BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
 
बुधवार, 06 जून, 2007 को 15:01 GMT तक के समाचार
 
मित्र को भेजें कहानी छापें
महिला रेडियो पत्रकार की हत्या
 
ज़किया ज़की
ज़किया गिनी-चुनी महिला पत्रकारों में से थीं
अफ़ग़ानिस्तान में एक रेडियो स्टेशन चलाने वाली महिला ज़किया ज़की की गोली मारकर हत्या कर दी गई है.

अफ़ग़ान अधिकारियों ने बताया कि ज़किया ज़की को सात गोलियाँ मारी गईं, कुछ गोलियाँ सिर और सीने में भी लगीं. गोलियाँ मारे जाने के समय ज़किया ज़की अपने घर में सो रही थीं. उनका बीस महीने का बेटा भी उन्हीं के पास सो रहा था.

परवान प्रांत के गवर्नर अब्दुल जब्बार तक़वा ने बीबीसी को बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि ज़किया को किसने मारा. यह हमला परवान प्रांत में ही हुआ है.

ज़किया पर हमले की किसी ने अभी ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं की है.

ज़किया की हत्या से कुछ ही दिन पहले एक महिला समाचार वाचक की हत्या कर दी गई थी और हत्या की वजह कुछ पारिवारिक बताए गए थे.

'आतंकवादी कार्रवाई'

परवान प्रांत के गवर्नर अब्दुल जब्बार तक़वा ने जबाल शहर में इस घटनास्थल का दौरा किया. यह स्थान राजधानी काबुल से क़रीब 70 किलोमीटर उत्तर में है.

गवर्नर ने कहा कि हमला करने वाले तीन लोग थे और उन्होंने पिस्तौलों और राइफ़लों से यह हमला किया. हमलावर ज़किया के घर में ज़बरदस्ती घुसे थे और अंदर के कमरों तक पहुँच गए.

हमले के समय ज़किया का तीन साल का बेटा भी उनके साथ था लेकिन ग़नीमत की बात रही कि ज़किया के छहों बेटे सही सलामत थे.

अफ़ग़ानिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्रालय ने इस घटना की निंदा की है और इसे "आतंकवादी कार्रवाई" क़रार दिया है. मंत्रालय ने कहा है कि हमलावरों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है.

35 वर्षीय ज़किया ज़की एक रिपोर्टर थीं और उन्होंने एक स्कूल में अध्यापिका के रूप में भी काम किया. ज़किया देश की महिला पत्रकारों में काफ़ी चर्चित थीं और उन्होंने तालेबान शासन के दौरान काफ़ी हिम्मत का परिचय दिया था.

ज़किया अमरीकी धनराशि से चलने वाले रेडियो शांति का भी कार्यभार संभाला था. रेडियो शांति 2001 में तालेबान का शासन समाप्त होने के बाद शुरू किया गया था.

काबुल में बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हैवीलैंड का कहना है कि ज़किया ज़की ने कई मौक़ों पर पूर्व मुजाहिदीन की आलोचना की थी और उनमें से कुछ ऐसे भी थे जो युद्धापराधों में फँसे हुए थे.

पर्यवेक्षकों का कहना है कि ज़किया की हत्या के पीछे क्या मक़सद हो सकता है, इसका किसी को अंदाज़ा नहीं हो पा रहा है और हत्यारों को पकड़ने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया गया है.

 
 
सुर्ख़ियो में
 
 
मित्र को भेजें कहानी छापें
 
  मौसम |हम कौन हैं | हमारा पता | गोपनीयता | मदद चाहिए
 
BBC Copyright Logo ^^ वापस ऊपर चलें
 
  पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल की दुनिया | मनोरंजन एक्सप्रेस | आपकी राय | कुछ और जानिए
 
  BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>