ईरान-अमेरिका युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका पर दुनिया क्या कह रही है?

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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका की बात कही है (फ़ाइल फ़ोटो में बाएं से इसहाक़ डार, आसिम मुनीर और शहबाज़ शरीफ़)
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"आप इसे किसी भी तरह से देखें, यह पाकिस्तान के लिए एक बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत है."

ये और इसी तरह की कई टिप्पणियां पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर साझा की जा रही हैं.

इन टिप्पणियों में पाकिस्तान की इस बात के लिए तारीफ़ की जा रही है कि उसने अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध ख़त्म करवा दिया है. हालांकि, ये सशर्त अस्थाई युद्धविराम है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के "पूरी सभ्यता को नष्ट करने" की समयसीमा ख़त्म होने से कुछ ही घंटे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर घोषणा की कि वह ईरान के ख़िलाफ़ हमलों को दो हफ़्तों के लिए स्थगित कर रहे हैं.

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने यह निर्णय पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ और सेना प्रमुख फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर के अनुरोध पर लिया है.

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इस घोषणा के तुरंत बाद, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने पुष्टि की कि अमेरिका के साथ 10 सूत्रीय एजेंडे पर बातचीत अब शुक्रवार से शुरू होकर 15 दिनों तक इस्लामाबाद में चलेगी.

ईरान ने कहा कि उसने अपनी 10 सूत्रीय योजना पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को पेश की है.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने एक बयान में कहा, "ईरान की ओर से, मैं अपने मित्र देश पाकिस्तान, प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर के प्रति क्षेत्र में जंग ख़त्म करने के लिए, उनके अथक प्रयासों की तारीफ़ करता हूं."

बाद में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक्स पर अपने संदेश में लिखा कि उन्हें आने वाले दिनों में और भी अच्छी ख़बरें साझा करने की उम्मीद है.

जहां ईरान और अमेरिका इस युद्धविराम को पूरी दुनिया, विशेष रूप से मध्य पूर्व के लिए एक स्वागतयोग्य घटनाक्रम बता रहे हैं.

वहीं अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक इसे पाकिस्तान के लिए एक बड़ी राजनयिक सफलता बता रहे हैं और संघर्ष को रोकने में इस्लामाबाद की भूमिका की प्रशंसा कर रहे हैं.

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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान में ब्रिटेन की उच्चायुक्त जेन मैरियट ने पाकिस्तान की तारीफ़ की है (फ़ाइल फ़ोटो)

ब्रिटेन की उच्चायुक्त ने लिखा- 'शुक्रिया पाकिस्तान'

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पाकिस्तान में ब्रिटिश उच्चायुक्त जेन मैरियट ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ द्वारा ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की घोषणा को एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, "इस महत्वपूर्ण युद्धविराम को सुनिश्चित करने में चुपचाप, प्रभावी और राजनयिक भूमिका निभाने के लिए पाकिस्तान का शुक्रिया."

न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने एक्स पर एक संदेश में ईरान और अमेरिका द्वारा युद्धविराम की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा, "हम इस संकट का समाधान खोजने के लिए पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देशों के प्रयासों के लिए आभारी हैं."

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने संघर्ष को कम करने में पाकिस्तान सहित मध्यस्थों की भूमिका की भी सराहना की है.

उन्होंने लिखा, "हम तनाव कम करने के प्रयासों के लिए पाकिस्तान, मिस्र, तुर्की और सऊदी अरब सहित सभी वार्ताकारों के प्रयासों का आभार व्यक्त करते हैं और उनका समर्थन करते हैं."

नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ आइडे ने भी युद्धविराम का स्वागत किया है और पाकिस्तान की तारीफ़ की है.

उन्होंने एक्स पर लिखा, "मैं ईरान और अमेरिका के बीच अस्थाई युद्धविराम का स्वागत करता हूं. ऐसे समय में जब दुनिया एक खतरनाक तनाव के कगार पर खड़ी थी, इससे डिप्लोमेसी को एक मौका मिला है."

"मैं पाकिस्तान की तारीफ़ करता हूं, जो तुर्की और मिस्र के साथ बातचीत के लिए उनकी लगातार कोशिशों के लिए काम कर रहा है."

अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट्स की विदेश मामलों की समिति के वरिष्ठ सदस्य ग्रेगरी मैक्स ने युद्धविराम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे दोनों पक्षों के अमेरिकी सैनिकों और नागरिकों की जान बचेगी. उन्होंने कहा, "मैं इस निष्कर्ष तक पहुंचने में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना करना चाहूंगा."

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी युद्धविराम का स्वागत किया और युद्धविराम में सहयोग देने वाले पाकिस्तान और अन्य देशों के प्रयासों की सराहना की.

यूरोपीय संघ आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी मध्यस्थता के प्रयासों के लिए पाकिस्तान को धन्यवाद दिया.

