ईरानी सरकारी मीडिया का दावा, 'ईरान का हवाई क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए आंशिक रूप से खुला'
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इमेज कैप्शन, 28 फ़रवरी से अमेरिका-इसराइल हमलों के बाद से ईरान का हवाई क्षेत्र बंद था (सांकेतिक तस्वीर)
ईरान का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए खुल गया है. यह जानकारी सरकारी न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए ने दी है.
ईरान के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने नोटिस जारी कर बताया है कि हवाई क्षेत्र और कुछ हवाई अड्डे फिर से खोले गए हैं और उड़ानें धीरे-धीरे शुरू होंगी.
न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए ने कहा कि देश के पूर्वी हिस्से का हवाई मार्ग अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए खुला है.
28 फ़रवरी से अमेरिका-इसराइल हमलों के बाद से ईरान का हवाई क्षेत्र बंद था.
मध्य पूर्व संकट की वजह से कई फ़्लाइट्स रद्द करनी पड़ी और मुसाफ़िरों के लिए परेशानी बनी रही.
ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से बंद करने का किया एलान
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इमेज कैप्शन, होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तकरार ख़त्म नहीं हुई है (सांकेतिक तस्वीर)
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक़ देश की सेना का कहना है कि वह होर्मुज़ स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण फिर से शुरू कर रही है.
देश की कई मीडिया ने आईआरजीसी के एक बयान का हवाला देते हुए कहा है कि यह होर्मुज़ स्ट्रेट "अपनी पिछली स्थिति" में लौट आएगा, और सशस्त्र बल इस क्षेत्र को नियंत्रित करेंगे.
यह ख़बर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स से जुड़ी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी, ईरानी स्टूडेंट्स न्यूज़ एजेंसी और सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने दी है. इन संस्थाओं ने कहा,"हमने पहले कुछ जहाज़ों को इस जलमार्ग से गुज़रते हुए देखा था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इस महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग से कितने जहाज़ गुज़र पाए हैं."
आईआरजीसी के बयान में अमेरिका पर "समुद्री डकैती" का आरोप लगाया गया है, और कहा गया है कि उसकी "तथाकथित नाकेबंदी" समुद्री लूट के बराबर है.
ईरान ने पहले कहा था कि अगर अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखता है, तो वह होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर देगा.
शुक्रवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि युद्धविराम की बाकी बची अवधि के लिए स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से सभी वाणिज्यिक जहाज़ों के लिए आवागमन पूरी तरह से खोल दिया गया है.
इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट कर होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान को धन्यवाद दिया.
उन्होंने लिखा, "ईरान ने अभी-अभी घोषणा की है कि 'स्ट्रेट ऑफ़ ईरान' पूरी तरह खुला है और आवाजाही के लिए तैयार है. धन्यवाद!"
हालांकि, इसके चंद मिनट बाद ही उन्होंने एक और पोस्ट कर कहा कि होर्मुज़ में 'अमेरिकी नाकाबंदी' जारी रहेगी.
नमस्कार!
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डोनाल्ड ट्रंप बोले- 'ईरान से समझौता नहीं हुआ तो बम गिराने पड़ेंगे'
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इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है, "हमें फिर से बम गिराना शुरू करना पड़ेगा"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर बुधवार तक ईरान के साथ कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ, तो ईरान पर फिर से बमबारी होगी.
डोनाल्ड ट्रंप से पत्रकारों ने पूछा कि क्या वह युद्धविराम बढ़ाएंगे? इस पर ट्रंप ने कहा, "शायद मैं इसे आगे नहीं बढ़ाऊंगा. लेकिन नाकाबंदी जारी रहेगी. अफ़सोस की बात है कि हमें फिर से बम गिराना शुरू करना पड़ेगा."
यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच समझौता होने की उम्मीदें की जा रही हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा, "उन्हें कुछ समय पहले ही बहुत अच्छी ख़बर मिली है. मध्य पूर्व में ईरान के साथ हालात बहुत अच्छे होते नज़र जा रहे हैं."
गौरतलब है कि पहले दौर की बातचीत पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई थी, लेकिन यह बेनतीजा रही थी.
प्रियंका गांधी ने कहा- 'मोदी सरकार को पहली बार धक्का लगा, ये धक्का लगना ज़रूरी था'
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इमेज कैप्शन, प्रियंका गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने संविधान संशोधन बिल के संदर्भ में कहा कि कल जो हुआ वो लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है. उन्होंने कहा कि सरकार की लोकतंत्र को कमज़ोर करने साजिश थी, उसे रोका गया.
