चीन के किंग मिंग उत्सव में हाइटेक श्रद्धांजलि

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इमेज कैप्शन, किंग मिंग की एक परंपरा के अनुसार क़ब्र पर लोग प्रसाद चढ़ाते हैं

चीन में लाखों लोग इस हफ़्ते अपने पूर्वजों को किंग मिंग उत्सव के दौरान श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

सैकड़ों साल पुराने इस त्योहार को ''टूम्ब स्वीपिंग डे'' भी कहते हैं. इसमें परपंरागत रूप से अपने प्रियजनों की क़ब्र को सजाया जाता है और उनके लिए प्रार्थना की जाती है. लेकिन इन दिनों ये उत्सव भी हाई टेक होता जा रहा है.

वर्चुअल शोक

बीजिंग न्यूज़ के मुताबिक़ इस साल नानजिंग में ख़ास सुविधा मुहैया कराई गई है. इसके तहत आपको क़ब्र तक ख़ुद आने की ज़रूरत नहीं है, युहाताई गोंगदेयुआन क़ब्रिस्तान के कर्मचारी क़ब्र को साफ़ करके फूल चढ़ाते हैं और आप वीचैट के ज़रिए सब कुछ लाइव देख सकते हैं.

शंघाई डेली के अनुसार कई क़ब्रिस्तानों ने ऑनलाइन मेमोरियल पेज बनाए हैं, जहां आप वर्चुअल मोमबत्ती जलाकर और वर्चु्अल तोहफे ख़रीदकर श्रद्धांजलि दे सकते हैं.

कुछ जगह क़ब्र के पत्थरों के क्यूआर कोड्स दिए गए हैं जिन्हें फ़ोन से स्कैन कर मेमोरियल के फोटो और वीडियो लिए जा सकते हैं.

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इमेज कैप्शन, कुछ चीनी क़ब्रिस्तान क्यूआर कोड देते हैं जो क़ब्र पर लिखे होते हैं.

पेपर के गैजेट्स

कुछ चीनी लोग पेपर के बने गैजेट्स मृत व्यक्तियों को समर्पित कर रहे हैं.

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इमेज कैप्शन, मृत व्यक्ति के लिए पेपर आईपेड और आईफोन भी मिलते हैं

पेपर के कपड़े, हैंडबैग, घड़ियां और गैजेट्स क़ब्र पर चढ़ाना अब आम चलन हो गया है.

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इमेज कैप्शन, पेपर के सीडी प्लेयर भी मृत व्यक्ति को समर्पित किए जाते हैं

वर्चुअल शोक सभा करने का एक कारण ये भी है कि इससे वायु प्रदूषण कम होता है.

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इमेज कैप्शन, कई चीनी अब भी क़ब्र पर जाकर श्रद्धांजलि देने की परंपरा ही निभाते हैं.

हालांकि कुछ चीनी लोगों का अब भी यही मानना है कि क़ब्र पर ख़ुद जाकर ही श्रद्धांजलि देनी चाहिए.

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