अमरीका में भी औरतों को कम दिहाड़ी

एक नई रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि अमरीका में अब भी औरतों को मर्दों के मुक़ाबले कम पैसे मिलते हैं.
नेशनल वीमेन लॉ सेंटर की रिपोर्ट में कहा गया है कि पूर्णकालिक नौकरी कर रही महिलाएँ भी अपने पुरुष सहयोगियों से एक चौथाई कम तन्ख्वाह पाती हैं.
लातिन अमरीकी और अफ्रीकी महिलाओं के मामले में तो ये अंतर और अधिक है.
संस्था ने मांग की है कि इसे समाप्त करने के लिए नीतियों में बदलाव लाया जाए.
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरीकी संसद भवन में काम करने वाली महिलाओं की स्थिति बेहतर है और उन्हें उनके पुरूष सहयोगियों के बराबर ही पैसे मिलते हैं - लेकिन ऐसा तभी होता है जब वो गोरी हों.
सामाजिक और क़ानूनी पहलू
अगर बात अफ्रीकी मूल की औरतों की हो तो उसे सामान्य तौर पर 53 सेंट्स ही हासिल होते हैं, जबकि इसी काम के लिए किसी मर्द को एक डॉलर मिलते हैं.
संस्था का कहना है कि इस तरह के भेदभाव के बहुत सारे सामाजिक और क़ानूनी पहलू हैं.
फातिमा कॉस ग्रेव्स कहती हैं कि ज़्यादातर औरतें इस तरह के कामों में लगी हैं जहां तन्ख्वाह कम हैं, और उनके पास ऊंची तन्ख्वाह वाली नौकरियों में पहुंच की गुंजाइश नहीं. क़ानून में भी कई तरह की कमियां हैं.
कंपनियां लोगों को इस बात की इजाज़त नहीं देतीं कि वो अपने वेतन के बारे में बातें कर सकें, इसकी वजह से कई बार तो लोगों को पता ही नहीं चलता कि वो कम पैसे पा रहे हैं.
दिहाड़ी में इज़ाफ़ा
संस्था का कहना है कि न्यूनतम मज़दूरी की दर बढ़ाई जाए तो इसका फायदा औरतों को होगा, लेकिन साथ ही वो नीतियों में भी व्यापक बदलाव की मांग कर रही है.
अमरीका में अब भी मंदी का असर जारी है और काफ़ी घर ऐसे हैं जो औरतों के वेतन के सहारे ज़िंदगी की गाड़ी खींच रहे हैं.
लेकिन वर्तमान हालात में, जहां औरतों को कम पैसे मिल रहे हैं वहां उन्हें हज़ारों डॉलर का नुक़सान उठाना पड़ रहा है.
































