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गुरुवार, 04 दिसंबर, 2008 को 06:47 GMT तक के समाचार
 
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'मानवाधिकार पर सख़्त रुख़ बनाए रखें'
 
दलाई लामा
दलाई लामा इस सप्ताह यूरोपीय संसद को संबोधित करने वाले हैं
तिब्बतियों के धर्मगुरु दलाई लामा ने यूरोपीय संघ से आग्रह किया है कि चीनी लोगों के दीर्घकालिक हित की रक्षा के लिए वो मानवाधिकार के मामले पर सख़्त रुख़ बनाए रखे.

आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने बीबीसी से बात करते हुए कहा है कि चीनी लोग भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, स्वतंत्र मीडिया और क़ानून का शासन चाहते हैं.

उनका कहना था कि आने वाले महीनों में चीनी लेखकों और बुद्धिजीवियों के साथ बैठकें करके वो चीनी लोगों तक पहुँचने की योजना बना रहे हैं.

चीन ने सम्मेलन रद्द किया

 चीनी जनता भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रा, स्वतंत्र मीडिया और क़ानून का शासन चाहती है. यदि आप तुष्टीकरण की नीति को अपनाते हैं तो ये किसी के फ़ायदे में नहीं है
 
दलाई लामा

ग़ौरतलब है कि दलाई लामा इस सप्ताह यूरोपीय संसद को संबोधित करने वाले हैं. अपने यूरोप के दोरे के दौरान वो फ्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी, बेलजियम और चेक गणराज्य के प्रधानमंत्रियों से भी मुलाक़ात करने वाले हैं.

दलाई लामा के यूरोपीय संसद में संबोधन की प्रतिक्रिया में चीनी सरकार ने यूरोपीय संघ के साथ होने वाले अपने वार्षिक शिखर सम्मेलन को रद्द कर दिया है.

चीनी सरकार ने चेतावनी दी है कि दलाई लामा के साथ होने वाली बैठक ने यूरोपीय संघ के साथ उनके रिश्ते को जोखिम में डाल दिया है.

लामा के पोशाक भेड़िया

ग़ौरतलब है कि चीनी प्रशासन दलाई लामा को 'लामा कr पोशाक में एक भेड़िया' कहता है.

 हमारे मित्रों को कड़े कदम उठाने चाहिए, क्योंकि मैं समझता हूँ कि दीर्घकालिक हित के लिए ये क़दम चीनी जनता के लिए बहुत मददगार साबित होंगें
 
दलाई लामा

चीन ने 1950 में तिब्बत पर हमला करके उस पर नियंत्रण कर लिया था जब से 73 वर्षीय दलाई लामा स्वायत्तता के लिए लड़ाई लड़ रेह हैं.

दलाई लामा ने चीन और यूरोप के मुख्य व्यापारिक भागीदारों से भी आह्वान किया है कि वो मानवाधिकार के मामले पर सख़्त हों.

उन्होंने बीबीसी से कहा, " हमारे मित्रों को कड़े कदम उठाने चाहिए, क्योंकि मैं समझता हूँ कि दीर्घकालिक हित के लिए ये क़दम चीनी जनता के लिए बहुत मददगार साबित होंगें."

उनका कहना था, "चीनी जनता भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रा, स्वतंत्र मीडिया और क़ानून का शासन चाहती है. यदि आप तुष्टीकरण की नीति को अपनाते हैं तो ये किसी के फ़ायदे में नहीं है. "

ग़ौरतलब है कि इस वर्ष की शुरुआत में जब अमरीकी राष्ट्रपति जॉज बुश ने दलाई लामा को फ़ोन करके उनके स्वास्थ की जानकरी ली थी तो चीनी सरकार ने अमरीका को चेतावनी दी थी कि वो उनके आंतरिक मामले में दख़ल न दें.

तिब्बत बहुत समय के लिए स्वायत्त रहा है जबकि चीन का कहना रहा है कि तिब्बत उनके देश का अटूट हिस्सा रहा है.

 
 
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