारे देश को इस्लामी राष्ट्र बनाने की कोशिश करता है, जो हमारे त्योहारों के दौरान पाकिस्तान ज़िंदाबाद कहता है और हरे झंडे लहराता है. उस जिहादी मुसलमान के ख़िलाफ़ हम लोग आज भी हैं.”
नितेश राणे ने आगे कहा कि 'यह योजना राष्ट्रभक्त मुसलमानों के लिए ही है. हम जिहाद करने वालों के ख़िलाफ़ कल भी थे और आज भी हैं.'
अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों के चैट ग्रुप लीक पर मैगज़ीन ने अब लिया ये फ़ैसला
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इमेज कैप्शन, अटलांटिक मैग्ज़ीन के पत्रकार जेफ़्रे गोल्डबर्ग ने नई रिपोर्ट जारी की है जिसमें अधिक जानकारियां हैं
अटलांटिक मैग्ज़ीन के एडिटर जेफ़्रे गोल्डबर्ग ने शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों की चैट ग्रुप लीक पर एक नई रिपोर्ट साझा की है. इस रिपोर्ट में वो जानकारियां हैं जो पहले जारी की गई रिपोर्ट में शामिल नहीं थी.
हाल ही में अटलांटिक
मैग्ज़ीन के पत्रकार जेफ़्रे गोल्डबर्ग को एक मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म सिग्नल पर एक
ग्रुप में जोड़ दिया गया था. इस ग्रुप में उप राष्ट्रपति जेडी वेंस और रक्षा
मंत्री पीट हेगसेट के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वॉल्टज़ भी थे.
इस ग्रुप में यमन में
ईरान समर्थित हूती ग्रुप पर हमले की चर्चा चल रही थी.
गोल्डबर्ग को एक नई रिपोर्ट तब जारी करनी पड़ी है जब ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था कि सिग्नल ग्रुप चैट में कोई गोपनीय जानकारी साझा नहीं की गई थी.
रक्षा मंत्री पीट हेगसेट और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वॉल्टज़ सहित अन्य लोगों ने अटलांटिक मैग्ज़ीन के एडिटर जेफ़्रे गोल्डबर्ग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं.
खुद पर उठे सवालों को लेकर गोल्डबर्ग ने ग्रुप की सारी बातचीत को पब्लिश करने का फ़ैसला किया है.
उन्होंने लिखा, “हेगसेट, गबार्ड, रैटक्लिफ़ और ट्रंप के अलावा कई प्रशासनिक अधिकारियों ने ये दावा किया है कि हम सिग्नल चैट के बारे में झूठ बोल रहे हैं. इन बयानों ने हमें यह फ़ैसला लेने पर मजबूर कर दिया कि लोग खुद इन मैसेज को देखें और अपनी राय बनाएं."
"यह सार्वजनिक हित में है कि यह दिखाया जाए कि ट्रंप के सलाहकार असुरक्षित संचार माध्यमों में किस तरह की जानकारी साझा कर रहे थे. ख़ासकर जब वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को हल्का दिखाने की कोशिश कर रहे हैं."
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कुणाल कामरा अब टी-सीरीज़ पर क्यों भड़के?
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इमेज कैप्शन, कुणाल कामरा ने अपने शो में एक पैरोडी गाना गाया था.
स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने बुधवार को टी सिरीज प्रोडक्शन हाउस को लेकर अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट लिखा है.
उन्होंने लिखा है, "हैलो टी-सिरीज, चमचागिरी बंद करो.
पैरोडी और व्यंग्य कानूनी रूप से फेयर यूज़ के दायरे में आते हैं.
मैंने न तो गाने के बोल इस्तेमाल किए हैं और न ही इसकी ओरिजिनल धुन.
अगर आप इस वीडियो को हटाते हैं, तो आपका हर कवर सॉन्ग और डांस वीडियो भी हटाया जा सकता है."
उन्होंने लिखा है "क्रिएटर्स, कृपया इस पर ध्यान दें.
