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मंगलवार, 30 दिसंबर, 2003 को 16:41 GMT तक के समाचार
 
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सोनिया की गठबंधन बनाने की कोशिशें तेज़
सोनिया गाँधी
विधानसभा चुनाव में हार के बाद काँग्रेस गठबंधन के लिए तैयार है
 

हाल में चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र काँग्रेस ने गठबंधन की तैयारी शुरू कर दी है.

सोमवार को काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने तमिलनाडु में द्रमुक के अध्यक्ष एम करुणानिधि से फ़ोन पर बात की और दिल्ली में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता हरकिशन सिंह सुरजीत से मुलाक़ात की.

करुणानिधि की पार्टी द्रमुक हाल ही में भारतीय जनता पार्टी की अगुआई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार से अलग हुई है.

सोनिया गाँधी से बातचीत के बाद करुणानिधि ने कहा कि यह आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए नए गठबंधन का संकेत है.

दूसरी ओर दिल्ली में सोनिया गाँधी से मुलाक़ात के बाद माकपा महासचिव हरकिशन सिंह सुरजीत ने कहा कि अभी काँग्रेस के साथ एक मोर्चा संभव नहीं लेकिन वे लोकसभा चुनाव में भाजपा के ख़िलाफ़ साथ-साथ हो सकते हैं.

सुरजीत ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री पद और मोर्चे के नेता जैसे मुद्दों पर कोई बातचीत नहीं हुई.

संकेत

उधर राजग सरकार से अलग हो चुके द्रमुक अध्यक्ष करुणानिधि ने काँग्रेस के साथ गठबंधन का संकेत देते हुए कहा, "सोनिया गाँधी से बातचीत को मैं नए गठबंधन की शुरुआत मानता हूँ. सोनिया गाँधी ने मुझे राजग से अलग होने पर बधाई दी."

यह पूछे जाने पर कि क्या गठबंधन जनवरी तक बन सकता है, करुणानिधि ने कहा कि सब कुछ चुनाव की तारीख़ों की घोषणा पर निर्भर करता है.

 

 जो पार्टियाँ राष्ट्र की एकता को मज़बूत करना चाहती हैं उन्हें भाजपा को हराने के लिए आगे आना चाहिए. इसके लिए दो मोर्चे हो सकते हैं एक काँग्रेस की अगुआई में और दूसरा वामपंथी दलों की अगुआई में. भाजपा को हराने के लिए ये दोनों मोर्चे चुनाव में साथ आ सकते हैं

हरकिशन सिंह सुरजीत

 

कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाक़ात के बाद सुरजीत ने कहा, "सोनिया गाँधी ने एक मोर्चे की बात की. लेकिन यह शायद इसलिए संभव नहीं हो क्योंकि अभी भी काफ़ी मतभेद हैं."

द्रमुक अध्यक्ष करुणानिधि के बारे में सुरजीत ने कहा कि वे पुराने मित्र हैं. सुरजीत ने यह भी जानकारी दी कि वे जल्द ही इस बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव से बात करेंगे.

सोनिया गाँधी और हरकिशन सिंह सुरजीत के बीच 45 मिनट तक बातचीत चली.

सुरजीत ने कहा कि दोनों इस बात पर सहमत थे कि भाजपा को हराने के लिए धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक दलों के बीच गठबंधन ज़रूरी है.

सुरजीत ने कहा, "जो पार्टियाँ राष्ट्र की एकता को मज़बूत करना चाहती हैं उन्हें भाजपा को हराने के लिए आगे आना चाहिए. इसके लिए दो मोर्चे हो सकते हैं एक काँग्रेस की अगुआई में और दूसरा वामपंथी दलों की अगुआई में. भाजपा को हराने के लिए ये दोनों मोर्चे चुनाव में साथ आ सकते हैं."

सुरजीत ने कहा कि वे इस बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव से बात करेंगे.

 
 
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