मलेशिया के प्रधानमंत्री का कहना है कि बिना किसी भय या धमकी के सभी पक्षों से बातचीत करने के पाकिस्तान के प्रयास मुस्लिम एकजुटता और अंतरराष्ट्रीय ज़िम्मेदारी की सर्वोच्च परंपराओं को दर्शाते हैं.

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इमेज कैप्शन, भारत ने उम्मीद जताई है कि पश्चिम एशिया में लंबे समय तक शांति बनी रहेगी (फ़ाइल फ़ोटो)

भारत और बांग्लादेश के भी आए बयान

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर पाकिस्तान के पड़ोसी देशों भारत और बांग्लादेश ने भी बयान जारी किया है. हालांकि दोनों ने ही पाकिस्तान का नाम नहीं लिया है.

भारत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा, "हम युद्धविराम का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि यह पश्चिम एशिया में लंबे समय तक शांति लाएगा. जैसा कि हम पहले भी कहते आए हैं, तनाव कम करना, बातचीत और कूटनीति ज़रूरी हैं ताकि इस संघर्ष का जल्दी अंत हो सके."

जारी किए गए बयान में कहा गया है,"यह संघर्ष पहले ही लोगों को बहुत तकलीफ़ दे चुका है और दुनिया की ऊर्जा सप्लाई और व्यापार नेटवर्क को बिगाड़ चुका है. हम उम्मीद करते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाज़ों की आवाजाही और वैश्विक व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहेगा."

वहीं बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भी अस्थाई युद्धविराम का स्वागत किया है.

प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि, "बांग्लादेश मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के अस्थायी युद्धविराम का स्वागत करता है. बांग्लादेश इसे क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक सकारात्मक क़दम मानता है."

"बांग्लादेश को उम्मीद है कि इससे जुड़े सभी पक्ष युद्धविराम का सम्मान करेंगे और इस अवसर का रचनात्मक उपयोग करते हुए एक स्थायी और टिकाऊ समाधान की दिशा में काम करेंगे. साथ ही पूरे क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता बहाल करेंगे."

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने आगे कहा, "बांग्लादेश युद्धविराम को संभव बनाने में शामिल सभी पक्षों के कूटनीतिक प्रयासों की सराहना करता है. बांग्लादेश दोहराता है कि सभी विवादों का समाधान संवाद और कूटनीति के ज़रिए शांतिपूर्ण तरीक़े से किया जा सकता है और किया जाना चाहिए."

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इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में शहबाज़ शरीफ़ और आसिम मुनीर का नाम लिखा है (फ़ाइल फ़ोटो)

'आसिम और शहबाज़ ने दुनिया को बचा लिया'

दूसरी ओर विश्लेषक और पर्यवेक्षक इस युद्धविराम को पाकिस्तान के लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता बता रहे हैं.

वॉल स्ट्रीट जर्नल से जुड़े हुए पत्रकार और लेखक सदानंद धूमे ने एक्स पर लिखा है, "आप इसे जिस तरह भी देखें, ये पाकिस्तान के लिए एक बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत है."

उनका कहना है कि इस्लामाबाद एक ज़िम्मेदार खिलाड़ी के रूप में उभरा है जिस पर प्रमुख देशों को भरोसा है कि वह वैश्विक तबाही को रोकने में भूमिका निभा सकता है.

विश्लेषक माइकल कुगेलमैन लिखते हैं कि "आज रात, पाकिस्तान ने कई बरसों में अपनी सबसे बड़ी राजनयिक जीत हासिल की है."

उनका कहना है कि इससे उन सभी आलोचकों के दावों का खंडन होता है जिन्होंने कहा था कि इस्लामाबाद में इस तरह के पेचीदा और मुश्किल काम को पूरा करने की क्षमता का अभाव है.

"सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इसने ईरान में संभावित तबाही को रोकने में मदद की."

कश्मीर में जन्मे ब्रिटिश लेखक मिर्ज़ा वहीद ने युद्धविराम को एक नए वैश्विक परिदृश्य का अग्रदूत बताया और कहा कि एक ऐसे देश ने शांति स्थापित करने में भूमिका निभाई है जिसे अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है.

पाकिस्तानी पत्रकार सिरिल अल्मेडा लिखते हैं, "आसिम और शहबाज़.. दुनिया को बचा लिया."

उनकी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी राष्ट्रपति के सलाहकार मुर्तज़ा सोलांगी ने कहा, "अब आपको पता चल गया होगा कि शुक्रवार का दिन क्यों अहम है."

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान ने अमेरिकी और ईरानी वार्ता टीमों को शुक्रवार को इस्लामाबाद आने का निमंत्रण दिया है.

भूटान के अख़बार 'द भूटनीज़' के संपादक तेनज़िंग लामसांग का कहना है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और फ़ील्ड मार्शल ने एक महान कूटनीतिक उपलब्धि हासिल की है.

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