डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी में क्यों लगाया सार्वजनिक सुरक्षा आपातकाल?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी में सार्वजनिक सुरक्षा आपातकाल की घोषणा करते हुए राजधानी के पुलिस विभाग (एमपीडी) को केंद्रीय नियंत्रण में ले लिया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी में क्यों लगाया सार्वजनिक सुरक्षा आपातकाल?
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी में सार्वजनिक सुरक्षा आपातकाल की घोषणा करते हुए राजधानी के पुलिस विभाग (एमपीडी) को केंद्रीय नियंत्रण में ले लिया है.
इस बीच वॉशिंगटन की सड़कों पर भारी संख्या में पुलिस अधिकारियों और एफ़बीआई एजेंटों की तैनाती कर दी गई है.
ये शहर से आपराधिक गिरोहों पर नियंत्रण पाने का काम करेंगे.
इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया, "डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया होम रूल एक्ट का इस्तेमाल करते हुए हम वॉशिंगटन डीसी पुलिस विभाग को केंद्रीय नियंत्रण में ले रहे हैं."
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “आप नहीं चाहेंगे कि लूटपाट हो, बलात्कार हो, गोली मार दी जाए या हत्या कर दी जाए.”
ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन डीसी में हत्या की दर "धरती पर सबसे ख़राब स्थानों" से भी अधिक है और कार चोरी की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है.
ट्रंप ने दावा किया कि राजधानी पर “हिंसक गिरोहों, खूनी अपराधियों, नशे के आदी लोगों और बेघर व्यक्तियों” का कब्ज़ा हो गया है.
उन्होंने एक पूर्व कर्मचारी पर हमले का ज़िक्र करते हुए बताया कि उन्हें “गुंडों के गिरोह ने बेरहमी से पीटा और खून से लथपथ छोड़ दिया.”
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि सरकारी कर्मचारियों, एक डेमोक्रेटिक सांसद और एक इंटर्न पर भी हमले हुए हैं, जिससे सरकार का कामकाज प्रभावित हो रहा है और यह अमेरिका के लिए ख़तरा है.
एनवीडिया और एएमडी चीन में एआई चिप बिक्री से होने वाली कमाई का 15 फ़ीसदी अमेरिकी सरकार को देंगे
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इमेज कैप्शन, अमेरिका स्थित कंपनी एनवीडिया एआई में इस्तेमाल होने वाले चिप बनाती है
एनवीडिया और एएमडी ने चीन में अपनी एआई चिप बिक्री से होने वाली कमाई का 15 फ़ीसदी हिस्सा अमेरिकी सरकार को देने पर सहमति जताई है.
अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले शक्तिशाली चिप की बिक्री चीन को करने पर प्रतिबंध लगा दिया था.
सुरक्षा विशेषज्ञों ने एनवीडिया के एच20 चिप के चीन निर्यात पर गहरी चिंता जताते हुए राष्ट्रपति ट्रंप को पत्र लिखा था.
एनवीडिया के एच20 चिप का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के लिए किया जाता है.
एच20 चिप विशेष रूप से चीनी बाजार के लिए विकसित किए गए थे. इस साल अप्रैल में ट्रंप सरकार ने इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था.
एनवीडिया के सीईओ जेन्सन हुआंग ने चीन में चिप बिक्री के लिए महीनों तक पैरवी की और पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाक़ात की थी.
एनवीडिया ने बीबीसी को बताया, "हम दुनियाभर के बाजारों में अपनी भागीदारी के लिए अमेरिकी सरकार की तरफ़ से निर्धारित नियमों का पालन करते हैं. हालांकि हमने कई महीनों से चीन को एच20 नहीं भेजा है."
फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, एएमडी भी चीन में अपने एमआई 308 चिप की बिक्री से होने वाली कमाई का 15 फ़ीसदी हिस्सा अमेरिकी सरकार को देगा.
चुनाव आयोग ने रद्द की 334 राजनीतिक दलों की मान्यता 476 दलों की समीक्षा शुरू, ये है वजह
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इमेज कैप्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
चुनाव आयोग देश के उन 476 गैर-मान्यता प्राप्तराजनीतिक दलों को अपनी सूची से हटाने की तैयारी कर रहा है, जिन्होंने पिछले छह सालों में एक भी लोकसभा या विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा है.
