ग़ज़ा में इसराइल ने की बमबारी, इन देशों ने की ये अपील

हमास संचालित सिविल डिफ़ेंस एजेंसी का कहना है कि ग़ज़ा पर इसराइल ने ज़ोरदार हवाई हमले किए हैं.

सारांश

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह और इफ़्तेख़ार अली

  1. ट्रंप-पुतिन वार्ता से पहले ज़ेलेंस्की का आरोप: रूस बढ़ा रहा है सैनिकों की तैनाती

    वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की

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    इमेज कैप्शन, ज़ेलेंस्की ने कहा है कि पुतिन न तो युद्धविराम की तैयारी कर रहे हैं और न ही युद्ध को समाप्त करने की (फ़ाइल फ़ोटो)

    रूस-यूक्रेन के बीच युद्धविराम कराने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच 15 अगस्त को मुलाक़ात होनी है.

    इस मुलाक़ात से पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि पुतिन केवल युद्धविराम का दिखावा कर रहे हैं, वह वास्तव में इसके लिए कुछ नहीं कर रहे हैं.

    ज़ेलेंस्की ने एक्स पर लिखा, "आज ख़ुफ़िया और सैन्य कमान की ओर से एक रिपोर्ट मिली, जिसमें बताया गया कि पुतिन क्या तैयारी कर रहे हैं. यह बिल्कुल साफ़ है कि पुतिन न तो युद्धविराम की तैयारी कर रहे हैं और न ही युद्ध को समाप्त करने की."

    उन्होंने कहा, "पुतिन केवल अमेरिका के साथ होने वाली बैठक को अपनी व्यक्तिगत जीत के तौर पर पेश करना चाहते हैं और फिर पहले की तरह ही यूक्रेन पर दबाव डालते रहना चाहते हैं."

    यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा है कि अब तक उन्हें ऐसे कोई भी संकेत नहीं मिले हैं, जिसमें रूसियों को युद्ध के बाद की तैयारी के लिए कुछ कहा गया हो.

    ज़ेलेंस्की ने कहा, "इसके उलट रूस अपने सैनिकों और बलों की तैनाती कर रहा है, जो नई आक्रामक सैन्य कार्रवाइयों की तैयारी का संकेत देते हैं. अगर कोई शांति की तैयारी करता है तो वह ऐसा नहीं करता."

    ट्रंप और पुतिन के बीच इस हफ़्ते शुक्रवार को मुलाक़ात होनी है. ट्रंप ने कहा है कि इस मुलाक़ात के दौरान वह यूक्रेन के कुछ हिस्से रूस से वापस लेने की कोशिश करेंगे.

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  2. आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली के मेयर बोले- 'हमारे पास शेल्टर होम नहीं'

    इक़बाल सिंह

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    इमेज कैप्शन, दिल्ली के मेयर ने कहा है कि वह कोशिश करेंगे कि पूरी दिल्ली को स्ट्रीट डॉग्स से कोई परेशानी न हो (फ़ाइल फ़ोटो)

    सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को डॉग शेल्टर में रखने के आदेश दिए हैं. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली के मेयर ने बताया है कि दिल्ली में डॉग शेल्टर नहीं हैं.

    दिल्ली के मेयर इक़बाल सिंह ने कहा, "दिल्ली वासियों को स्ट्रीट डॉग्स से बहुत सी समस्याएं थीं. कहीं न कहीं कुछ रुकावटें थीं जिसकी वजह से स्ट्रीट डॉग्स बढ़ रहे थे. मगर, अब जो सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया है, उसे हम पूरी तरह से लागू करेंगे और कोशिश करेंगे कि छह हफ़्तों के बाद कहीं भी स्ट्रीट डॉग्स नज़र ना आएं."

    इक़बाल सिंह ने बताया, "हमारे पास शेल्टर होम नहीं हैं, लेकिन जो 10 नसबंदी केंद्र हैं उन्हें हम बढ़ा सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए तुरंत स्थायी और अस्थायी शेल्टर होम बनाएंगे और कोशिश करेंगे कि हम अपना शत प्रतिशत रिज़ल्ट दें."

    उन्होंने कहा, "निगम और दिल्ली सरकार अच्छे से काम करेगी और हम कोशिश करेंगे कि पूरी दिल्ली को स्ट्रीट डॉग्स से कोई परेशानी न हो."

    सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने डॉग बाइट और रेबीज़ की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए दिल्ली और एनसीआर के सभी आवारा कुत्तों को डॉग शेल्टर में रखने का आदेश दिया था. इसके लिए अधिकारियों को आठ हफ़्ते का समय दिया गया है.

    सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का पशु प्रेमियों ने विरोध किया है. पशु अधिकार संगठन पेटा इंडिया का कहना है कि कुत्तों को हटाना न तो वैज्ञानिक तरीक़ा है और न ही इससे समस्या का स्थायी समाधान होगा.

  3. आसिम मुनीर के भाषण पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद पाकिस्तान का आया बयान

    आसिम मुनीर

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    इमेज कैप्शन, आसिम मुनीर ने अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान 'परमाणु युद्ध' से जुड़ा बयान दिया था (फ़ाइल फ़ोटो)

    पाकिस्तान के फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर के हालिया बयान पर भारतीय विदेश मंत्रालय की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद अब पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है.