मैंने पहले भी कहा है, भारत में हर क्षेत्र पर एकाधिकार करने वाले माफिया से कम नहीं हैं, तो कृपया इस वीडियो को देख लें या डाउनलोड कर लें, इससे पहले कि इसे हटा दिया जाए."
36 वर्षीय कॉमेडियन ने अपने एक ताज़ा शो में एक लोकप्रिय हिंदी फ़िल्म के गाने की पैरोडी बनाकर महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के राजनीतिक करियर पर कटाक्ष किया था जिसके बाद ख़ासा विवाद हो रहा है.
कुणाल कामरा ने शो की रिकॉर्डिंग रविवार को अपने यूट्यूब चैनल पर पोस्ट की थी.
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इमेज कैप्शन, कुणाल कामरा ने अपने एक्स अकाउंट पर ये स्क्रीनशॉट साझा किया है
दिल्ली: सड़क पर नमाज़ अदा करने को लेकर बीजेपी विधायक ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र
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इमेज कैप्शन, करनैल सिंह दिल्ली की शकूरबस्ती विधानसभा से विधायक हैं
दिल्ली के शकूरबस्ती विधानसभा क्षेत्र के विधायक करनैल सिंह ने सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ से होने वाली असुविधा पर दिल्ली पुलिस आयुक्त को एक पत्र लिखा है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, इस पत्र में उन्होंने लिखा, "आपका ध्यान एक महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर आकर्षित करना चाहता हूं. हमारे शहर में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ पढ़ने से यातायात बाधित होता है, जिससे आम जनता को असुविधा होती है. कई बार, इस कारण से एम्बुलेंस, स्कूल बसें और अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित होती हैं."
इस पत्र में उन्होंने पुलिस आयुक्त से सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ ना पढ़ने के लिए आवश्यक कदम उठाने और धार्मिक गतिविधियों को निर्धारित स्थानों और निजी परिसरों पर करवाने की अपील की है.
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इमेज कैप्शन, दिल्ली पुलिस कमिश्नर को लिखा गया पत्र
अल्पसंख्यकों के साथ बर्ताव को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
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इमेज कैप्शन, अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की रिपोर्ट पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है
अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की 2025 की वार्षिक रिपोर्ट पर मीडिया के सवालों का भारतीय विदेश मंत्रालय ने जवाब दिया है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की हाल ही में जारी 2025 की वार्षिक रिपोर्ट देखी है, जो एक बार फिर पूर्वाग्रह से भरी हुई और राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित लगती है."
"यूएससीआईआरएफ बार-बार कुछ घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है और भारत के बहुसांस्कृतिक समाज को गलत तरीके से दर्शाने की कोशिश करता है. यह धार्मिक स्वतंत्रता की चिंता से ज्यादा एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा लगता है."
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत 1.4 अरब लोगों का देश है, जहां दुनिया के लगभग सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं. लेकिन हमें उम्मीद नहीं है कि यूएससीआईआरएफ भारत के विविधतापूर्ण और सहिष्णु समाज को सही ढंग से समझेगा या इसकी सच्चाई को मानेगा.
बयान में आगे है, "भारत एक मज़बूत लोकतंत्र और सहिष्णुता का प्रतीक है, जिसे कमज़ोर करने की ये कोशिशें नाकाम रहेंगी. असल में, यूएससीआईआरएफ को ही शक के दायरे में रखा जाना चाहिए."
मंगलवार को अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने साल 2025 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की थी.
इस रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत में अल्पसंख्यकों के साथ बुरा बर्ताव किया जा रहा है.
रिपोर्ट में लिखा है, "भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति साल 2024 के दौरान लगातार खराब होती गई, खासकर देश के लोकसभा चुनावों से पहले और बाद के महीनों में. इस दौरान कुछ राज्यों में ऐसे कानून लागू किए गए, जिन्हें धार्मिक अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ भेदभावपूर्ण माना गया. साथ ही, नफ़रत भरे बयानों और फ़ैसलों ने भी माहौल को प्रभावित किया."