प्रियंका गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मोदी सरकार ने लोकतंत्र को कमज़ोर करने और संघीय ढांचे को बदलने की साज़िश की थी, जिसे हमने हरा दिया."
उन्होंने कहा, "ये संविधान की जीत है, देश की जीत है, विपक्ष की एकता की जीत है, जो सत्ता पक्ष के नेताओं के चेहरे पर साफ़ दिख रही थी."
"ये महिला आरक्षण बिल की बात नहीं थी. यह बात परिसीमन से जुड़ी हुई थी. मोदी सरकार को परिसीमन इस आधार पर करना था, जिसमें उसे जातिगत जनगणना के आंकड़ों को देखने की ज़रूरत नहीं होती और मनमानी करने की पूरी आज़ादी होती. ऐसे में मुमकिन ही नहीं था कि विपक्ष मोदी सरकार का साथ दे. पूरे देश ने देख लिया है कि जब विपक्ष एकजुट होता है तो कैसे मोदी सरकार को हराया जाता है."
प्रियंका गांधी ने कहा, "मोदी सरकार को पहली बार धक्का लगा है, इसलिए इसे 'ब्लैक डे' कह रही है. ये धक्का लगना बहुत ज़रूरी था. आज महिलाओं का संघर्ष बहुत बढ़ चुका है. वे सरकार का पीआर और मीडियाबाज़ी देख रही हैं, समझ रही हैं. इसलिए अब वो सब नहीं चलेगा."
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार ने सोचा बिल पारित हो जाएगा तो उनकी जीत होती. नहीं हुआ तो हम हर विपक्षी नेता को महिला विरोधी साबित कर महिलाओं के लिए मसीहा बन जाएंगे."
दरअसल, लोकसभा में शुक्रवार को 131वां संविधान संशोधन बिल पेश हुआ और इस पर वोटिंग हुई, लेकिन यह बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका.
नासिक: टीसीएस कंपनी ने यौन शोषण समेत अन्य आरोपों पर दिया यह जवाब
इमेज कैप्शन, अब तक इस मामले में कुल 9 एफ़आईआर दर्ज हुई हैं
महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस में काम करने वाली आठ महिलाओं ने यौन शोषण और मानसिक प्रताड़ना जैसे आरोप लगाए थे. अब इस मामले में टीसीएस ने भी आधिकारिक बयान जारी किया है.
टीसीएस के सीईओ और एमडी के. कृतिवासन ने बयान में कहा, "अभी विस्तृत समीक्षा जारी है, लेकिन शुरुआती जांच से पता चला है कि नासिक यूनिट से जुड़े सिस्टम और रिकॉर्ड्स में हमें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है, जैसी आरोपों में कही जा रही है. न ही हमारे एथिक्स चैनल पर और न ही पोश चैनल पर."
उन्होंने बताया, "हमने डेलॉइट और बड़ी लॉ फर्म ट्राइलीगल की विशेषज्ञ टीमों को जोड़ा है. ये टीमें स्वतंत्र सलाहकार के तौर पर काम कर रही हैं और आंतरिक जांच का नेतृत्व टीसीएस की प्रेसिडेंट और सीओओ आरती सुब्रमणयन कर रही हैं."
कृतिवासन ने कहा, "हमने एक ओवरसाइट कमेटी बनाई है. आंतरिक जांच में जो चीज़ें सामने आएंगी, वो ओवरसाइट कमेटी को दी जाएंगी. ताकि वे समीक्षा कर सकें और ज़रूरी सुझाव लागू किए जा सकें."
कंपनी के एमडी ने कहा, "हम क़ानूनी प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं ताकि यह मामला गहराई से और पारदर्शिता के साथ जांचा जाए और सही निष्कर्ष तक पहुंचे."
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इमेज कैप्शन, टीसीएस की ओर से जारी किया गया आधिकारिक बयान
टीसीएस की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि नासिक फैसिलिटी को बंद नहीं किया है, यह अभी भी चल रही है.
गौरतलब है कि अब तक इस मामले में कुल 9 एफ़आईआर दर्ज हुई हैं. अभियुक्तों में टीसीएस के कर्मचारी, एचआर विभाग के कुछ लोग और डिलीवरी पार्टनर्स शामिल हैं.
महिलाओं ने यौन शोषण, शादी का झांसा देकर संबंध बनाने, धोखाधड़ी और धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसे आरोप लगाए हैं.
इस मामले में एक महिला समेत कुल 7 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, जबकि एक महिला अभियुक्त फ़रार बताई जा रही हैं.