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29 के तहत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को छह वर्ष में कम से कम एक चुनाव लड़ना अनिवार्य है.
देश में राष्ट्रीय, प्रादेशिक और गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29 के तहत चुनाव चिन्ह, कर में छूट सहित कई विशेषाधिकार और लाभ मिलते हैं.
ट्रंप-पुतिन मुलाक़ात से पहले जेलेंस्की ने की मोदी से बात
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इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की (फ़ाइल फोटो)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के बीच बातचीत हुई है.
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा है, "राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से बात करके और हाल के घटनाक्रमों पर उनके विचार जानकर मुझे खुशी हुई. मैंने संघर्ष के शीघ्र और शांतिपूर्ण समाधान की ज़रूरत और उस पर भारत के पक्ष से उन्हें अवगत कराया."
"भारत इस संबंध में हर संभव योगदान देने और यूक्रेन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है."
पीएम मोदी और जेलेंस्की की बातचीत की टाइमिंग अहम है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 15 अगस्त को अलास्का में मिलने वाले हैं.
उत्तर प्रदेश : नवाब अब्दुल समद मकबरे को लेकर फ़तेहपुर में हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन, सैयद मोज़िज इमाम,बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, नवाब अब्दुल समद का मकबरा करीब 500 साल पुराना बताया जा रहा है
फतेहपुर के आबूनगर इलाके में स्थित नवाब अब्दुल समद मकबरे को लेकर सोमवार को बीजेपी और हिंदू संगठनों ने हंगामा किया.
पुलिस की बैरिकेडिंग के बावजूद हंगामा करने वाले परिसर में घुस गए. हिंदू संगठनों ने दावा किया है कि मकबरे के भीतर हिंदू देवी-देवताओं के निशान हैं.
फतेहपुर के मठ मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति ने मकबरे में मंदिर होने का दावा किया और पूजा-अर्चना करने की मांग की.
हालांकि यह विवाद कई दिनों से चल रहा था और पुलिस मौजूद थी, इसके बावजूद दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए.
जिला प्रशासन ने मकबरे के पूरे इलाके को सील कर दिया है. किसी को भी भीतर जाने की अनुमति नहीं है.
वहीं मकबरे के मुतवल्ली मोहम्मद नफीस के मुताबिक मकबरा करीब 500 साल पुराना है. यहां अबू मोहम्मद और अबू समद की मज़ारें हैं, जिन्हें अकबर के पोते ने बनवाया था. करीब 10 साल में यह मकबरा बनकर तैयार हुआ था.
फतेहपुर के एसपी अनूप कुमार सिंह ने कहा है, ‘‘उपद्रव करने वालों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.’’
हालांकि एसपी ने तोड़फोड़ को लेकर कोई जवाब नहीं दिया है. प्रशासन भी हालात सामान्य करने का प्रयास कर रहा है.
फतेहपुर के ज़िलाधिकारी ने कहा, ‘‘हालात अब काबू में हैं. जो लोग यहां इकट्ठा हुए थे उनसे बातचीत की गई है, अब वे लोग यहां से चले गए हैं.’’
एयर इंडिया की दिल्ली-वॉशिंगटन फ्लाइट एक सितंबर से बंद
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एयर इंडिया ने दिल्ली से वॉशिंगटन डीसी जाने वाली फ्लाइट को बंद करने का फैसला लिया है.
यह सर्विस 1 सितंबर 2025 से बंद हो जाएगी.
एयर इंडिया के 26 बोइंग 787-8 विमानों को अपग्रेड किया जा रहा है, जिसके कारण कई विमान लंबी दूरी की उड़ानों के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे.
यह काम 2026 के अंत तक चलेगा.
वहीं, पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद है, जिससे लंबी दूरी की उड़ानों में दिक्कत हो रही है.
एयर इंडिया ने कहा है कि जिन यात्रियों ने 1 सितंबर 2025 के बाद की बुकिंग की है, उनसे संपर्क किया जाएगा और उन्हें या तो दूसरी फ्लाइट में बुकिंग कराने या फिर पूरा पैसा वापस लेने का विकल्प दिया जाएगा.
