ईरान जंग को लेकर अब ट्रंप ने किया एक और दावा, पाकिस्तान पर ये बोले

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गुरुवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी गई एक नई 'मोहलत' का दावा किया. उन्होंने कहा कि ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर 'अब 10 दिनों तक कोई हमले नहीं होंगे.'
इससे पहले सोमवार को उन्होंने इसे लेकर पांच दिन की 'मोहलत' दी थी जो आज शुक्रवार को ख़त्म हो रही है.
उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "हमने ईरान की सरकार की गुज़ारिश पर उसके एनर्जी प्लांट्स पर 10 दिनों तक के लिए हमले टाल दिए हैं. ये छूट 6 अप्रैल 2026 रात 8 बजे तक लागू रहेगी."
उन्होंने दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत जारी है. ट्रंप ने लिखा, "फ़ेक न्यूज़ मीडिया के दावों के उलट हमारी बातचीत बहुत अच्छी चल रही है."
इससे पहले सोमवार को भी ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ उनकी बातचीत सही दिशा में जारी है.
हालांकि ईरान ने इस बात का खंडन किया था और दावा किया था कि बातचीत उसकी शर्तों पर होगी.
ईरान का 'तोहफ़ा'

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इससे पहले गुरुवार रात (भारतीय समयानुसार) ही व्हाइट हाउस में कैबिनेट मीटिंग के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से मिले एक 'तोहफ़े' का ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा, "हमारी ईरान में सही लोगों से बड़ी अच्छी बातचीत चल रही है. उन्होंने हमें एक तोहफ़ा दिया. ईरान ने कहा कि हम आपसे बात को लेकर गंभीर है ये दिखाने के लिए हम होर्मुज़ स्ट्रेट से 8 बड़ी बोट्स को गुज़रने की अनुमति दे रहे हैं."
ट्रंप ने कहा कि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि वाकई 8 बोट्स होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रे जिन पर पाकिस्तान के झंडे लगे थे.
उन्होंने कहा कि बाद में ईरान ने उनसे कहा कि वो 'दो और बोट्स को निकलने दे रहे हैं.'
इससे पहले बुधवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा कि ईरान मित्र देशों के लिए होर्मुज़ स्ट्रेट का रास्ता दे रहा है.
अराग़ची ने बताया, ''हम चीन, रूस, भारत, इराक़ और पाकिस्तान जैसे मित्र देशों को होर्मुज़ स्ट्रेट का रास्ता दे रहे हैं.''
मुंबई में ईरान के कॉन्सुलेट जनरल ने अराग़ची के इस बयान की जानकारी दी है.
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के संभावित मेज़बान के तौर पर पाकिस्तान का नाम उभरा है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने मंगलवार शाम एक्स पर पोस्ट किया, "पाकिस्तान मध्य-पूर्व में जारी युद्ध को ख़त्म करने के लिए बातचीत के ज़रिए जारी कोशिशों का पूरा समर्थन करता है, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित हो सके."
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शहबाज़ शरीफ़ का यह बयान ट्रुथ सोशल पर भी शेयर किया, जिससे यह अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि शायद अमेरिका भी पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत के लिए तैयार है.
तेल की क़ीमतों में मामूली गिरावट

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बीबीसी की न्यूयॉर्क बिज़नेस रिपोर्टर नैटिली शेरमन के मुताबिक़ ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के ट्रंप के इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आ गई.
अमेरिकी शेयर बाज़ार बंद होने के कुछ ही समय बाद ट्रंप ने कहा था कि वे ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों को 6 अप्रैल तक टालेंगे.
युद्ध के कारण तेल आपूर्ति में संभावित कमी की चिंताओं से गुरुवार को तेल की कीमतें बढ़ी थीं, लेकिन ट्रंप के इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद कीमतों में फिर गिरावट आ गई.
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स करीब 108 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, लेकिन ट्रंप के एलान के लगभग एक घंटे बाद इनमें करीब 1 डॉलर की गिरावट देखी गई.
लेकिन अमेरिका में गुरुवार को शेयर बाज़ार फिर गिरावट के साथ बंद हुए, क्योंकि प्रमुख टेक कंपनियों में बिकवाली ने युद्ध को लेकर निवेशकों की चिंताओं को और बढ़ा दिया.
टेक कंपनियों की बड़ी हिस्सेदारी वाले नैस्डैक इंडेक्स में करीब 2.4% की गिरावट आई. इस गिरावट की एक वजह मेटा प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में तेज गिरावट रही, क्योंकि अमेरिका में दो लगातार जूरी फ़ैसले कंपनी के ख़िलाफ़ आए.
दरअसल, लॉस एंजेलिस की एक जूरी ने सोशल मीडिया की लत से जुड़े केस में मेटा और यूट्यूब दोषी पाया था और याचिकाकर्ता को साढ़े 56 करोड़ रुपये का जुर्माना देने का आदेश दिया था.
अमेरिकी बाज़ार अक्तूबर के हालिया उच्च स्तर से 11% नीचे आ गए हैं, एक्सपर्ट का कहना है कि यह औपचारिक रूप से 'करेक्शन' के दायरे में पहुंच गया है.
गुरुवार के कारोबारी सत्र में एस एंड पी 500 इंडेक्स में 1.7% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1% नीचे बंद हुआ.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.




































