BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
 
बुधवार, 09 मार्च, 2005 को 13:20 GMT तक के समाचार
 
मित्र को भेजें कहानी छापें
नीम के पेटेंट का फ़ैसला भारत के पक्ष में
 
नीम
नीम के पेटेंट को लेकर भारत की जीत अहम मानी जा रही है
भारत ने 10 साल के संघर्ष के बाद नीम के पेटेंट को वापिस हासिल कर लिया है. यूरोपीय पेटेंट ऑफिस ने भारत के पक्ष में यह फ़ैसला दिया.

यूरोपीय पेटेंट ऑफिस ने 1995 में कृषि की बहुराष्ट्रीय कंपनी डब्ल्यू आर ग्रेस को नीम का फफूंदनाशक के रूप में पेटेंट दे दिया था.

भारत की अपील पर इसे सन् 2000 में वापस कर दिया. पर बहुराष्ट्रीय कंपनी ने इसके ख़िलाफ़ अपील कर दी और इस बार भी उनकी अपील ठुकरा दी गई.

भारत की ओर से पेटेंट ऑफिस के सामने तथ्य रखे गए कि 1995 से पहले भी भारत में नीम का फफूंदनाशक और दवा के रूप में इस्तेमाल होता था.

इस मामले में प्रमुख भूमिका निभानेवाली वंदना शिवा ने बीबीसी को बताया कि पिछले 10 वर्षों से इसको लेकर अभियान चलाया जा रहा था.

उनका कहना था कि यह फ़ैसला बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि अमरीकी कंपनी नीम से जुड़े सभी उत्पादों को इसमें शामिल करना चाहती थी.

लंबा संघर्ष

वंदना शिवा का कहना था कि कड़े संघर्ष के बाद यह लड़ाई जीती गई. पेटेंट ऑफिस को एक लाख लोगों के हस्ताक्षरवाली अपील सौंपी गई.

 यह जीत अहम है क्योंकि पिछले 10 वर्षों से इसको लेकर अभियान चलाया जा रहा था
 
वंदना शिवा

उनका कहना था कि ज्ञान के आधार पर नहीं बल्कि चोरी के आधार पर पेटेंट हासिल करने की कोशिश की गई.

भारत में जिन परंपरागत पद्धतियों का सदियों से इस्तेमाल किया जाता रहा है उन पर विदेशों में पेटेंट लेना अब एक आम बात हो गई है.

सन् 1996 में एक अमरीकी कंपनी ने हल्दी को घाव भरने की एक अचूक दवा कह कर पेटेंट कराने की कोशिश की थी.

एक अन्य अमरीकी कंपनी ने ऐसी ही कोशिश बासमती चावल की खूबियों को लेकर की थी.

प्रेक्षकों का कहना है कि भारत की ओर से सदियों पुरानी जानकारी को बचाने की कोई ठोस कोशिश नहीं की जा रही है.

 
 
इससे जुड़ी ख़बरें
 
 
इंटरनेट लिंक्स
 
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
 
सुर्ख़ियो में
 
 
मित्र को भेजें कहानी छापें
 
  मौसम |हम कौन हैं | हमारा पता | गोपनीयता | मदद चाहिए
 
BBC Copyright Logo ^^ वापस ऊपर चलें
 
  पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल की दुनिया | मनोरंजन एक्सप्रेस | आपकी राय | कुछ और जानिए
 
  BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>