हालांकि, यात्री अब भी एयर इंडिया के इंटरलाइन पार्टनर के जरिए न्यूयॉर्क, शिकागो, और सैन फ्रांसिस्को होते हुए वॉशिंगटन डीसी जा सकते हैं.
एयर इंडिया अब भी उत्तर अमेरिका के छह शहरों के लिए नॉन स्टॉप फ्लाइट्स चला रही है. इसमें कनाडा के टोरंटो और वैंकूवर भी शामिल हैं.
अहमदाबाद में एयर इंडिया का विमान 12 जून 2025 को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 और ज़मीन पर हादसे की चपेट में आने से 19 लोगों की जान गई थी.
इसके बाद से विमानों की जांच और उन्हें अपग्रेड करने की प्रक्रिया जारी है.
कर्नाटक के सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना मंत्रिमंडल से बर्खास्त, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ केएन राजन्ना (दाएं)
कर्नाटक के सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया है.
उन्होंने अपनी ही पार्टी पर आरोप लगाते हुए तुमकुरु में पत्रकारों से कहा, "मतदाता सूची तब बनाई गई थी जब कर्नाटक में पार्टी सत्ता में थी. तब उन्होंने इस पर आँखें क्यों मूंद लीं?"
राजन्ना ने तुमकुरु में पत्रकारों से कहा था, "यह सच है कि ये अनियमितताएं हुईं. इसमें कोई झूठ नहीं है. हमें शर्म आनी चाहिए कि ये अनियमितताएं हुईं. हमने इसकी जाँच नहीं की."
उनका यह बयान ऐसे समय में आया जब कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर 'वोटर लिस्ट में अनियमितता' के आरोप लगाए हैं.
केएन राजन्ना के इस बयान ने 'वोट की चोरी' के मुद्दे पर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को असहज कर दिया.
इसके बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पार्टी आलाकमान के निर्देश पर राजन्ना से पहले इस्तीफ़ा देने को कहा था.
जब राजन्ना ने इस्तीफ़ा देने से इनकार कर दिया, तो मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को पत्र लिखकर उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की.
इस संबंध में राजभवन ने एक औपचारिक अधिसूचना जारी कर मुख्य सचिव को सूचित किया है कि राजन्ना को मंत्रिमंडल से "हटा" दिया गया है.
इससे पहले मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक सूत्र ने बीबीसी हिंदी को बताया, "उन्हें इस्तीफा देने के लिए कहा गया. इसका निर्देश पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से आया था."
राहुल गांधी ने कहा, 'चुनाव आयोग हमसे डर रहा है'
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लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर से चुनाव आयोग पर निशाना साधा है.
राहुल गांधी ने कहा, "भारत के लोकतंत्र की हालत देखिए. 300 सांसद चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं और कहते हैं कि हम एक प्रतिनिधि मंडल लेकर आएंगे और हम आपको एक दस्तावेज़ देना चाहते हैं. चुनाव आयोग कहता है कि 300 सांसद नहीं आ सकते हैं."
उन्होंने कहा, "वह डरते हैं, 300 सांसद आ गए और वहां पर सच्चाई निकल आई तो क्या होगा. बस यही बात है."
राहुल गांधी ने कहा, "ये लड़ाई अब राजनीतिक लड़ाई से आगे निकल गई है. अब ये देश की आत्मा की लड़ाई है, ये संवैधानिक लड़ाई है. एक आदमी, एक वोट संविधान का आधार है. "
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की गड़बड़ियों को लेकर कहा, "हमने कर्नाटक में साफ़ दिखाया है कि यहां एक आदमी, एक वोट नहीं है. यहां एक आदमी का बहुत जगहों पर वोट चल रहा है. पूरा विपक्ष यह लड़ाई लड़ रहा है और युवाओं को यह बात समझ में आ गई है."
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया, "चुनाव आयोग भ्रमित कर रहा है. उनका ही डेटा है और हमने उसे ही दिखाया है. यह सिर्फ़ बेंगलुरु में ही नहीं हुआ है. यह देश के अलग-अलग चुनावी क्षेत्रों में हुआ है. चुनाव आयोग जानता है कि उसका डेटा अब फटेगा."
