अंफन तूफ़ान से भारत-बांग्लादेश में कम से कम 16 लोगों की मौत
इमेज स्रोत, REUTERS/Rupak De Chowdhuri
पूर्वी भारत और बांगालादेश से टकराए शक्तिशाली तूफ़ान अंफन के कारण अब तक कम से 16 लोगों की मौत हो चुकी है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार बीते दो दशकों में आने वाला ये सबसे शक्तिशाली तूफ़ान है.
बंगाल की खाड़ी से उठे इस तूफ़ान के कारण भारत के पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पड़ोसी बांग्लादेश में तेज़ हवाएं चली हैं और भारी बारीश हो रही है.
तूफ़ान के कारण तीनों जगहों पर सैंकड़ों पेड़ जड़ से उखड़ गए हैं, हज़ारों घर नष्ट हुए हैं और लाखों लोग इससे प्रभावित हैं. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि कोरोना वायरस महामारी के बीच लोगों निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार पश्चिम बगांल में अंफन की वजह से क़रीब 165 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चलीं और पाँच मीटर तक ऊंची लहरें समुद्र तट से टकराईं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि प्रदेश के दो ज़िले तूफ़ान अंफन से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं जहां कई इलाक़ों से संपर्क टूट गया है. यहां अब तक 10 लोगों की मौत को चुकी है.
उन्होंने कहा, "अब तक पाँच लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है. तूफ़ान के कारण कई इलाक़ों में भारी तबाही हुई है. मेरा मानना है कि तूफ़ान से होने वाला नुक़सान कोरोना से हो रहे नुक़सान से ज़्यादा होगा."
प्रदेश में अधिकारियों का कहना है कि नुक़सान का सही आकलन गुरुवार को ही लगाया जा सकेगा.
इमेज स्रोत, EPA/STR
तूफ़ान से बांग्लादेश बुरी तरह प्रभावित
पड़ोसी बांग्लादेश का कहना है कि तूफ़ान का व्यापक असर सुंदरबन डेल्टा इलाक़े के मैनग्रूव के जंगलों को हुआ है, जहां से अब तक कुछ ज़्यादा जानकारी नहीं मिल पा रही है.
बांग्लादेश के मौसम विभाग के प्रमुख शमसुद्दीन अहमद ने कहा है कि तूफ़ान समुद्र तट पर बसे दक्षिण-पश्चिमी ज़िले सातकिरा में 151 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज़ हवाएं टकराईं.
बांग्लादेश में अधिकारियों ने क़रीब 30 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. हालांकि जानकार चिंता जता रहे हैं कि कोरोना महामारी के बीच जारी राहत और बचाव कार्य में सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है.
अधिकारियों ने अब तक यहां छह लोगों की मौत की पुष्टि की है जिसमें एक पांच साल का बच्चा भी शामिल है. साथ ही राहत काम में जुटे एक व्यक्ति पानी में बह गया है.
फॉर्सेट चीफ़ मोइनुद्दीन ख़ान ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "यहां तूफ़ान से हुए नुक़सान का अब तक जायज़ा नहीं लगाया जा सका है. हो सकता है कि तूफ़ान के कारण कई जानवर भी पानी में बह गए हों."
इमेज स्रोत, ARUN SANKAR
लगभग हर साल आता है बंगाल का खाड़ी में तूफ़ान
बंगाल की खाड़ी में लगभग हर साल तूफ़ान आते हैं जो आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश को प्रभावित करते हैं.
साल 2007 में सिद्र तूफ़ान के कारण बांग्लादेश 3,500 से अधिक लोगों की मौत हुई थी.
साल 1999 में ओडिशा से टकराए सुपर साइक्लोन ने क़रीब दस हज़ार से अधिक लोगों की जान ली थी. इसके आठ साल पहले तूफ़ान, तेज़ हवाओं और बाढ़ के कारण बांग्लादेश में कम से कम 139,000 लोगों की मौत हुई थी.
साल 1970 में तूफ़ान और बाढ़ के कारण कम से कम पाँच लाख लोगों की मौत हुई थी.
इमेज स्रोत, MUNIR UZ ZAMAN
इमेज स्रोत, ARUN SANKAR
इमेज स्रोत, REUTERS/Rupak De Chowdhuri
इमेज स्रोत, DIBYANGSHU SARKAR/AFP via Getty Images
इमेज स्रोत, EPA/STR
इमेज स्रोत, EPA/MONIRUL ALAM
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज स्रोत, DIBYANGSHU SARKAR/AFP via Getty Images
- कोरोना वायरस के क्या हैं लक्षण और कैसे कर सकते हैं बचाव
- कोरोना वायरस: सभी अहम सवालों के जवाब
- कोरोना महामारीः क्या है रोगियों में दिख रहे रैशेज़ का रहस्य
- कोरोना वायरसः वो छह वैक्सीन जो दुनिया को कोविड-19 से बचा सकती हैं
- कोरोना वायरस: WHO ने खान-पान के लिए बताए ये पाँच टिप्स
- मोटे लोगों के लिए क्या कोरोना वायरस ज़्यादा जानलेवा है?
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
टॉप स्टोरी
ज़रूर पढ़ें
सबसे अधिक लोकप्रिय
सामग्री् उपलब्ध नहीं है