कोविशील्ड राज्यों को 400 रुपए में और निजी अस्पतालों को 600 में मिलेगी: सीरम

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केंद्र सरकार की राज्य सरकारों और प्राइवेट अस्पतालों को सीधे वैक्सीन निर्माताओं से वैक्सीन ख़रीदने की छूट देने के बाद सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया (सीआईआई) ने वैक्सीन के तयशुदा दामों को सार्वजनिक कर दिया है.

सीआईआई ने ट्वीट करते हुए केंद्र सरकार के फ़ैसले की सराहना करते हुए कहा है कि अगले दो महीने में वह सीमित मात्रा में वैक्सीन का निर्माण बढ़ाएगी, जिनमें से 50% वैक्सीन भारत सरकार के लिए रहेगी और बाक़ी की 50% राज्य सरकारों और प्राइवेट अस्पतालों के लिए रहेगी.

एस्ट्राज़ेनेका और ऑक्सफ़ोर्ड की वैक्सीन सीआईआई कोविशील्ड के नाम से बना रही है. सीआईआई ने राज्य सरकारों के लिए इसकी एक डोज़ की क़ीमत 400 रुपये और प्राइवेट अस्पतालों के लिए 600 रुपए रखी है.

वहीं, कंपनी ने विदेशी वैक्सीन के दामों की भारतीय वैक्सीन के दाम से तुलना की है. सीआईआई ने बताया है कि अमेरिकी वैक्सीन की क़ीमत 1500 रुपए, रूसी वैक्सीन की क़ीमत 750 रुपये और चीनी वैक्सीन की क़ीमत 750 रुपए है.

इसके साथ ही सीआईआई ने कॉर्पोरेट और निजी कंपनियों से कहा है कि वे सरकारी मशीनरी और निजी हेल्थ सिस्टम से वैक्सीन लें. अगले चार-पाँच महीनों में वैक्सीन बाज़ार में उपलब्ध होगी.

केंद्र सरकार को किस दाम में मिलेगी वैक्सीन

सीआईआई केंद्र सरकार को 150 रुपये में कोविशील्ड की एक डोज़ दे रहा है जो कि वैसे ही देना जारी रखेगा.

केंद्र सरकार ने 1 मई से 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए कोविड-19 का टीकाकरण करने की अनुमति दे दी थी जिसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों और निजी अस्पतालों को भी ख़ुद वैक्सीन ख़रीदने की अनुमति दे दी थी.

वहीं, भारत सरकार ने सीआईआई और कोवैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटैक को 4,500 करोड़ की सहायता राशि देने की घोषणा की है.

सीआईआई के प्रमुख अदार पूनावाला ने कहा है कि वैक्सीन उत्पादन में तेज़ी आएगी और मई के आख़िर तक बाज़ार में 15 से 20 फ़ीसदी अधिक कोविशील्ड मौजूद होगी.

पूनावाला ने कहा है कि उनकी कंपनी जुलाई के बाद 10 करोड़ डोज़ हर महीने का उत्पादन करने में सक्षम होगी.

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