दक्षिण कोरिया में जन्म दर घटने से सेना में जवानों की संख्या में कमी, कोह इवे, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, विशेषज्ञों को अनुसार दक्षिण कोरिया को कम से कम पांच लाख सैनिकों की आवश्यकता है
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार देश में जन्म दर में गिरावट के कारण सेना में जवानों की संख्या घटकर 4.5 लाख रह गई है.
सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद चू मी-ए ने रविवार को यह रिपोर्ट जारी की है. इसमें बताया है कि पिछले छह सालों में सैन्यबल में 20 फ़ीसदी की गिरावट आई है.
इसके कारण डिवीजन की संख्या साल 2006 में 59 से घटकर 42 रह गई है.सैनिकों की कमी के कारण कई यूनिट्स को या तो बंद कर दिया गया है या अन्य यूनिट्स में मिला दिया गया है.
दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने बताया है कि दक्षिण कोरिया में बच्चों के जन्म देने की दर प्रति महिला 0.75 बच्चे है. यह दर दुनिया में सबसे कम है.
दक्षिण कोरिया में अनिवार्य सैन्य सेवा इसलिए बरकरार है क्योंकि देश अभी भी तकनीकी रूप से अपने परमाणु-सशस्त्र पड़ोसी उत्तर कोरिया के साथ युद्धरत है.
जुलाई में दक्षिण कोरियाई शोधकर्ताओं द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन में सुझाव दिया गया था कि देश को उत्तर कोरिया के हमले से बचाव के लिए कम से कम पांच लाख सैनिकों की आवश्यकता होगी.
इसमें एक लाख तीस हज़ार सक्रिय सैनिक हैं.
बिहार: चुनाव आयोग ने दो वोटर आईडी रखने पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा से मांगा जवाब
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इमेज कैप्शन, बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने रविवार को कहा कि उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फ़ॉर्म भरा था (फ़ाइल फ़ोटो)
चुनाव आयोग ने बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को नोटिस जारी कर दो वोटर आईडी रखने के मामले में जवाब मांगा है.
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन निबंधन अधिकारी की ओर से डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को लिखे पत्र में कहा गया है, "आपका नाम विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 के प्रारूप निर्वाचक सूची में बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र और लखीसराय विधानसभा क्षेत्र में दर्ज है. विशेष गहन पुनरीक्षण के पहले भी दोनों जगह आपका नाम दर्ज पाया गया है."
चुनाव आयोग ने इस मामले में जवाब देने के लिए डिप्टी सीएम सिन्हा को 14 अगस्त शाम पांच बजे तक का समय दिया है और आगे कार्रवाई की बात कही है.
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इमेज कैप्शन, बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी का पत्र
इससे पहले बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने विजय कुमार सिन्हा पर दो मतदाता पहचान पत्र रखने का आरोप लगाया था.
इन आरोपों पर विजय कुमार सिन्हा ने कहा था जब वह पटना के कदमकुआं में रहते थे, तब उनके पूरे परिवार का नाम बांकीपुर में था.
उन्होंने बताया था कि अप्रैल 2024 में उन्होंने लखीसराय विधानसभा में नाम जुड़वाने का फ़ॉर्म भरा था और उसी समय बांकीपुर से नाम हटाने का फ़ॉर्म भी भरा था.
उन्होंने कहा, "किसी कारण से नाम नहीं हटा. फिर जब मतदाता सूची प्रकाशित हुई तो किसी ने बताया कि हमारा नाम उसमें है तो फिर से बीएलओ को बुलाकर नाम हटाने का फ़ॉर्म भरा. इन दोनों बातों का प्रमाण मेरे पास है."
नमस्कार!
अभी तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता आनंद मणि त्रिपाठी आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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ब्रेकिंग न्यूज़, दिल्ली पुलिस ने विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिए जाने की बताई वजह
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इमेज कैप्शन, नई दिल्ली के डीसीपी देवेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग के पास केवल 30 सांसदों के जाने की अनुमति थी
विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिए जाने पर दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सांसदों की संख्या अधिक थी, जिसकी वजह से उन्हें हिरासत में लिया गया है.