डोनाल्ड ट्रंप के 'यूरेनियम' वाले दावे पर ईरान ने अब क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम कहीं नहीं भेजा जाएगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका ईरान का संवर्धित यूरेनियम लेगा. अब इस पर ईरान की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने ईरानी टीवी को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम कहीं भी नहीं भेजा जाएगा.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, बक़ाई ने ज़ोर देकर कहा, "ईरान का संवर्धित पदार्थ अमेरिका भेजना कभी कोई ऑप्शन ही नहीं था."
इस्माइल बक़ाई ने कहा, "अमेरिका का यह कहना कि ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी जब तक समझौता नहीं होता. अगर यह नाकाबंदी जारी रही तो इसे युद्धविराम का उल्लंघन माना जा सकता है. ईरान निश्चित रूप से होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ज़रूरी क़दम उठाएगा."
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज़ स्ट्रेट में 'अमेरिकी नाकाबंदी' जारी रहेगी. ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिकी नाकाबंदी सिर्फ़ ईरान पर लागू रहेगी.
उन्होंने कहा, "यह सिर्फ़ ईरान पर लागू होगी, जब तक कि ईरान के साथ हमारा समझौता 100 फ़ीसदी पूरा नहीं हो जाता."
डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लेकर बोले- 'कुछ समय पहले ही बहुत अच्छी ख़बर मिली है'
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इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति ट्रंप ने यह धमकी भी दी कि अगर बुधवार तक युद्ध ख़त्म करने के लिए कोई समझौता नहीं हुआ तो वह युद्धविराम ख़त्म कर सकते हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें कुछ समय पहलेही बहुत अच्छी ख़बर मिली है. उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में ईरान के साथ हालात बहुत अच्छे होते नज़रजा रहे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप से पत्रकारों ने पूछा कि अच्छी ख़बर क्या है, इस पर ट्रंप ने कहा, "आप जल्द ही इसके बारे में जानेंगे. हम बातचीत कर रहे हैं, मुझे उम्मीद है कि चीज़ें अच्छी होंगी. इनमें से कई चीज़ें तय हो चुकी हैं और मान ली गई हैं."
उन्होंने कहा, "सबसे ज़रूरी बात यह है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए. आप ईरान को परमाणु हथियार रखने नहीं दे सकते, यह बाकी सब चीज़ों से ज़्यादा अहम है."
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह धमकी भी दी कि अगर बुधवार तक युद्ध ख़त्म करने के लिए कोई समझौता नहीं हुआ, तो वह ईरान के साथ युद्धविराम ख़त्म कर सकते हैं.
भारतीय वायुसेना ने पुणे एयरपोर्ट की स्थिति पर दिया अपडेट
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इमेज कैप्शन, भारतीय वायुसेना ने एक्स पोस्ट में पुणे एयरपोर्ट की स्थिति को लेकर अपडेट दिया है (सांकेतिक तस्वीर)
भारतीय वायुसेना (आईएएफ़) ने बताया है कि पुणे एयरपोर्ट के रनवे को फिर से शुरू कर दिया गया है.
विमान सेवाओं का परिचालन चरणबद्ध तरीक़े से फिर से शुरू हो रहा है.
दरअसल, आईएएफ़ ने शुक्रवार देर रात बताया कि पुणे एयरपोर्ट का रनवे अस्थायी रूप से बंद है. यह एक विमान से जुड़ी घटना के बाद हुआ.
हालांकि, आईएएफ़ ने घटना को विस्तृत रूप से नहीं बताया था.
केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने शनिवार सुबह एक एक्स पोस्ट में बताया कि एयरपोर्ट पर स्थिति सामान्य हो गई है.
उन्होंने लिखा, "रनवे की मरम्मत का काम पूरा होने के बाद सुबह 7:30 बजे से उड़ानों की रवानगी फिर से शुरू होगी, जबकि आगमन सेवाएं सुबह 8:00 बजे से शुरू होंगी."
ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति के लिए कहा- 'शी जिनपिंग बहुत ख़ुश हैं, क्योंकि...'
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इमेज कैप्शन, शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की अगले महीने मुलाक़ात हो सकती है (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग बहुत ख़ुश हैं, क्योंकि होर्मुज़ स्ट्रेट खुल रहा है.
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान तब आया है, जब उनका अगले महीने चीन का दौरा प्रस्तावित है.
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "राष्ट्रपति शी जिनपिंग बहुत ख़ुश हैं कि होर्मुज़ स्ट्रेट खुला है या तेज़ी से खुल रहा है."
उन्होंने जिनपिंग से होने वाली मुलाक़ात को लेकर लिखा, "हमारी मुलाक़ात चीन में ख़ास होगी और शायद ऐतिहासिक भी. मैं राष्ट्रपति शी से मिलने का इंतज़ार कर रहा हूं, बहुत कुछ हासिल किया जाएगा."
