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मार्क टली को पद्म भूषण सम्मान
 
शाहरूख़ और वीर ज़ारा के निर्देशक यश चोपड़ा दोनों को सम्मान मिला
गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिए जाने वाले पद्म सम्मानों की घोषणा कर दी गई है, शाहरूख़ ख़ान, यश चोपड़ा, विप्रो के अज़ीम प्रेमजी और क्रिकेटर अनिल कुंबले यह सम्मान पाने वाले 96 लोगों में शामिल हैं.

भारत सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे जेएन दीक्षित को यह सम्मान मरणोपरांत दिया जा रहा है.

भारत रत्न के बाद दूसरा सबसे बड़ा सम्मान माने जाने वाले पद्मविभूषण सम्मान के अलग-अलग क्षेत्रों से नौ लोगों को चुना गया है जिनमें जेएन दीक्षित भी शामिल हैं.

कूटनीति के माहिर और कई देशों में भारत के राजदूत रह चुके दीक्षित का देहांत इसी महीने के शुरू में हो गया था, अपनी मृत्यु के समय वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद पर थे.

पद्मविभूषण के लिए चुनी गई अन्य हस्तियाँ हैं--कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण, एटॉर्नी जनरल मिलन कुमार बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के नेता डॉक्टर कर्ण सिंह, समाजवादी नेता मोहन धारिया और चिकित्सक डॉक्टर बालकृष्ण गोयल, मशहूर सारंगी वादक पंडित रामनारायण और उद्योगपति भाई मोहन सिंह.

पद्मभूषण

जाने माने उद्योगपति अज़ीम प्रेमजी, मशहूर पार्श्वगायक मन्ना डे, रोमांटिक फ़िल्मों के निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा और बीबीसी से जुड़े रहे वरिष्ठ पत्रकार मार्क टली को पद्मभूषण सम्मान के लिए चुना गया है.

पद्मविभूषण
जेएन दीक्षित (मरणोपरांत)
आरके लक्ष्मण
मिलन कुमार बनर्जी
डॉ. कर्ण सिंह
मोहन धारिया
डॉ. बालकृष्ण गोयल
पंडित रामनारायण
भाई मोहन सिंह
डॉ. एमवीएस वालियाथन

पद्मभूषण पाने वाले अन्य प्रमुख लोगों में जम्मू कश्मीर के पूर्व गवर्नर गिरीश चंद्र सक्सेना, इतिहासकार रोमिला थापर और इरफ़ान हबीब, उर्दू की लेखिका कुर्रतुल ऐन हैदर भी शामिल हैं.

इस वर्ष नौ हस्तियों को पद्मविभूषण, तीस को पद्मभूषण और 57 को पद्मश्री सम्मान दिया जा रहा है.

शाहरूख़ ख़ान, अनिल कुंबले, शोभना भरतिया, मलयालम मनोरमा के संपादक मामैन मैथ्यू, फ़िल्मकार मुज़फ्फर अली, लोक गायक पूरनचंद वडाली, और पर्यावरणविद् सुनीता नारायण पद्मश्री पाने वालों की सूची में शामिल हैं.

ओलंपिक खेलों में निशानेबाज़ी में रजत पदक जीतने वाले राज्यवर्धन सिंह राठौर और बैडमिंटन खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद भी पद्मश्री पाने वालों की सूची में हैं.

इनकार

असम के जाने-माने पत्रकार और लेखक कनकसेन डेका ने पद्मश्री सम्मान लेने से इनकार कर दिया है.

उनका कहना है कि केंद्र सरकार असम की समस्या को सुलझाने की दिशा में गंभीर काम नहीं कर रही है इसलिए वे इस सम्मान को स्वीकार नहीं करेंगे.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह अलगाववादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ़ असम के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू करे.

 
 
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