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बदायूं: तीन मुस्लिम बुज़ुर्गों की पिटाई वाला वीडियो वायरल, क्या है पूरा मामला
- Author, शहबाज़ अनवर
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए बदायूं से
- पढ़ने का समय: 5 मिनट
"मुझे और मेरे साथियों को पीटा गया, धार्मिक टिप्पणी की गई, हम शांत होकर बैठ गए थे, लेकिन उन्होंने हमारी वीडियो ख़ुद ही वायरल कर दी. हम कोई विवाद तो नहीं चाहते हैं लेकिन इंसाफ़ मिलना चाहिए. अभियुक्त ज़मानत करा कर खुला घूम रहा है, जो धाराएं लगनी थीं, वह नहीं लगाई गई हैं."
ये बातें बदायूं थाना सहसवान के मोहल्ला मोहिदुद्दीनपुर के रहने वाले 56 वर्षीय अब्दुल सलाम ने बीबीसी हिन्दी से कहीं.
अब्दुल सलाम और उनके साथियों को पीटे जाने का एक वीडियो वायरल है.
इसमें एक युवक, तीन मुस्लिम बुज़ुर्गों को थप्पड़ मारते दिख रहा है.
पुलिस ने शिकायत के बाद अक्षय शर्मा उर्फ़ छोट्टू नाम के युवक के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर लिया है. हालांकि उन्हें ज़मानत मिल गई है और अब वो जेल से बाहर हैं.
शिकायतकर्ता पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं.
पुलिस ने इस मामले में क्या कहा?
अब्दुल सलाम ने इस घटना के बारे में कहा, "16 फ़रवरी को हम मोहल्ला कटरा के रहने वाले अपने साथी आरिफ़ और मोहल्ला सिस्टम टोला के रहने वाले जावीद के साथ बिल्सी तहसील के थाना इस्लाम नगर, रुदायन गए थे. हमें वहां से चंदा इकट्ठा करना था. एक युवक पीछे से आया और उसने हमारा आधार कार्ड देखने को मांगा, इसके बाद उसने हम पर धार्मिक टिप्पणी की, मारा-पीटा, टोपी तक उतारने को कहा. वे चार लोग थे."
पुलिस ने 19 फ़रवरी को अब्दुल सलाम की ओर से दर्ज शिकायत पर थाना इस्लामनगर में एक एफ़आईआर दर्ज की. पुलिस ने इस्लामनगर के रहने वाले युवक अक्षय उर्फ छोट्टू को अभियुक्त बना उसका चालान कर दिया.
एफ़आईआर में लिखा गया है कि अब्दुल सलाम और उनके तीन साथी रुदायन के मुख्य रास्ते पर जा रहे थे, पीछे से आए एक व्यक्ति ने हॉर्न बजाया लेकिन वे सुन नहीं पाए जिससे नाराज़ होकर उनके साथ मारपीट की गई.
इस मामले में बिल्सी सीओ सुनील कुमार ने बीबीसी हिन्दी से कहा, "संबंधित प्रकरण में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर अभियुक्त का चालान कर दिया है. कार्रवाई जारी है."
अब्दुल सलाम ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल?
पीड़ित अब्दुल सलाम ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं. पीड़ित के मुताबिक़ अभियुक्त को सख़्त सज़ा मिलनी चाहिए थी.
उन्होंने बीबीसी हिन्दी से कहा, "हमारे साथ धार्मिक टिप्पणी की गई, माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस को अभियुक्त के ख़िलाफ़ जो धाराएं लगानी थीं, वे धाराएं नहीं लगाईं. इसकी वजह से उसे तुरंत ही ज़मानत मिल गई. हम विवाद नहीं चाहते, पर इंसाफ़ तो मिलना चाहिए."
अब्दुल सलाम के वकील फहीम ख़ान ने भी पुलिस रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है.
उन्होंने कहा, "अब्दुल सलाम के साथ जिस युवक ने मारपीट की थी उसके ख़िलाफ़ बीएनएस की धारा 115(2), 352 और 351(3) में रिपोर्ट दर्ज की गई है. ये धाराएं क्रमशः मारपीट, गाली गलौच और जान से मारने की धमकी की हैं. सभी ज़मानतीय धाराएं हैं."
हालांकि, इस्लाम नगर थाने के एसएचओ उदयवीर सिंह से जब पीड़ित पक्ष के इस आरोप के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था, "मुक़दमा पंजीकृत हो गया है, विवेचना जारी है. विवेचना में जितनी बातें उन्होंने बताई हैं, तथ्यों की जांच कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी.धाराएं तो जो भी घटनाक्रम हुआ, उसी क्रम में बनेंगी. वीडियो आला अधिकारी भी देख रहे हैं, जो उचित होगा अवश्य किया जाएगा."
कौन हैं अब्दुल सलाम और क्या करने गए थे रुदायन?
अब्दुल सलाम इस घटना के बाद से ही डरे हुए हैं, उन्होंने अपना मोबाइल तक बंद किया हुआ है.
उनके दो अन्य साथी आरिफ़ और जावीद भी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं.
अब्दुल सलाम के मोहल्ले के नज़दीकी मोहल्ले क़ाज़ी के सभासद शाकिर अंसारी ने इस घटना पर अफ़सोस जताया है.
उन्होंने बीबीसी हिन्दी से कहा, "अब्दुल सलाम मेहनत मज़दूरी करने वाले इंसान हैं, वह चंदा एकत्रित करने रुदायन गए थे, उनके साथी आरिफ़ और जावीद भी मेहनत मज़दूरी ही करते हैं. उन्हें इंसाफ़ मिलना चाहिए."
अभियुक्त अक्षय शर्मा कौन हैं?
इस पूरे मामले में अभियुक्त अक्षय शर्मा या उनके परिवार के किसी व्यक्ति से कोशिशों के बावजूद बात नहीं हो पाई.
बीबीसी हिन्दी ने उनका पक्ष जानना चाहा पर उनका मोबाइल नंबर बंद मिला.
अब्दुल सलाम ने एक शिकायती पत्र में बताया है कि अभियुक्त ने ख़ुद को बजरंग दल का नेता बताते हुए उनसे आधार कार्ड मांगा और पिटाई की.
हालांकि इस बात की पुष्टि के लिए हमने बजरंग दल के स्थानीय नेताओं से बात करने की काफ़ी कोशिश की लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई.
लेकिन बदायूं के सहसवान से समाजवादी पार्टी विधायक बृजेश यादव ने अक्षय शर्मा का कुछ और ही परिचय दिया.
उन्होंने बीबीसी हिन्दी से कहा, "अक्षय शर्मा एक गौ रक्षा मिशन संगठन के ज़िला अध्यक्ष हैं, उनका एक नियुक्ति पत्र हमारे पास भी मौजूद है. इस प्रकरण में हमने एसएसपी से क़ानूनी कार्रवाई की मांग की है."
हालांकि बीबीसी इस बात की पुष्टि नहीं कर सका है कि अक्षय शर्मा गौ रक्षा मिशन से जुड़े हैं.
एक स्थानीय पत्रकार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि "अक्षय लगभग 21 वर्ष आयु का युवक है. वह बारहवीं कक्षा तक पढ़ा है और खेती किसानी से भी जुड़ा है."
उन्होंने पूर्व में ऐसी किसी घटना से अक्षय के जुड़े होने की बात से इनकार किया है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.