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बुधवार, 06 अक्तूबर, 2004 को 17:20 GMT तक के समाचार
 
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स्वयंसेवी संस्था की रिपोर्ट से खलबली
 

 
 
चुनावी रैली
चुनावी रैलियों मे जूटती है भारी भीड़
केंद्र सरकार में कथित दागी मंत्रियों पर आक्रमक रणनीति अपनाने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन को महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों में इसी मामले पर रक्षात्मक रवैया अपनाना पड़ रहा है.

इसका कारण है राज्य के 15 प्रतिष्ठित नागरिकों की अगुवाई में बना गैर सरकारी संस्थाओं का समूह महाराष्ट्र इलेक्शन वाच.

महाराष्ट्र इलेक्शन वाच ने सभी मान्यता प्राप्त दलों के उम्मीदवारों द्वारा चुनाव आयोग के समक्ष पेश किए गए शपथपत्रों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की है. इसमें विभिन्न दलों के उम्मीदवारों के बारे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं.

इस रिपोर्ट के जारी होने से सबसे ज्यादा परेशानी शिवसेना-भाजपा गठबंधन को हुई है.

शिवसेना के 163 में से 91 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले. दर्ज है. भाजपा के 111 में से 45 उम्मीदवार इसी श्रेणी में आते है.

दूसरी तरफ कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस गठबंधन में भी ऐसी उम्मीदवार है लेकिन उनकी संख्या शिवसेना-भाजपा के मुकाबले आधी है.

राष्ट्रवादी कांग्रेस के 124 में 31 और कांग्रेस के 157 में से 30 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं.

महाराष्ट्र इलेक्शन वाच में मुंबई उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर धर्माधिकारी, राज्य के पूर्व पुलिस प्रमुख जुलिओ रेबेरो और भारत सरकार के पूर्व केबिनेट सचिव बी.जी. देशमुख शामिल है.

इस रिपोर्ट के बारें में न्यायमूर्ति धर्माधिकारी ने बीबीसी को बताया “इसमें हमने मात्र उन्हीं उम्मीदवारों का जिक्र किया है जिनके खिलाफ अदालतों में आरोप पत्र दायर किये जा चुके हैं। जनता को यह जानने का अधिकार है कि जिनको वो वोट दे रही है उनका चरित्र कैसा है”.

प्रतिक्रिया

इस रिपोर्ट में निशाने पर रहे शिवसेना-भाजपा गठबंधन ने इसे पूरी तरह अस्वीकार कर दिया है.

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वैंकय्या नायडू ने इस रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा “ये आप लोगों के आंकड़े हैं. लालू यादव जैसे हत्या और भ्रष्टाचार में लिप्त होने वाले मामलों की तुलना राजनीतिक मामलों से कैसे की जा सकती है.”

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चुनाव लड़ रहे 200 उम्मीदवार करोड़पति है और अधिकतर उम्मीदवारों ने आयकर विभाग द्वारा दिया गया व्यक्तिगत स्थायी अकाऊंट नंबर सार्वजनिक नहीं किया है.

 
 
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