कोरोना वायरस: संकट के दौर में भी ख़ुशियाँ बिखेरते ये लोग

इमेज स्रोत, Getty Images

कोरोना वायरस को लेकर कई देशों में लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है. लोग कई तरह की समस्याओं से रूबरू हो रहे हैं. ऐसी स्थिति में लोगों की मदद करने और चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए कुछ लोग अनोखे काम भी कर रहे हैं.

हम आपके लिए कुछ ऐसी ही कहानियां लेकर आए हैं, जो इस मुश्किल वक़्त में भी लोगों के चेहरे पर सुकून का अहसास दे रही हैं.

1) फ़ैशनेबल फ्रॉक से लेकर मेडिकल गाउन तक

इमेज स्रोत, Fashion House

लीबिया के फ़ैशन ब्रांड फ़ैशन हाउस ने फ़ैशनेबल कपड़ों की जगह मेडिकल गाउन बनाने शुरू कर दिए हैं. लीबिया की राजधानी में मौजूद इसकी फ़ैक्टरी में महिलाएँ डॉक्टरों और नर्सों के लिए गाउन तैयार कर रही हैं.

कुछ तो फ़ैक्टरी में ही रात में सोती हैं. उन्होंने अब तक 50 मेडिकल आउटफ़ीट्स तैयार कर लिए हैं और अब दूसरे खेप की तैयारी में लगी हुई हैं.

इमेज स्रोत, Fashion House

इमेज कैप्शन, Some of the volunteers are sleeping at the factory

त्रिपोली के अस्पताल में मौजूद मेडिकल स्टाफ़ ने उनकी सराहना की है.

बीबीसी की उत्तरी अफ्रीकी संवाददाता राणा जावाद को फैशन हाउस की को-फाउंडर नजवा ताहिर शोकरी ने बताया, "यह आइडिया तब आया जब त्रिपोली के अल-जाला अस्पताल के एक डॉक्टर ने कई व्यावसायिक संस्थानों से मदद की गुहार लगाई."

उन्होंने एक साल पहले ही अपना यह काम शुरू किया है लेकिन इस संकट की घड़ी को देखते हुए वो ज्यादा से ज्यादा मेडिकल आउटफीट तैयार करना चाहती हैं.

लेकिन संघर्ष वाला शहर होने की वजह से समान और सिलाई मशीन की आपूर्ति की कमी इसमें बाधक बन रही है.

2) महामारी के दौरान खुशबू बिखेरते फूल

इमेज स्रोत, Adene's Farm Flowers

कोरोना वायरस से फैली महामारी की वजह से कई शादियां रद्द हो रही हैं. फूलों के कारोबार पर भी इसका असर पड़ा है. बड़ी मात्रा में फूल बर्बाद हो रहे हैं.

लेकिन दक्षिण अफ्रीका के पार्ल शहर में फूलों का कारोबार करने वाले एक समूह ने इस बुरे वक्त को एक नए अवसर में तब्दील कर दिया है.

एडेन फार्म हाउस नाम के इस समूह ने एक वृद्धाश्रम को बाहर से इन फूलों से सजा दिया है.

इमेज स्रोत, Adene's Farm Flowers

इस वृद्धाश्रम के लोग मार्च से ही लॉकडाउन में रह रहे हैं लेकिन फार्म ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि उन्हें खाली पड़े फुटपाथ पर आकर इन फूलों को सूंघने की इजाज़त है.

वहां से गुजरने वाले लोग भी इस पहल की तारीफ़ कर रहे हैं. यह लोगों को चेहरे पर ख़ुशी ला रहा है.

3) मकान मालिक ने किराया माफ़ किया

कीनिया के एक मकान मालिक ने अपने 34 किरायेदारों का मार्च और अप्रैल का किराया माफ़ कर दिया है.

उन्होंने कहा है कि कोरोना वायरस की वजह से जो हालात पैदा हुए है, उससे किरायेदारों की आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ा होगा.

माइकल मुनेने नाम के इस शख़्स के पास 28 अपार्टेमेंट्स हैं जिसके लिए वो प्रति महीने 3000 कीनियाई शिलिंग भाड़े के तौर पर लेते हैं.