इस रिपोर्ट में राजनीतिक दल बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी पर भी बात की गई है.
इसमें लिखा है, "जून में हुए लोकसभा चुनावों से पहले, बीजेपी के सदस्यों, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे, उन्होंने मुसलमानों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ नफ़रत भरे बयान और भ्रामक जानकारी फैलाकर राजनीतिक समर्थन जुटाने की कोशिश की."
ईद से पहले पीस कमिटी की बैठक में संभल के सीओ अनुज चौधरी ने अब क्या कहा
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इमेज कैप्शन, संभल के सीओ अनुज चौधरी (फ़ाइल फ़ोटो)
उत्तर प्रदेश के संभल में शांति समिति (पीस कमिटी) की बैठक के दौरान इलाक़े के सीओ अनुज चौधरी ने एकबार फिर शांति व्यवस्था को लेकर बयान दिया है.
उन्होंने बैठक के दौरान कहा, "हमारा उद्देश्य हमेशा यही रहता है कि हम जहां रहें, वहां किसी भी तरह की शांति व्यवस्था भंग ना हो. आप सब हम पर विश्वास रखें."
"आप अगर ईद की सैवइयां खिलाना चाहते हैं तो आपको गुझिया भी खानी पड़ेगी. यहां गड़बड़ हो जाती है जहां एक पक्ष खाने को तैयार है और दूसरा खा नहीं रहा है. तो भाईचारा ख़त्म हो जाता है."
अपने बयानों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 'हम स्पष्ट बोल रहे हैं तो इसका मतलब ये नहीं है कि हम नेतागिरी कर रहे हैं और ना ही नेतागिरी का हमारा कोई इरादा है.'
इससे पहले सीओ अनुज चौधरी ने होली के दौरान भी एक बयान दिया था जिसको लेकर विवाद पैदा हो गया था.
उस समय उन्होंने कहा था कि 'होली का दिन साल में एक बार आता है, जबकि जुमा साल में 52 बार आता है. अगर किसी को लगता है होली के रंग से उसका धर्म भ्रष्ट होता है तो वह उस दिन घर से ना निकले. मेरी सोच ये है कि रंग से कोई छोटा बड़ा नहीं होता है.'
उनके इस विवादित बयान का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समर्थन किया था.
राणा सांगा और बाबर पर बयान देने वाले सपा सांसद के आवास पर करणी सेना का हंगामा, नसीम अहमद, आगरा से, बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने हाल ही में बाबर और राणा सांगा पर बयान दिया था
आगरा में समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के आवास पर बुधवार को जमकर हंगामा हुआ. करणी सेना के कार्यकर्ता भारी संख्या में रामजी लाल सुमन के घर के बाहर जुटे और घर में घुसने की कोशिश की.
सांसद रामजी लाल सुमन ने राज्यसभा में राणा सांगा पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद से ये कार्यकर्ता नाराज़ हैं.
उनके आवास पर हुए हंगामे के दौरान पुलिस और करणी सेना के बीच झड़प हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.
इससे पहले करणी सेना ने ये एलान किया था कि वो मंगलवार को सांसद रामजी लाल सुमन के आगरा स्थित आवास का घेराव करेंगे.
इसे देखते हुए पुलिस ने इलाके में भारी सुरक्षाबल तैनात कर दिया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगरा दौरे को लेकर पहले से ही प्रशासन अलर्ट मोड में था.
करनी सेना के कुछ कार्यकर्ताओं को एत्मादपुर के पास रोकने की कोशिश की गई, लेकिन उनमें से कुछ एमजी रोड, संजय प्लेस होते हुए सुमन के आवास तक पहुंच गए. वहां पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन मामला भिड़ंत तक पहुंच गया.
करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने कॉलोनी का बंद गेट तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. इस झड़प में हरि पर्वत के इंस्पेक्टर आलोक कुमार सहित कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं. पुलिस ने मौके से करणी सेना के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है.
फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और हालात नियंत्रण में हैं.
बीते शुक्रवार को रामजी लाल ने राज्यसभा में कहा था, "मैं जानना चाहूंगा कि बाबर को आखिर लाया कौन था? इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को राणा सांगा लेकर आया था."
उनके इस बयान पर राजस्थान की उप-मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आपत्ति जताई थी.
इसके बाद सोमवार को समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में रामजी लाल ने अपने इस बयान पर सफ़ाई दी थी.
उन्होंने कहा, "शुक्रवार को संसद में गृह मंत्रालय के कामकाज के दौरान मैंने कहा था कि हिंदुस्तान में बाबर को राणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को हराने के लिए आमंत्रित किया था. मेरा मक़सद किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था."
संसद में न बोलने दिए जाने के राहुल गांधी के आरोप पर बोले शत्रुघ्न सिन्हा
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इमेज कैप्शन, तृणमूल कांग्रेस सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि उन्हें ये नहीं पता कि स्पीकर किस दबाव में हैं
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जाता है जिस पर तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने बिल्कुल सही कहा है. राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं. हम सब लोगों के नेता हैं. वो बहुत ही सक्षम और काबिल हैं. यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी उन्होंने बोलने की कोशिश की थी. लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया और आज भी उन्हें बोलने नहीं दिया गया है.”
उन्होंने इस घटना को शर्मनाक, गलत और निंदनीय कहा.
उन्होंने आगे कहा, “मैं स्पीकर का सम्मान करता हूं लेकिन पता नहीं क्या दबाव है और क्यों ऐसा हो रहा है कि समझ नहीं आ रहा है.”
राहुल गांधी बोले उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जाता, लोकसभा स्पीकर ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया है कि संसद को अलोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर अपनी बात ना रखने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से बात की है.
उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेता को संसद में बोलने दिया जाता है. लेकिन जब भी मैं बोलने के लिए खड़ा होता हूं, मुझे बोलने नहीं दिया जाता है. पता नहीं, संसद किस तरह से चल रही है. जो हम कहना चाहते है, हमें कहने नहीं देते.”
“मैंने कुछ नहीं किया है, मैं बिल्कुल शांति से बैठा था. मैंने एक शब्द नहीं बोला. पिछले 7-8 दिन में मुझे बोलने नहीं दिया. ये एक नया तरीका है जहां लोकतंत्र में विपक्ष की जगह होती है और सरकार की जगह होती है. यहां पर विपक्ष की जगह है ही नहीं.”
उन्होंने ये भी कहा कि जिस दिन संसद में प्रधानमंत्री मोदी कुंभ पर बात कर रहे थे, उस दिन उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया.
उन्होंने आगे कहा, “मैं कुंभ के साथ- साथ बेरोज़गारी के बारे में बोलना चाहता था, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया.”
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि संसद को अलोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है.
वहीं बुधवार को संसद में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संसद में संसद के नियमों के अनुरूप मर्यादा और शालीनता बनाने की सदस्यों से अपील की.
उन्होंने कहा, "आप सबसे अपेक्षा की जाती है कि आप सदन में सदन की मर्यादा और शालीनता के उच्च मापदंडों को बनाए रखें. सदन में मेरे संज्ञान में ऐसी कई घटनाएं हैं. जहां माननीय सदस्यों के आचरण सदन की उच्च परंपराओं के मापदंडों के अनुरूप नहीं हैं."
"इस सदन में पिता, बेटी, मां, पत्नी और पति सदस्य रहे हैं. इस परिपेक्ष्य में मेरी नेता प्रतिपक्ष से ये अपेक्षा है कि लोकसभा प्रक्रिया कार्य संचरण नियम 349 के वर्णित सभा में नियमों के अनुरूप सदन में आचरण करें."
इसी के साथ उन्होंने कहा कि विशेष रूप से नेता प्रतिपक्ष से ये अपेक्षा की जाती है कि आचरण बनाए रखें.
