BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
 
बुधवार, 25 अगस्त, 2004 को 16:23 GMT तक के समाचार
 
मित्र को भेजें कहानी छापें
असम राइफ़ल्स के जवानों को चेतावनी
 
मणिपुर
लोग विशेष क़ानून से नाराज़ हैं
भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में बलात्कार के एक मामले की जाँच कर रहे आयोग ने असम राइफ़ल्स के चार जवानों के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी का वारंट जारी करने की चेतावनी दी है.

मणिपुर में इसी मामले पर क़रीब डेढ़ महीने से आंदोलन चल रहा है. लोग राज्य में सैनिकों को दिए गए विशेष अधिकारों का विरोध कर रहे हैं.

इसका और ज़ोरदार विरोध तब शुरू हुआ था जब एक स्थानीय महिला मनोरमा का कथित तौर पर सैनिकों ने बलात्कार किया था और उसकी हत्या कर दी थी.

इस मामले की जाँच कर रहे आयोग का नेतृत्व कर रहे पूर्व जज सी उपेंद्र ने असम राइफ़ल्स की उस याचिका को ख़ारिज कर दी जिसमें सैनिकों की पेशी की समयसीमा बढ़ाने की अपील की गई थी.

केंद्रीय सशस्त्र सुरक्षा बल विशेषाधिकार अधिनियम नाम का यह क़ानून सैनिकों और अर्द्धसैनिक बलों को विशेष अधिकार देता है.

चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के दौरान सेना को इस क़ानून के तहत गिरफ़्तारी, पूछताछ और जवाबी कार्रवाई के लिए व्यापक अधिकार दिए गए हैं.

असम राइफ़ल्स ने आयोग की जाँच में अभी तक सहयोग नहीं किया है. असम राइफ़ल्स का कहना है कि राज्य में उग्रवाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई में लगे सैनिकों के ख़िलाफ़ जाँच का अधिकार आयोग के अधिकारक्षेत्र में नहीं है.

मणिपुर में इस मामले पर क़रीब डेढ़ महीने से आंदोलन चल रहा है और एक छात्र ने आत्मदाह भी कर लिया है.

 
 
इससे जुड़ी ख़बरें
 
 
इंटरनेट लिंक्स
 
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
 
सुर्ख़ियो में
 
 
मित्र को भेजें कहानी छापें
 
  मौसम |हम कौन हैं | हमारा पता | गोपनीयता | मदद चाहिए
 
BBC Copyright Logo ^^ वापस ऊपर चलें
 
  पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल की दुनिया | मनोरंजन एक्सप्रेस | आपकी राय | कुछ और जानिए
 
  BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>