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बुधवार, 11 अगस्त, 2004 को 16:16 GMT तक के समाचार
 
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भारत-पाक बातचीत में सहमति नहीं
 
भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधि
द्विपक्षीय बातचीत सचिव स्तर पर हुई
आतंकवाद के मसले पर भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही दो दिन की बातचीत बुधवार को बिना किसी सहमति के समाप्त हो गई.

बातचीत की समाप्ति के बाद जारी किए गए साझा बयान में कहा गया कि "आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी के बारे में खुलकर विचार-विमर्श किया गया, और प्रक्रिया को जारी रखने का फ़ैसला किया गया."

पाकिस्तान ने बुधवार को ही घोषणा की वह सदभावना दिखाते हुए भारत के लगभग चार सौ मछुआरों और कुछ अन्य नागरिको को जेल से रिहा करेगा.

भारत के गृह सचिव धीरेंद्र सिंह को पाकिस्तानी अधिकारियों ने यह जानकारी दी, भारत ने पाकिस्तान के इस फ़ैसले का स्वागत किया है.

विवाद

कश्मीर के मामले पर दोनों देशों के नज़रिए में गहरे मतभेद को देखते हुए यह तो पहले से ही लग रहा था कि आतंकवाद के सवाल पर ज़्यादा प्रगति की संभावना नहीं है.

वाजपेयी और जमाली
वार्ताओं के दौर शुरू करने पर शीर्ष स्तर पर सहमति हुई थी

जैसा कि पहले भी हुआ है, दोनों देश आतंकवाद की परिभाषा को ही लेकर उलझते रहे और यह तय नहीं हो पाया कि कश्मीर में जो कुछ हो रहा है वह आतंकवाद है या नहीं.

भारत का कहना रहा है सीमा पार से हथियारबंद लोगों की घुसपैठ से कश्मीर घाटी में हिंसा तेज़ हुई है जबकि पाकिस्तान का कहना है कि वह घुसपैठ को बढ़ावा नहीं देता है और "कश्मीर में जारी आंदोलन स्थानीय लोगों की आज़ादी की लड़ाई है."

महत्पवपूर्ण बात यही है कि इन मतभेदों के बावजूद दोनों पक्षों ने बातचीत की प्रक्रिया को जारी रखा है, इतना ही नहीं, दोनों पक्ष एक साझा बयान जारी करने में भी सफल रहे.

इस साझा बयान में विवादास्पद मुद्दों से बचते हुए इतना ज़रूर कहा गया है कि दोनों देश आतंकवाद से मुक़ाबला करने के लिए कृतसंकल्प हैं और इस बात पर भी ज़ोर दिया गया कि इस समस्या को हल करना कितना ज़रूरी है.

उपाय

दोनों देशों ने मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए ठोस क़दम उठाने पर सहमति ज़ाहिर की और दोनों देशों के उच्चायोगों में इस काम पर निगरानी रखने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति पर भी रज़ामंदी हुई.

भारत और पाकिस्तान के बीच आठ अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत का पहला दौर ख़त्म हो गया है, ये आठ मुद्दे इस वर्ष के शुरू में शीर्ष स्तर की वार्ताओं के बाद तय किए गए थे.

भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार के मुद्दों पर भी वाणिज्य सचिव स्तर की बातचीत हुई है.

इसके बाद विदेश सचिव स्तर पर दोनों देश के बीच इस बात आकलन किया जाएगा कि जनवरी महीने में शुरू हुई बातचीत में अब तक कितनी प्रगति हुई है.

 
 
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