बीजापुर: पूर्व माओवादी की हत्या

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर में संदिग्ध माओवादियों ने एक आत्मसमर्पित माओवादी कोरसा जोगा ऊर्फ़ शिवाजी की हत्या कर दी है.

गुरुवार दोपहर बीजापुर ज़िला मुख्यालय से केवल चार किलोमीटर दूर कोरसा जोगा अपनी पत्नी के साथ कोतपाल रोड के एक ईंट भट्ठे पर गए थे, जहां उन्हें घेरकर गोली मार दी गई.

10 साल तक माओवादी संगठन में काम करने वाले कोरसा ने एक शिक्षिका से प्रेम विवाह किया था और सीपीआई माओवादी के लिए कथित तौर पर वसूले गए लाखों रुपए लेकर पुलिस के पास जा पहुंचे थे.

तब यह मामला मीडिया में सुर्खियां बना था.

आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने कोरसा जोगा को बीजापुर के पुलिस अधीक्षक के कार्यालय के पास ही सरकारी क्वार्टर दिया था. वे पुलिस के लिए गोपनीय सैनिक का काम करते थे.

माओवादियों ने कथित तौर पर अपने पुराने साथी रहे कोरसा जोगा की हत्या ऐसे समय में की है, जब बस्तर में माओवादियों के कथित आत्मसमर्पण के आंकड़ों की चर्चा पूरे देश में है.

और क़रीब छह महीने में 400 कथित माओवादी समर्पण कर चुके हैं.

एक अहम पहलू यह भी है कि 90 फ़ीसदी आत्मसमर्पण करने वालों को पुनर्वास नीति का समुचित लाभ नहीं मिल पाया है.

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