BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
 
रविवार, 17 सितंबर, 2006 को 12:56 GMT तक के समाचार
 
मित्र को भेजें कहानी छापें
'सैनिक संख्या बढ़ने से हम चिंतित नहीं'
 

 
 
मुल्ला दादुल्ला
मुल्ला दादुल्ला का नाम वांछित व्यक्तियों की सूची में शामिल है
तालेबान के मुख्य कमांडर मुल्ला दादुल्ला का कहना है कि वो दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में नैटो द्वारा सैनिकों की संख्या बढ़ाने की योजना से चिंतित नहीं है.

मुल्ला दादुल्ला ने एक अज्ञात स्थान से रहीमुल्ला यूसुफ़ज़ई से फ़ोन पर बात की.

रहीमुल्ला यूसुफ़ज़ई के मुताबिक मुल्ला दादुल्ला ने कहा है कि अतिरिक्त नैटो सैनिकों के आने से तालेबान को प्रेरणा मिलेगी कि वो और बड़े हमले करे.

मुल्ला दादुल्ला का कहना है कि अब तालेबान के निशाने पर ज़्यादा लोग होंगे.

तालेबान कमांडर ने नैटो के इस दावे पर भी सवाल खड़े किए कि कंधार के पंजवई ज़िले में तालेबान के 500 से ज़्यादा लड़ाके मारे गए हैं.

उन्होंने कहा कि 10 दिनों तक चले संघर्ष में सिर्फ़ 14 तालेबान लड़ाके मारे गए.

मुल्ला दालुल्ला का कहना था कि अफ़ग़ानिस्तान से सभी विदेशी सैनिकों के हटने तक अमरीका और अफ़ग़ान सरकार से बातचीत नहीं होगी.

उन्होंने कहा कि तालेबान अफ़ग़ानिस्तान को 'विदेशी सेना से मुक्ति दिलाने और अपने धर्म को बचाने के लिए लड़' रहा है.

तालेबान कमांडर ने कहा कि विदेशी सेना के वापस लौटने के बाद तालेबान और अन्य अफ़ग़ान आपस में बातचीत कर सकते हैं.

मुल्ला मोहम्मद उमर के बाद मुल्ला दादुल्ला तालेबान से जुड़ा ऐसा नाम है जिसकी बड़े पैमाने पर तलाश की जा रही है.

मुल्ला दादुल्ला ने दावा किया कि उनके पास कंधार समेत दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के चार प्रांतों में करीब 12 हज़ार लड़ाके हैं.

उनका कहना था कि काबुल समेत अफ़ग़ानिस्तान के विभिन्न हिस्सों में गठबंधन सेना से लड़ने के लिए 500 फ़िदायिन तालेबान लड़ाके तैयार हैं.

मु्ल्ला दादुल्ला ने कहा कि अफ़ग़ान नव वर्ष शुरू होने के साथ ही तालेबान बड़े पैमाने पर हमले करने की योजना बना रहा है.

उनका कहना था कि फ़िलहाल तालेबान गुरिल्ला लड़ाई के तौर तरीकों पर ज़ोर दे रहा है लेकिन सर्दियों के बाद पूरे तरीके से लड़ाई शुरू की जाएगी.

 
 
इससे जुड़ी ख़बरें
अमरीकी सेना ने नया बड़ा अभियान छेड़ा
16 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
नैटो देशों की ठंडी प्रतिक्रिया
13 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
 
 
मित्र को भेजें कहानी छापें
 
  मौसम |हम कौन हैं | हमारा पता | गोपनीयता | मदद चाहिए
 
BBC Copyright Logo ^^ वापस ऊपर चलें
 
  पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल की दुनिया | मनोरंजन एक्सप्रेस | आपकी राय | कुछ और जानिए
 
  BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>