उनके पास छह दुकानें भी हैं जिसके लिए वो 5000 कीनियाई शिलिंग भाड़े के तौर पर लेते हैं. अगर वो किराया नहीं लेते हैं तो उन्हें 2000 डॉलर से ज्यादा का नुकसान होगा.

माइकल भी कभी किरायेदार रहे हैं और किराया नहीं देने की वजह से मकान मालिक ने उन्हें घर से निकाल दिया था. वो कहते हैं, "वो एक अर्से से मेरे किरायेदार रहे हैं. उनके दिए हुए पैसों से मेरे बहुत से काम होते हैं. यह उनके साथ खड़े होने का और एक-दूसरे की मदद करने का समय है."

एक स्थानीय अखबार ने उन्हें 'बड़े दिलवाला मकान मालिक' कहते हुए तारीफ़ की है.

4) लोगों का ऑनलाइन मनोरंजन करती बेली डांसर

इमेज स्रोत, Reuters

ट्यूनीशियाई बेली डांसर नेर्मिन स्फार लॉकडाउन में रह रहे लोगों का ऑनलाइन डांस कर मनोरंजन करती हैं ताकि वे आसानी से लॉकडाउन में वक़्त गुज़ार पाएँ.

वो अपने घर से हर रात लाइव डांस शो करती हैं और लाखों लोग फेसबुक पर उन्हें देखते हैं.

ट्यूनीशिया में लॉकडाउन शुरू होने से ठीक पहले उन्होंने शुरू कर दिया था.

इमेज स्रोत, Reuters

उन्होंने लोगों को लॉकडाउन के दौरान घरों में रहने के लिए प्रोत्साहित करते हुए सोशल मीडिया पर संदेश भेजा, "घरों में रहिए आप, मैं आपके लिए डांस करूंगी."

लगता है उनका यह प्रयोग काफ़ी सफल रहा है क्योंकि पिछले हफ्ते बीस लाख लोगों ने उनके वीडियो को देखा है.

5) पॉप स्टार ने अपना घर क्वारंटान सेंटर बनाने के लिए दान में दिया

इथियोपियाई पॉप स्टार हैमेलमाल अबाटे ने अपना एक घर क्वारंटाइन में रहने वाले लोगों को दान में दे दिया है.

पिछले महीने इथियोपिया की सरकार ने बाहर से आने वाले लोगों को अपने ख़र्च पर होटल में 14 दिनों का क्वारंटाइन करने का आदेश दिया था.

बीबीसी इथियोपिया के रिपोर्टर कैल्किन इबेलताल कहती हैं कि सरकार का यह आदेश उन विदेशियों के लिए तो ठीक है, जिनके पास पैसे हैं. हमारे अपने देश के लोग भी इसमें शामिल हैं जिन्हें क्वारंटाइन की ज़रूरत है. इनमें से कुछ तो होटल में रहने का ख़र्च उठा लेंगे. लेकिन जो उठा नहीं सकते हैं, उन्हें इसकी ज़रूरत है.

राजधानी अदीस अबाबा में अपने घर के पास ही उन्होंने यह घर लोगों के लिए दिया है. इथियोपिया में कई लोग क्वारंटाइन के ज़रूरतमंदों के लिए कम पड़ती जगह से चिंतित हो अपना घर क्वारंटाइन के लिए दे रहे हैं.

6) फुटबॉलर ने अपने फैन्स को खाने के लिए पैसे दिए

इमेज स्रोत, LMC Media

नाइजीरिया के फुटबॉलर गोलकीपर शिनूडु अनोजी ने अपने चार फैन्स को आर्थिक मदद की है ताकि वे खाना-पीना कर सकें. उन्होंने अपने फैन्स को 5000 नाइरा दिया है.

बीबीसी संवाददाता डुका ओरजिनो कहते हैं कि यह मदद भले ही बड़ी न लग रही हो लेकिन अगर आप नाइजीरिया के ज्यादातर खिलाड़ियों की सालाना आय जानेंगे तो यह आपको एक बड़ी मदद लगेगी.

नाइजीरियाई फुटबॉल खिलाड़ी सालाना करीब 4600 डॉलर ही कमा पाते हैं.

नाइजीरिया के अखबार वैनगार्ड ने अनोजी की तारीफ की है. पिछले दस मैचों में हालांकि अनोजी टीम का हिस्सा नहीं रहे हैं.

इमेज स्रोत, MOHFW_INDIA

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)