BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
 
गुरुवार, 31 जुलाई, 2008 को 17:29 GMT तक के समाचार
 
मित्र को भेजें   कहानी छापें
'प्रेशर कुकर' में तनाव कम हुआ: कुरैशी
 

 
 
दक्षेस
दक्षेस की बैठक में भारत-पाकिस्तान के विदेशमंत्रियों की बैठक हुई है
कोलंबो में भारत और पकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच गुरुवार को हुई बैठक में दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से बढ़ते तनाव की छाया साफ़ दिखाई दी.

पकिस्तान में प्रधानमंत्री के आंतरिक सुरक्षा मामलों के सलाहकार रहमान मलिक ने कल वॉशिंगटन में भारत और अफगानिस्तान पर पकिस्तान के ख़िलाफ़ षडयंत्र करने का आरोप लगाया था.

भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी और पकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने द्विपक्षीय बैठक से बाहर निकल कर सिर्फ़ इतना कहा कि सभी विषयों पर खुली और सार्थक बातचीत हुई.

बाद में कुरैशी ने बीबीसी के सवाल के उत्तर में बताया कि बैठक में काबुल में भारत के दूतावास पर हुए हमले और उसके असर पर भी बात हुई.

जब उनका ध्यान रहमान मलिक के बयान पर दिलाया गया तो उनका कहना था कि पकिस्तान के विदेश मंत्रालय का मानना है इस तरह की बातों को गंभीरता से लेना चाहिए और इल्ज़ाम लगाने से बचना चाहिए.

 जब काबुल की घटना हुई तो मेरा बयान बड़ा संतुलित था. आज जब हेरात में हमारे कार्यालय पर हमला हुआ तो भी मैं किसी पर ऊंगली नहीं उठा रहा. इल्जाम लगाना बड़ा आसान है
 
शाह महमूद कुरैशी

आरोप लगाना आसान

कुरैशी ने कहा "जब काबुल की घटना हुई तो मेरा बयान बड़ा संतुलित था. आज जब हेरात में हमारे कार्यालय पर हमला हुआ तो भी मैं किसी पर ऊंगली नहीं उठा रहा. इल्ज़ाम लगाना बड़ा आसान है."

उन्होंने बताया कि भारत और पकिस्तान के प्रधानमंत्री दो अगस्त को मिलेंगे और इन मुद्दों पर आगे बात करेगें .

जब शाह महमूद कुरैशी का ध्यान भारतीय विदेश सचिव शिव शंकर मेनन के उस बयान की तरफ़ दिलाया गया जिसमे उन्होंने कहा था कि पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच तनाव मे हैं तो उनका कहना था कि आज की बैठक के बाद 'प्रेशर कुकर' में तनाव कम हुआ है.

 अगर पकिस्तान के पास सबूत हों तो सामने रखे. बैठक में भारत ने पकिस्तान से एक बार फिर उसके देश में आतंक की आधारभूत संरचना को नष्ट करने को कहा है. अभी बैठकें होनी हैं और कई बातें साफ़ होना बाक़ी हैं
 
एक भारतीय अधिकारी

पर भारतीय पक्ष से बात करने से ऐसा नहीं लगा. भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने रहमान मालिक के बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और दो टूक कहा कि वो इस तरह की बयान पर टिप्पणी नहीं करेगें.

भारतीय विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "अगर पकिस्तान के पास सबूत हों तो सामने रखे. बैठक में भारत ने पकिस्तान से एक बार फिर उसके देश में आतंक की आधारभूत संरचना को नष्ट करने को कहा है. अभी बैठकें होनी हैं और कई बातें साफ़ होना बाक़ी हैं."

एक दूसरे विदेश विभाग के अधिकारी से जब मैंने पूछा कि बैठक के भीतर क्या हुआ तो उसका उत्तर था "वही जो पिछले 60 साल से हो रहा है."

 
 
इससे जुड़ी ख़बरें
एकतरफ़ा रियायतों की घोषणा
03 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस
आतंकवाद और व्यापार पर घोषणा संभव
04 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस
तालेबान के ख़िलाफ़ नैटो की लामबंदी
22 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस
सार्क सम्मेलन: कूटनीति चरम पर
31 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
 
 
मित्र को भेजें   कहानी छापें
 
  मौसम |हम कौन हैं | हमारा पता | गोपनीयता | मदद चाहिए
 
BBC Copyright Logo ^^ वापस ऊपर चलें
 
  पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल की दुनिया | मनोरंजन एक्सप्रेस | आपकी राय | कुछ और जानिए
 
  BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>