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सोमवार, 21 फ़रवरी, 2005 को 01:30 GMT तक के समाचार
 
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पंचायत ने दिया अजीबोग़रीब फ़ैसला
 
बच्चियां भेदभाव का शिकार
समाज में महिलाएं व बच्चियां भेदभाव का शिकार
पाकिस्तान के पंजाब सूबे की एक पंचायत ने दो साल की बच्ची की शादी एक 40 साल के शख्स के साथ करने का आदेश दिया है.

पाकिस्तान के राजनपुर ज़िले के काचा चौहन गांव की माज़री समुदाय की पंचायत ने यह फ़ैसला सुनाया.

पंचायत ने यह सज़ा बच्ची के चाचा कमाल के एक शादीशुदा महिला से प्रेम संबंध होने के आरोप में सुनाई.

गांव के कुछ बुज़र्गों का कहना था कि इस प्रेम संबंध के कारण महिला के पति अल्ताफ़ ने उसे तलाक़ दे दिया और तब पंचायत ने इस शख्स को सज़ा देने का फ़ैसला किया.

इस मामले में पंचायत ने ढाई लाख रुपए का जुर्माना भी सुनाया है.

साथ ही महिला के पति से अपनी दो वर्षीय भतीजी की शादी करने का आदेश दिया है.

क़ानूनी पेचीदगी

बीबीसी संवाददाता के अनुसार ज़िले के पुलिस अधिकारी मक़सूद-उल-हसन ने बीबीसी को बताया कि पंचायत ने शादी उस समय करने का निर्णय सुनाया है जब बच्ची की शादी की उम्र हो जाएगी.

उनका कहना है कि यह अपराध नहीं है.

पाकिस्तान के पारिवारिक क़ानून के अनुसार लड़कियों की शादी की उम्र 16 साल है.

लेकिन मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि पंजाब के गांवों में बालविवाह बड़ी संख्या में होते हैं.

अंतरराष्ट्रीय संगठनों का कहना है कि बच्चों का शोषण दुनिया भर में होता है.

दक्षिण एशिया में बच्चों विशेष तौर पर बच्चियों की स्थिति काफ़ी ख़राब है.

यहां परंपरा के नाम पर उनका बालविवाह कर दिया जाता है.

अंतरराष्ट्रीय संगठन इस बारे में कई बार चिंता जता चुके हैं.

 
 
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