नई दिल्ली के डीसीपी देवेश कुमार ने कहा, "चुनाव आयोग ने लगभग 30 सांसदों को मिलने की अनुमति दी थी. सांसदों की संख्या ज़्यादा होने के कारण उन्हें हिरासत में लिया गया है."
"उनको बता दिया गया है कि 30 लोगों की अनुमति है, कोई भी 30 लोग आ सकते हैं. लेकिन उनकी संख्या काफ़ी ज़्यादा थी इसके कारण उन्हें हिरासत में लिया गया."
निर्वाचन सदन के गेट के सामने मीडियाकर्मियों को जाने की अनुमति नहीं है.
एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बीबीसी संवाददाता आशय येडगे को बताया, "हमें प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का निर्देश मिला है और मीडिया को चुनाव आयोग के मुख्य गेट से दूर रखने के लिए कहा गया है."
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद मतदाता सूची के मुद्दे पर संसद से चुनाव आयोग के दफ़्तर तक विरोध मार्च कर रहे थे, इस दौरान उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया.
विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त और दो अन्य चुनाव आयुक्तों से मुलाक़ात के लिए समय भी मांगा था.
तस्वीरों में देखिए विपक्षी सांसदों का निर्वाचन आयोग के लिए निकला विरोध मार्च
सोमवार को विपक्षी सांसदों ने संसद से निर्वाचन सदन की ओर विरोध मार्च निकाला.
इस दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से रोके जाने के बाद सभी सांसद धरने पर बैठ गए.
हालांकि, बाद में दिल्ली पुलिस ने इन सांसदों को हिरासत में ले लिया.
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इमेज कैप्शन, दिल्ली पुलिस की ओर से रोके जाने पर विपक्षी सांसदों ने नारेबाज़ी की
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इमेज कैप्शन, विरोध मार्च के दौरान राहुल गांधी समेत कई सांसदों को हिरासत में ले लिया गया
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इमेज कैप्शन, इस विरोध मार्च में प्रियंका गांधी, महुआ मोइत्रा, डिंपल यादव समेत कई महिला सांसद भी शामिल हुईं
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इमेज कैप्शन, दिल्ली पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग किए जाने के बाद विपक्षी सांसद धरने पर बैठ गए
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इमेज कैप्शन, विरोध मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और एनसीपी-एसपी अध्यक्ष शरद पवार भी शामिल हुए
विपक्षी सांसदों के मार्च पर बीजेपी का पलटवार, कहा- 'कांग्रेस झूठ का पहाड़ बनाती है'
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इमेज कैप्शन, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी झूठ बोलती है (फ़ाइल फ़ोटो)
दिल्ली में संसद भवन से निर्वाचन सदन की ओर मार्च कर रहे विपक्षी गठबंधन के सांसदों को रोक दिया गया है. इसके बाद राहुल गांधी समेत कुछ सांसदों को हिरासत में लिया गया है.
मार्च करने से रोके जाने पर राहुल गांधी ने कहा है कि ये वन मैन वन वोट की लड़ाई है और उन्हें एक 'साफ़ वोटर लिस्ट' चाहिए.
विपक्ष के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश में संविधान विरोधी काम कोई कर रहा है तो उसके सरगना राहुल गांधी हैं.
उन्होंने दिल्ली में प्रेस वार्ता के दौरान कहा, "एसआईआर पहली बार नहीं हो रहा है. ये चुनाव आयोग की नियमित प्रक्रिया है. ये एक निरंतर प्रक्रिया है. कांग्रेस पार्टी पहले ईवीएम पर झूठ बोलती है...कभी महाराष्ट्र की बात उठाती है, तो कभी हरियाणा की. और झूठ का पहाड़ बनाती है."
राहुल गांधी के आरोप
पिछले हफ़्ते राहुल गांधी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए थे.
उन्होंने दावा किया था कि लोकसभा चुनाव, महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनावों में 'वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर धांधली' की गई.
