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अनचाही ईमेल भेजो, पर 'ख़र्च' उठाओ
स्पैम मेल ने ईमेल की प्रासंगिता पर सवाल उठा दिए हैं
 

माइक्रोसॉफ़्ट के विशेषज्ञों ने एक ऐसी तरक़ीब निकाली है जिससे अनचाही ईमेल भेजने वालों को हतोत्साहित किया जा सकेगा.

उनके पैसे ख़र्च कराने की भी व्यवस्था होगी.

इस समय विभिन्न सॉफ़्टवेयर और इंटरनेट सेवा मुहैय्या कराने वाली कंपनियों के निरोधात्मक उपायों के बावजूद करोड़ों अनचाही ईमेल रोज़ इनबॉक्स में पैठ करने में सफल होती हैं.

अब माइक्रोसॉफ़्ट के विशेषज्ञों ने ऐसे उपायच खोज निकालने का दावा किया है जिससे अनचाही ईमेल या स्पैम की रफ़्तार धीमी की जा सकेगी.

कंपनी ने अपनी इस स्पैमरोधी परियोजना को पेन्नी ब्लैक नाम दिया है.

उल्लेखनीय है कि पेन्नी ब्लैक ही वह पहला डाक-टिकट है जिसने दुनिया में आधुनिक डाक व्यवस्था की नींव डाली जिसके तहत डाक भेजने वाले को ही शुल्क चुकाना होता है.

माइक्रोसॉफ़्ट रिसर्च ग्रुप के डेट वोबर परियोजना के बारे में बताते हैं, "मूल विचार ये है कि ईमेल भेजने वालों को 'भुगतान' के लिए बाध्य किया जा सके."

भुगतान की व्यवस्था

ये भुगतान पैसे के रूप में नहीं बल्कि कंप्यूटर की मेमोरी और पॉवर के रूप में होगा, जो कि एक ख़ास तरह की कंप्यूटिंग पहेली से निपटने में लगेगा.

पेन्नी ब्लैक
पेन्नी ब्लैक ने डाक व्यवस्था को सुचारू बनाने में मुख्य भूमिका निभाई है
 

वोबर ने कहा, "कंप्यूटिंग पहेली की व्यवस्था के चलते एक ईमेल को भेजने के लिए किसी स्पैमर को कंप्यूटिंग पॉवर का 10 से 20 सेकेंड ख़र्च करना होगा."

उन्होंने कहा, "यदि मैं आपको नहीं जानता हूँ और ईमेल भी भेजना चाहता हूँ तो मुझे ये सिद्ध करना होगा कि ईमेल विशेष को तैयार करने में मैंने वक़्त और संसाधन जाया किया है. ज़ाहिर है इस बात का सबूत मिल जाने पर आप उस ईमेल को कुछ गंभीरता से लेंगे."

स्पैमर ऐसा कंप्यूटिंग पहेली से निपट कर साबित कर सकेगा, जो उसके लिए कंप्यूटर के प्रोसेसर और मेमोरी चिप करेंगे.

वोबर ने कहा कि इस प्रक्रिया में अनचाही ईमेल भेजने वाले या स्पैमर का कंप्यूटर धीमा हो जाएगा लेकिन ईमेल के आम उपयोगकर्ता को कोई असर महसूस नहीं होगा.

उन्होंने बताया कि यदि एक दिन में 80 हज़ार सेकेंड होते हैं तो प्रति ईमेल 10 सेकेंड की लेवी का मतलब होगा कि कोई स्पैमर दिन भर में ज़्यादा से ज़्यादा आठ हज़ार संदेश ही भेज सकेगा.

इस समय हर स्पैमर लाखों की संख्या में ईमेल भेजता है, और नई व्यवस्था लागू किए जाने के बाद इतने संदेश भेजने के लिए एक स्पैमर को मशीनों पर काफ़ी धन लगाना होगा. मतलब अनचाही ईमेल भेजने का धंधा उसके लिए उतना लाभदायक नहीं रह जाएगा.

वोबर ने कहा कि नई व्यवस्था से ईमेल प्राप्त करने वालों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

 
 
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