गौरतलब है कि अमेरिका का यह दावा रहा है कि चीन ने ईरान को हथियार सप्लाई किए हैं.
हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ये भी दावा किया था कि 'चीन ने ईरान को हथियार नहीं देने पर' सहमति जताई है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने ईरान-अमेरिका की बातचीत पर दिया ये अपडेट
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इमेज कैप्शन, अंतालिया डिप्लोमेसी फ़ोरम में अपनी बात रखते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौते के लिए बातचीत जारी है और अब सिर्फ कुछ मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है.
तुर्की में अंतालिया डिप्लोमेसी फ़ोरम में बोलते हुए इसहाक़ डार ने कहा, "दोनों पक्षों के बीच सिर्फ कुछ मुद्दों पर सहमति बननी बाकी है. हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है और हम समझौते तक पहुंचने के लिए मेहनत कर रहे हैं क्योंकि इससे पूरी दुनिया को फ़ायदा होगा."
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, इसहाक़ डार ने कहा, "हम अधूरे मुद्दों पर सहमति बनाने और अंतर को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं. लेबनान में युद्धविराम हो चुका है और अब अच्छी खबर यह है कि ईरान ने बिना किसी शर्त के जहाज़ों के लिए होर्मुज़ स्ट्रेट का रास्ता फिर से खोल दिया है."
इसहाक़ डार ने कहा, "हम बहुत आशावादी हैं कि बाकी बची हुई बातचीत भी पूरी हो जाएगी."
ईरान और अमेरिका के बीच जल्द अगले दौर की बातचीत होने की उम्मीद जताई जा रही है. पहले दौर की बातचीत पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई थी.
ईरान ने कहा- 'डोनाल्ड ट्रंप ने एक घंटे में सात दावे किए और सातों झूठे हैं'
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इमेज कैप्शन, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ अमेरिका से बातचीत के लिए पाकिस्तान भी गए थे (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने कहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक घंटे में सात दावे किए और सभी सातों झूठे हैं.
मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "अगर ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रही तो होर्मुज़ स्ट्रेट खुला नहीं रहेगा."
यह बात उन्होंने ट्रंप के उस बयान के जवाब में कही जिसमें ट्रंप ने कहा था कि शांति समझौते तक ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी रहेगी.
ग़ालिबाफ़ ने लिखा, "होर्मुज़ स्ट्रेट खुला है या बंद है और उसके नियम क्या होंगे, यह ज़मीन पर हालात तय करेंगे, सोशल मीडिया नहीं. होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रना तय किए गए रास्ते और ईरान की अनुमति के आधार पर होगा."
ग़ालिबाफ़ ने कहा कि झूठ से जंग नहीं जीती जाती और बातचीत भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती है.
गौरतलब है कि ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ उस प्रतिनिधिमंडल का भी हिस्सा थे, जो अमेरिका से बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचा था.
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान का ज़िक्र करते हुए अब क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने अब तक आठ युद्ध रुकवाए हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ख़ुद को 'पीसमेकर' यानी शांति स्थापित करने वाला बताया है. ट्रंप ने फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान का सैन्य संघर्ष रुकवाया था.
अमेरिका के एरिज़ोना में एक रैली को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप बोले, "मैं पीसमेकर (शांति स्थापति करने वाला) हूं. मैंने आठ युद्ध ख़त्म किए. मैंने भारत-पाकिस्तान का ऐसा युद्ध ख़त्म किया जो 3 से 5 करोड़ लोगों की जान ले लेता."
उन्होंने कहा, "मैंने आठ युद्ध ख़त्म किए, लेकिन अगर हम ईरान और लेबनान को जोड़ें तो यह 10 युद्ध होंगे और करोड़ों लोगों की जान बची. सोचिए, हमने कितनी ज़िंदगियां बचाई हैं."
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "अब जब होर्मुज़ स्ट्रेट की स्थिति लगभग साफ़ हो गई है, तो मुझे नेटो से फ़ोन आया कि क्या हमें उनकी मदद चाहिए? मैंने उनसे कहा कि मुझे तुम्हारी मदद दो महीने पहले चाहिए थी, लेकिन अब मुझे तुम्हारी मदद बिल्कुल नहीं चाहिए. जब हमें ज़रूरत थी तब तुम बिल्कुल काम नहीं आए. लेकिन असल में हमें उनकी कभी ज़रूरत ही नहीं थी. उन्हें हमारी ज़रूरत थी."
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.