उन्होंने कहा, "मशीन-रीडेबल वोटर लिस्ट न देना इस बात का सबूत है कि चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में वोट 'चुराने' के लिए बीजेपी से मिली-भगत की है."
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को 'गुमराह' करने वाला बताया है. आयोग ने कहा है कि वह अपनी शिकायत लिखित में कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दें.
ब्रेकिंग न्यूज़, दिल्ली पुलिस ने विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया, राहुल गांधी बोले- 'यह संविधान को बचाने की लड़ाई'
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संसद से चुनाव आयोग के दफ़्तर की ओर मार्च कर रहे विपक्षी सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. यह मार्च लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में निकाला गया.
इससे पहले परिवहन भवन के पास पुलिस बैरिकेडिंग के ज़रिए रोके जाने पर सभी सांसद धरने पर बैठ गए थे और नारेबाज़ी कर रहे थे.
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा, "वास्तव में हम बात नहीं कर सकते हैं, सच्चाई ये है. ये जो लड़ाई है वो राजनैतिक नहीं है. ये संविधान को बचाने की लड़ाई है. वन मैन वन वोट की लड़ाई है. इसीलिए हमें साफ वोटर लिस्ट चाहिए."
विरोध मार्च में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, डिंपल यादव, महुआ माजी, संजय राउत, रणदीप सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल समेत कई विपक्षी सांसद शामिल थे.
ब्रेकिंग न्यूज़, दिल्ली पुलिस ने रोका विपक्षी सांसदों का विरोध मार्च
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इमेज कैप्शन, विरोध मार्च रोके जाने पर विपक्षी सांसद धरने पर बैठ गए हैं
संसद से चुनाव आयोग के दफ़्तर की ओर मार्च कर रहे विपक्षी सांसदों को दिल्ली पुलिस ने रोक दिया है, जिसके बाद सभी सांसद धरने पर बैठ गए हैं और नारेबाज़ी कर रहे हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, विपक्षी सांसदों को परिवहन भवन के पास पुलिस बैरिकेडिंग के ज़रिए रोका गया है.
इस विरोध मार्च में प्रियंका गांधी, डिंपल यादव, महुआ माजी, अखिलेश यादव और केसी वेणुगोपाल समेत कई विपक्षी सांसद शामिल हैं.
विपक्षी सांसद बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरे हैं.
विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त और दो अन्य चुनाव आयुक्तों से मुलाक़ात के लिए समय मांगा है.
साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सोमवार को इंडिया गठबंधन के सांसदों के लिए डिनर का आयोजन करेंगे.
जगदीप धनखड़ को लेकर संजय राउत ने अमित शाह को लिखा पत्र, पूछे ये सवाल
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इमेज कैप्शन, संजय राउत ने बताया है कि जगदीप धनखड़ की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए राज्यसभा के कुछ सांसद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने पर विचार कर रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है.
पत्र में उन्होंने पूछा है कि जगदीप धनखड़ कहां हैं, उनका स्वास्थ्य कैसा है और क्या वह सुरक्षित हैं.
संजय राउत ने लिखा, "मैं राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर यह पत्र लिख रहा हूं. 21 जुलाई की सुबह 11 बजे राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कार्यवाही का संचालन किया. उस समय वह सामान्य नज़र आए और सत्र का संचालन ठीक से किया."
उन्होंने आगे लिखा, "कार्यवाही के दौरान सभापति और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच बहस हुई, जिसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. यह दर्शाता है कि उस समय सभापति का स्वास्थ्य अच्छा था. लेकिन उसी दिन शाम छह बजे उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफ़ा दे दिया, जो सबके लिए चौंकाने वाली बात थी."
राउत ने कहा, "सबसे चिंताजनक बात यह है कि 21 जुलाई के बाद से उपराष्ट्रपति के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. वह कहां हैं और उनका स्वास्थ्य कैसा है, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है."
उन्होंने बताया कि राज्यसभा के कुछ सांसदों ने पूर्व उपराष्ट्रपति से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी. उनके स्टाफ से भी कोई संवाद नहीं हुआ, जिसे उन्होंने गंभीर चिंता का विषय बताया.
