You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
पंजाब: मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर विक्की गोंदर की पुलिस मुठभेड़ में मौत
पंजाब के मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर विक्की गोंदर की शुक्रवार को एक पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई है. मुठभेड़ में उसके एक करीबी साथी की भी मौत हो गई.
पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने बीबीसी से बातचीत में इसकी पुष्टि की है.
ये मुठभेड़ पंजाब-राजस्थान सीमा पर सुखचैन गांव में हुई. पंजाब पुलिस की कार्रवाई में गोंदर के अलावा उसके क़रीबी साथी प्रेमा लाहोरिया की भी मौत हो गई.
विक्की पंजाब के गोंदर गैंग के मुखिया था और पुलिस को काफ़ी समय से उसकी तलाश थी.
पुलिस के मुताबिक विक्की ने 27 नवंबर 2016 में पटियाला की नाभा जेल को तोड़ने की साज़िश रची थी और पांच क़ैदियों के साथ फ़रार हो गया था.
लंबे वक्त से थी तलाश
जेल से भागे सभी क़ैदियों की उस दिन सुबह पेशी होनी थी जिसके लिए वे जेल के दरवाज़े के पास खड़े थे.
अचानक जेल के बाहर फ़ॉरच्यूनर और एनडेवर कारें रुकी और उनमें सवार लोगों ने जेल के गार्ड पर फ़ायरिंग शुरू कर दी.
जेल कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई, जिसका फ़ायदा उठाकर छह क़ैदी भाग निकले.
फ़रार हुए क़ैदियों में विक्की के अलावा गुरप्रीत शेखू, नीटा देओल, अमनदीप धोतिया और एक कथित खालिस्तानी चरमपंथी हरमिंदर मंटू भी शामिल थे.
इन क़ैदियों की तलाश के लिए टास्क फ़ोर्स बनाई गई थी और पंजाब पुलिस ने सुराग देने वाले व्यक्ति को 25 लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा भी की थी.
हरमिंदर मंटू को बाद में दिल्ली से गिरफ़्तार कर लिया गया था. लेकिन गोंदर लगातार पुलिस को चकमा देता रहा.
विक्की गोंदर अपने कथित फ़ेसबुक पेज पर सक्रिय था. पुलिस का दावा है कि उनकी पहले भी पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई लेकिन वो बच निकलने में कामयाब रहा.
वो पंजाब में रहते हुए भी पुलिस की पहुंच से दूर बना रहा.
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विक्की गोंदर के एनकाउंटर के लिए पुलिस को बधाई दी है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)