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है, "भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से दिए गए अधूरे बयान को पाकिस्तान सिरे से ख़ारिज करता है. भारत की ओर से एक बार फिर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर और बयानों को संदर्भ से हटकर पेश किया गया है."

    "कथित 'परमाणु ब्लैकमेल' को लेकर भारत का नैरेटिव भ्रामक है. पाकिस्तान बल के इस्तेमाल और उसकी धमकी के ख़िलाफ़ दृढ़ता से खड़ा है."

    दिप्रिंट के मुताबिक़, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि अगर भारत के साथ भविष्य की जंग में पाकिस्तान के अस्तित्व को ख़तरा हुआ तो वह पूरे क्षेत्र को परमाणु युद्ध में झोंक देगा.

    मुनीर के इस बयान के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी.

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय ख़ुद आसानी से समझ सकता है कि ऐसे बयान कितने ग़ैर-ज़िम्मेदाराना हैं. ये बयान इस शक को और बढ़ाते हैं कि जिस देश की सेना का आतंकवादियों से गठजोड़ है, वहां परमाणु हथियारों की सुरक्षा और नियंत्रण पर भरोसा नहीं किया जा सकता."

    मंत्रालय ने आगे कहा, "यह भी अफ़सोस की बात है कि यह बयान किसी तीसरे दोस्ताना देश की ज़मीन से दिए गए. भारत पहले ही साफ़ कर चुका है कि वह परमाणु धमकी के आगे नहीं झुकेगा. हम अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सभी ज़रूरी क़दम उठाते रहेंगे."

  4. अमेरिका ने बीएलए और मजीद ब्रिगेड को विदेशी 'आतंकवादी संगठन' घोषित किया

    बीएलए का एक लड़ाका

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    इमेज कैप्शन, मार्च 2025 में बीएलए ने पाकिस्तान के क्वेटा से पेशावर जा रही एक ट्रेन को अगवा करने की ज़िम्मेदारी ली थी (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका ने सोमवार को पाकिस्तान स्थित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और द मजीद ब्रिगेड को एक 'विदेशी आतंकवादी संगठन' घोषित किया.

    बीएलए को 2019 में हुए कई चरमपंथी हमलों के बाद अमेरिका ने 'विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी' (स्पेशली डेजिगनेटेड ग्लोबल टेररिस्ट - एसडीजीटी) की श्रेणी में रखा था.

    अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा है कि तब से यह समूह कई हमलों की ज़िम्मेदारी ले चुका है.

    अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि यह कार्रवाई 'ट्रंप प्रशासन की आतंकवाद के ख़िलाफ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है.'

    अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, "आतंकवादी संगठनों का नामित करना इस बुराई के ख़िलाफ़ हमारी लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और आतंकवादी गतिविधियों के समर्थन को कम करने का प्रभावी तरीक़ा है."

    विदेश विभाग ने बताया कि 2024 में बीएलए ने कराची हवाई अड्डे और ग्वादर पोर्ट अथॉरिटी परिसर के पास हुए आत्मघाती हमलों की ज़िम्मेदारी ली थी.

    मार्च 2025 में इस समूह ने क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को अगवा करने की ज़िम्मेदारी ली थी.

    इस घटना में 31 नागरिक और सुरक्षा कर्मी मारे गए थे, जबकि 300 से अधिक यात्रियों को बंधक बना लिया गया था.

  5. अमेरिका-चीन ने टैरिफ़ न लगाने की सहमति 90 दिनों के लिए बढ़ाई, नताली शैरमन और औसमोन्ड चिया, बीबीसी न्यूज़

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, सोमवार को ट्रंप ने अमेरिका-चीन के बीच टैरिफ़ पर बनी सहमति से जुड़े एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका और चीन ने एक-दूसरे पर टैरिफ़ नहीं लगाने की सहमति को 90 दिनों के लिए बढ़ा दिया है. यह निर्णय उस समय लिया गया, जब मौजूदा सहमति की अवधि समाप्त होने वाली थी.

    सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए. इस आदेश में मई में हुई सहमति को बरक़रार रखा गया है. उस समय दोनों देशों ने अस्थायी तौर पर एक-दूसरे के सामान पर लगाए गए टैरिफ़ को निलंबित कर दिया था.

    अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि अगर सहमति की अवधि नहीं बढ़ाई गई तो मंगलवार से ऊंचे टैरिफ़ लागू हो जाएंगे.

    पिछले महीने हुई बातचीत में चीन ने कहा था कि दोनों पक्ष सहमति बनाए रखने की कोशिश करेंगे. अमेरिकी अधिकारियों ने उस समय बताया था कि वे ट्रंप की अंतिम मंजूरी का इंतज़ार कर रहे हैं.

    अप्रैल में व्यापार को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया था. ट्रंप ने दुनिया के कई देशों के सामान पर टैरिफ़ लगाने की घोषणा की थी. चीन पर भी ऊंचे टैरिफ़ लगाए गए, जिसके जवाब में चीन ने अमेरिका के सामान पर टैरिफ़ बढ़ा दिए.

    मई में हुए समझौते के तहत अमेरिका में आने वाले चीनी सामान पर साल की शुरुआत की तुलना में 30 फ़ीसदी अतिरिक्त टैरिफ़ लगाया गया. वहीं चीन में अमेरिकी सामान पर 10 फ़ीसदी नया टैरिफ़ लगाया गया.

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