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संजय राउत ने सवाल किया, "हमारे उपराष्ट्रपति के साथ क्या हुआ? वह कहां हैं और उनकी तबीयत कैसी है? क्या वह सुरक्षित हैं? देश को इन सवालों के जवाब जानने का अधिकार है."
इससे पहले शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने भी एक्स पर एक पोस्ट कर जगदीप धनखड़ के बारे में सवाल किया था.
जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत वाले दिन उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. उन्होंने इसके पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया.
अपने पत्र में उन्होंने लिखा, "स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार, मैं भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूँ."
ऑस्ट्रेलिया सितंबर में फ़लस्तीन को एक राष्ट्र के तौर पर मान्यता देगा, लाना लैम, बीबीसी न्यूज़
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ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा है कि सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनका देश फ़लस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के तौर पर मान्यता देगा.
इससे पहले ब्रिटेन, फ़्रांस और कनाडा ने फ़लस्तीन को स्वतंत्र देश के तौर पर मान्यता देने की बात कही है.
अल्बनीज़ ने कहा है कि फ़लस्तीनी प्राधिकरण (पीए) ने ऑस्ट्रेलिया को कुछ वादे किए हैं, जिनमें सेना और हथियार को कम करना, आम चुनाव कराना और इसराइल के अस्तित्व को मान्यता देना शामिल है.
उन्होंने सोमवार को कहा, "दो देशों को मान्यता देना एक ऐसा समाधान है, जो मध्य पूर्व में हिंसा को ख़त्म करने और ग़ज़ा में संघर्ष, पीड़ा और भुखमरी को समाप्त करने की मानवता की सबसे बेहतर उम्मीदों में से एक है."
वहीं, ग़ज़ा में युद्ध विराम के लिए बढ़ते दबाव का सामना कर रहे इसराइल ने कहा है कि फ़लस्तीन को मान्यता देना "आतंकवाद को इनाम" देने जैसा है.
शनिवार से अब तक ग़ज़ा में भूख और कुपोषण के कारण पांच लोगों की मौत हो चुकी है. हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ कुल मृतकों की संख्या 217 हो गई है.
मंत्रालय ने यह भी कहा कि 2023 से अब तक इसराइल के सैन्य अभियान में कुल मिलाकर 61 हज़ार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.
मोहन भागवत बोले- 'भारत में शिक्षा और स्वास्थ्य आम जनता की पहुंच से बाहर'
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इमेज कैप्शन, आरएसएस प्रमुख ने कहा है कि लोगों को अच्छे इलाज के लिए शहरों में जाना पड़ता है (फ़ाइल फ़ोटो)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि स्वास्थ्य और शिक्षा आज के समय में समाज की बहुत बड़ी आवश्यकता बन गए हैं, लेकिन दुर्भाग्य से ये दोनों लोगों की पहुंच से बाहर हैं.
रविवार को इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, "हम देखते हैं आदमी अपना घर बेच देगा, लेकिन अच्छी शिक्षा अपने बच्चों को देगा. अपना घर बेच देगा लेकिन अच्छी जगह चिकित्सा हो, इसका इंतज़ाम करेगा."
भागवत ने कहा, "सबसे अधिक आवश्यकता सबको स्वास्थ्य और शिक्षा की होती है. लेकिन दुर्भाग्य ऐसा है कि ये दोनों बातें आज सामान्य व्यक्ति की पहुंच से और उसके आर्थिक सामर्थ्य के पहुंच के बाहर हैं."
उन्होंने कहा, "समाज को ऐसी चिकित्सा चाहिए जो सहज और सुलभ हो. इसलिए अधिक जगह होनी चाहिए. व्यापारीकरण के कारण केंद्रीकरण भी होता है."
आरएसएस प्रमुख ने कहा, "अच्छी चिकित्सा के लिए लोगों का शहरों में जाना होता है. कैंसर के लिए भारत में आठ-दस शहर हैं, जहां लोगों का जाना होता है. इसमें चिकित्सा का ख़र्चा अलग, आने-जाने का ख़र्चा अलग, वहां रहने का ख़र्चा अलग होता है. परिवार चिंता में होता है कि उनका क्या होगा. एकसाथ ये कई बातें हो जाती हैं."