दोपहर के दो बज चुके हैं. अभी तक बीबीसी संवाददाता हिमांशु दुबेआप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.
अब से रात 10 बजे
तक बीबीसी संवाददाता कीर्ति रावतआप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगी.
बीबीसी हिंदी के पन्ने पर लगी कुछ
अहम ख़बरें नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक करके आप पढ़ सकते हैं.
बिहारः वक़्फ़ संशोधन विधेयक के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में शामिल हुए तेजस्वी यादव ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, तेजस्वी यादव ने एआईएमपीएलबी से कहा कि हम आप लोगों के साथ हैं.
बिहार के पटना में बुधवार को वक़्फ़ संशोधन विधेयक के ख़िलाफ़ ऑल
इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने विरोध प्रदर्शन किया. इसमें राष्ट्रीय जनता दल
के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी शामिल हुए.
उन्होंने कहा, “जो बिल लाया गया है, इसके
विरोध में आप सब लोगों का महाजुटान हुआ है. हमारी पार्टी
राष्ट्रीय जनता दल, हम लोगों के नेता लालू प्रसाद यादव जी, आज बीमार अवस्था
में भी, यहां आप लोगों का साथ देने पहुंचे हैं.”
तेजस्वी ने कहा, “हम लोग किसी भी कीमत
पर, चाहे सत्ता रहे या जाए, हम लोगों को इसकी परवाह नहीं है. इस ग़ैर-संवैधानिक
बिल, अलोकतांत्रिक बिल का पुरज़ोर विरोध हमने सदन में, विधानसभा और
विधान परिषद में भी किया था.”
“हम लोग यह बताना चाहते हैं कि आप लोगों की इस लड़ाई में, हम लोग पूरी
मज़बूती के साथ आपके साथ खड़े हैं.”
इस बीच, जेपीसी चेयरमैन और बीजेपी सांसद जगदम्बिका पाल ने इस विरोध प्रदर्शन पर आपत्ति जताई.
उन्होंने कहा, “ऑल इंडिया मुस्लिम
पर्सनल लॉ बोर्ड जिस तरह से वक़्फ़ को लेकर विवाद और राजनीति कर रहा है, उसके
ज़रिए देश के अल्पसंख्यकों में, मुस्लिमों में भ्रम पैदा करने की, उनको गुमराह
करने की कोशिश हो रही है.”
इससे पहले, 17 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक, 2024 के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया था. इस दौरान, सैकड़ों की संख्या में मुसलमान प्रोटेस्ट में हिस्सा लेने पहुंचे.
दक्षिण कोरियाः जंगलों में लगी आग से 18 की मौत, हेलिकॉप्टर क्रैश
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इमेज कैप्शन, 23 हज़ार से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है.
दक्षिण कोरिया के दक्षिण-पूर्व में स्थित जंगलों में लगी आग लगातार बढ़ती जा रही है. इस घटना में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 19 लोग घायल हो गए हैं.
यह जानकारी दक्षिण कोरिया के आंतरिक और सुरक्षा मंत्रालय ने दी है.
इस बीच, अधिकारियों ने बताया है कि आग बुझाने में जुटा एक हेलिकॉप्टर भी क्रैश हो चुका है. ऐसा क्यों हुआ, इसकी जांच की जा रही है.
देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक सू ने बताया कि यह चुनौती
गंभीर बनी हुई है. उन्होंने कहा, “हमारे देश के इतिहास में अब तक जंगलों में लगी यह सबसे बुरी आग है.”
आग लगने के बाद 23 हज़ार से ज़्यादा लोगों को अपने स्थान से दूर हटाया गया है. इस आग की चपेट कई ऐतिहासिक स्थान भी आ गए हैं.
इनमें एक 1300 साल पुराना बौद्ध मंदिर भी शामिल है, जो जंगल की आग के कारण अब नष्ट हो चुका है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट के विवादित फ़ैसले पर रोक, सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसले पर टिप्पणी की है.
