क्या भारत देश है मेरा...?
क्या भारत देश है मेरा..?
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
क्या भारत देश है मेरा..?

क्या भारत देश है मेरा..?

 

भारत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. नई संभावनाओं, संरचनाओं और सृजन के पंख लगाकर. अर्थव्यवस्था का सूचकांक ऊपर जा रहा है. विश्व बाज़ार में भी लोग भारत का नाम पहचानने लगे हैं. तकनीक, अनुसंधान, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय छवि लगातार सुधर रही है.

......पर भारत के नागरिकों में ऐसे कई समूह और चेहरे हैं जो अपनी भारतीय होने की पहचान का प्रमाण खोजते फिर रहे हैं. इन लोगों की एक आँख में बदलते भारत में अपना दखल बनाकर चलने की तमन्ना है तो दूसरी आँख में कई अनुत्तरित-अधूरे-अनकहे सवाल, जिनका जवाब किसी के पास नहीं है.

इनके ज़हन में कभी इस बात की खुशी होती है कि वे भारत के नागरिक हैं तो कभी अफ़सोस की उनका देश ऐसा है. कई बार ये लोग ख़ुद से यह सवाल पूछते रहे हैं कि क्या वे देश की मुख्यधारा का हिस्सा बन सके हैं या हाशिए पर ही रहना उनकी तकदीर बन गया है.

कितना जुड़ा महसूस करते हैं ये लोग भारत से, यह सवाल इन लोगों से पूछा बीबीसी संवाददाता पाणिनी आनंद ने.
 
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