|
हेलमंद में आत्मघाती हमला, तीन मरे
|
||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान पुलिस के मुताबिक़ देश के दक्षिणी हेलमंद प्रांत में हुए एक आत्मघाती बम धमाके में तीन पुलिस अधिकारी मारे गए हैं
और तीन अन्य लोग घायल हो गए हैं.
आत्मघाती हमलावर ने प्रांतीय राजधानी लश्कर गाह में खड़ी पुलिस के गाड़ी के पास अपने आप को उड़ा लिया. दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के इस इलाके में तालेबान का व्यापक प्रभाव माना जाता है. इसी वजह से हिंसा भी घटनाएं लगातार यहाँ से आती रहती हैं. हज़ारों की तादाद में विदेशी सैनिक इस क्षेत्र में तालेबान चरमपंथियों के साथ संघर्ष कर रहे हैं. नैटो सेना, ख़ासकर ब्रितानी सैनिकों और तालेबान लड़ाकों के बीच यहाँ चल रहे संघर्ष के चलते हज़ारों आम लोगों को हेलमंद छोड़कर जाना पड़ा है. चिंताजनक स्थिति ब्रितानी सेना और तालेबान चरमपंथियों के बीच लड़ाई देख रहा यह प्रांत देश का वो हिस्सा हैं जहाँ अफ़ीम की कुल उपज का आधा हिस्सा पैदा होता है. नैटो के नेतृत्व में अफ़ग़ानिस्तान में काम कर रही अंतरराष्ट्रीय फ़ौज 'आईसैफ़' ने देश की हालांकि आईसैफ़ की तादाद में बढ़ोत्तरी पिछले कुछ महीनों के दौरान होती रही है. आईसैफ़ सैनिकों की संख्या पिछले 15 महीनों में 33 हज़ार से बढ़कर 47 हज़ार हो गई है. |
इससे जुड़ी ख़बरें
अफ़ग़ानिस्तान: अभियान में मुस्लिम सैनिक28 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस
अफ़ग़ानिस्तान में छह नागरिक मारे गए19 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस
प्रिंस हैरी मोर्चे से वापस लौटे01 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस
प्रिंस हैरी मोर्चे से लौटेंगे29 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
'फिर मज़बूत हो रही है तालेबान की पकड़'28 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
हेलमंद में '25 तालेबान' मारे गए28 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
हेलमंद में '80 तालेबान लड़ाकों की मौत'28 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस
|
||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
|
|||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||