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक विवादित फ़ैसले पर रोक लगा दी है.
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने एक फ़ैसले में कहा था कि 'पीड़िता के स्तन को छूना और पायजामे की नाड़ी खोलने को बलात्कार या बलात्कार की कोशिश के मामले में नहीं गिना जा सकता है.'
इस पर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाई कोर्ट का फ़ैसला ‘पूरी तरह से असंवेदनशीलता और अमानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता’ है. सुप्रीम कोर्ट ने इस फ़ैसले पर रोक लगा दी है.
बेंच ने अपने फ़ैसले में कहा, “हमें यह कहते हुए दुख हो रहा है कि इस विवादित फ़ैसले में की गईं कुछ टिप्पणियां,
खासतौर पर पैरा 21, 24 और 26, फ़ैसला लिखने वाले की संवेदनशीलता की कमी को दिखाता
है.”
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीआर गवई और
जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फ़ैसले पर स्वतः संज्ञान
लिया था.
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के
फ़ैसले से बेहद मज़बूती के साथ असहमति जताई. बेंच ने कहा कि हाई कोर्ट का फ़ैसला ‘हैरान’
करने वाला था.
कासगंज के विशेष जज की अदालत में इस नाबालिग लड़की की मां ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था, लेकिन अभियुक्तों ने इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाख़िल की.
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा था कि 'ये मामला गंभीर यौन हमले के तहत आता है.'
बिहार में सड़क निर्माण पर कन्हैया कुमार ने उठाए सवाल, तो बीजेपी प्रवक्ता ने दिया यह जवाब
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि बिहार का पानी लूटने के लिए सड़कें बनाई जा रही हैं.
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने मंगलवार को बिहार
के दरभंगा में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में राज्य में हो रहे सड़क निर्माण को लेकर
सवाल उठाए थे. इस पर, बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने टिप्पणी की है.
उन्होंने कहा, “जिनका नेता राहुल गांधी हों,
उनके फॉलोवर्स से और क्या उम्मीद की जा सकती है? अब कन्हैया कुमार जी ने भी
अद्भुत ज्ञान दिया है. बिहार में सड़कों की आवश्यकता नहीं है.”
पूनावाला ने कहा, “वो
बिहार के लोगों का अपमान भी करते हैं कि बिहार के लोगों के पास इनकम कहां है? फ़िर अजीब थ्योरी देते हैं कि पेट्रोल
से प्यास नहीं बुझती. सड़कें इसलिए बनाई जा रही हैं, ताकि पानी चुराया जा सके.”
इससे पहले, कन्हैया कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस
में कहा था, “बिहार में जब कुछ है नहीं,
तो रोड क्यों बन रहा है?
बिहार में वो है, जिसके लिए दुनिया तरसने वाली है.”
“बिहार में है पानी, और मेरी बात
याद कीजिएगा कि पानी पेट्रोल से भी ज़्यादा क़ीमती होना है, क्योंकि पेट्रोल पीने
से प्यास नहीं बुझती है.”
उन्होंने कहा था, “पानी की ज़रूरत सबको है.
दुनिया में जिस तरह से पानी ख़त्म हो रहा है. दुनियाभर के पूंजीपतियों और कारोबारियों
की नज़र बिहार के पानी पर है. जब औद्योगिकीकरण होना था, तब नहीं हुआ.”
“जब
इंडस्ट्रीज़ ऑटोमैटिक हो गई है, जहां स्थानीय लोगों को रोज़गार नहीं मिलेगा. तब ये
लोग छोटी-छोटी यूनिट लेकर आ रहे हैं, ताकि यहां के पानी का दोहन किया जा सके.”
कन्हैया ने कहा था, “जो बड़ी-बड़ी सड़कें बन रही
हैं, हमारे आसपास, हमारे पास तो इनकम ही नहीं है, तो सड़क किसके लिए बना रहे हैं.
सड़क बना रहे हैं, यहां का संसाधन लूट कर ले कर जाने के लिए.”