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शुक्रवार, 24 अक्तूबर, 2003 को 14:57 GMT तक के समाचार
 
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एफ़्रो-एशियाई खेलों की रंगारंग शुरुआत
 
आडवाणी, चंद्रबाबू नायडू और विक्रम वर्मा
उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने खेलों का उदघाटन किया
भारत के दक्षिणी शहर हैदराबाद में आज पहले एफ़्रो एशियाई खेलों की रंगारंग शुरुआत हो गई.

उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने इसका औपचारिक उदघाटन किया. जबकि मशाल जलाई सिडनी ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली आंध्र प्रदेश की कर्णम मल्लेश्वरी.

इस मौक़े पर आँध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, राज्यपाल सुरजीत सिंह बरनाला और केंद्रीय खेल मंत्री विक्रम वर्मा भी मौजूद थे.

उदघाटन समरोह में एशिया और अफ़्रीका महादेश की संस्कृति की रंगीन झाँकी पेश की गई.

10 दिनों तक चलने वाले इस खेल मेले में दो हज़ार से ज़्यादा एथलीट भाग ले रहे हैं.

रंगारंग कार्यक्रम

हैदराबाद का जीएमसी बालयोगी स्टेडियम आज उस समय नृत्य-संगीत का समाँ बँध गया, जब पहले अफ़्रो एशियाई खेलों के औपचारिक शुरुआत की घोषणा हुई.

आकाश में था कुछ ऐसा नज़ारा

बॉलीवुड की मशहूर हस्तियों के मंच पर आने के साथ ऐसा माहौल बना कि पूछिए मत. उसके साथ-साथ लेज़र शो ने दर्शकों का मन मोह लिया.

एशिया और अफ़्रीका महादेश का लोक-नृत्य को लोगों को ऐसा भाया कि सबने इसका भरपूर आनंद उठाया.

नृत्य और संगीत कार्यक्रम में क़रीब 12 हज़ार लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें बच्चे भी शामिल थे.

उदघाटन समारोह के दौरान दर्शक दीर्घा में बैठे लोग सांस्कृतिक कार्यक्रम को देखकर आनंद लेते रहे.

जैसे ही अफ़्रो एशियाई खेलों के शुभंकर शेरू को मैदान में लाया गया, उसके स्वागत में स्वर लहरियाँ गूँजने लगी.

स्वागत गीत पर क़रीब एक हज़ार स्कूली बच्चों ने मोहक नृत्य पेश किया.

कुचिपुड़ी, भारतनाट्यम, बीहू, भांगड़ा और गरबा जैसे भारत के मशहूर लोकनृत्यों की झलक भी देखने को मिली.

खेलों की थीम

स्टेडियम में बच्चों ने भी समां बाँध दिया

इन खेलों की थीम है- दो महादेशों एशिया और अफ़्रीका के बीच एकता और भाईचारा.

इसे एक बेहतरीन अंदाज़ में पेश किया गया, जब गोंडवाना युग की झलक बातचीत की शैली में पेश की गई.

लाखों वर्ष पहले इस युग में ऐसा माना जाता था कि दोनों महादेश भौगोलिक रूप से जुड़े हुए थे, बाद में जलवायु परिवर्तन के कारण ये अलग हो गए.

उदघाटन समारोह में मशहूर अफ़्रीकी बैंड उमोजा ने वहाँ की संस्कृति को अपने गीत-संगीत में पिरोया.

एक नवंबर तक चलने वाले इन खेलों में एशिया और अफ़्रीका के 95 देशों के दो हज़ार एथलीट हिस्सा ले रहे हैं.

इन खेलों में फुटबॉल, हॉकी, टेनिस, एथलेटिक्स, तैराकी, निशानेबाज़ी, भारोत्तोलन और मुक्केबाज़ी शामिल है.

 
 
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