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| मुंबई के हमलों को लेकर पाकिस्तान पर काफ़ी अंतरराष्ट्रीय दबाव है |
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने उम्मीद प्रकट की है कि भारत मुंबई के हमलों के सिलसिले में 'ठोस सबूत और पर्याप्त
जानकारियाँ' देगा ताकि हमले के सिलसिले में गिरफ़्तार किए गए लोगों को सज़ा दिलाई जा सके.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने ये बात इंटरपोल के प्रमुख रोनल्ड नोबेल से मुलाक़ात के बाद कही है.
इंटरपोल के प्रमुख मुंबई के हमलों के सिलसिले में विचार-विमर्श करने के लिए पाकिस्तान पहुँचे हैं, वे ऐसे समय इस्लामाबाद में हैं
जबकि लाहौर में श्रीलंका के खिलाड़ियों पर हुए हमलों की जाँच चल रही है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका देश 'तत्काल, पारदर्शी और प्रभावी तरीक़े से जाँच' करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि पूरे
क्षेत्र में अमन और सुरक्षा क़ायम हो सके.
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 उम्मीद है कि भारत केंद्रीय जाँच एजेंसी को ठोस सबूत और पर्याप्त जानकारियाँ उपलब्ध कराएगा ताकि हमले के पाकिस्तानी अभियुक्तों
के ख़िलाफ़ कामयाबी के साथ मुकदमा चलाया जा सके 
यूसुफ़ रज़ा गिलानी
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गिलानी ने कहा कि "उम्मीद है कि भारत केंद्रीय जाँच एजेंसी को ठोस सबूत और पर्याप्त जानकारियाँ उपलब्ध कराएगा ताकि हमले के पाकिस्तानी
अभियुक्तों के ख़िलाफ़ कामयाबी के साथ मुकदमा चलाया जा सके."
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इंटरपोल के प्रमुख को आश्वस्त किया कि वे सभी जानकारियाँ अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के साथ बाँटने को तैयार
हैं.
पाकिस्तान ने भारत को 30 सवालों की सूची भेजी है जिसका जवाब उसे अभी तक नहीं मिला है.
भारत को सवालों की सूची 12 फ़रवरी को सौंपी गई थी जिसमें भारत की ओर से भेजी गई फ़ाइल पर आधिकारिक प्रतिक्रिया भी दी गई थी.
मुंबई के हमलों के सिलसिले में पाकिस्तान में छह लोगों को गिरफ़्तार किया गया है जिनमें से चार लोगों का संबंध लश्करे तैबा से
है.
ज़की उर रहमान लखवी, ज़रार शाह, अबू अल क़ामा और हमद अमीन सादिक़ को 17 मार्च तक के लिए पुलिस हिरासत में रखा गया है.
इन लोगों के ख़िलाफ़ आतंकवाद विरोधी अदालत में मुकदमा चलाया जाएगा.
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