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यूक्रेन में चुनाव सुधार का स्वागत
 
युशचेन्को समर्थकों ने संसद द्वारा विधेयक पास किए जाने का स्वागत किया
अमरीका और यूरोपीय संघ ने यूक्रेन की संसद द्वारा चुनाव सुधार संशोधन विधेयक पारित किए जाने का स्वागत किया है.

बुधवार को यूक्रेन की संसद द्वारा पारित इस विधेयक के बाद अब वहाँ सिर्फ़ दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनाव का रास्ता साफ़ हो गया है.

अमरीका के विदेश मंत्री कोलिन पॉवेल ने कहा है कि इन चुनावी सुधारों से अब यूक्रेन में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव हो पाएँगे.

यूरोपीय संघ में विदेश नीति मामलों के प्रमुख हेविय सोलाना ने कहा है कि बदलाव के लिए इतना ज़बरदस्त संसदीय समर्थन यूक्रेन के लिए उत्साहजनक संकेत है.

पिछले महीने यूक्रेन में दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनाव हुए थे. जिसके बाद देश के चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच को विजयी घोषित कर दिया था.

लेकिन विपक्षी नेता और राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार विक्टर युशचेन्को ने बड़े पैमाने पर धाँधली के आरोप लगाते हुए अपने समर्थकों के साथ राजधानी किएफ़ में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.

उन्होंने धाँधली की शिकायत देश के सुप्रीम कोर्ट में भी की. मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दूसरे दौर के चुनाव को रद्द कर दिया था. अब ये चुनाव 26 दिसंबर को होंगे.

स्वागत

संसद में चुनाव सुधार विधेयक पर मतदान के बाद जब विपक्षी नेता युशचेन्को संसद से बाहर निकले तो उनका लोगों ने ज़बरदस्त स्वागत किया.

जानकारों का कहना है कि युशचेन्को की स्थिति मजबूत हुई है

चुनाव सुधार विधेयक पर संसद में मतदान के दौरान 402 सदस्यों ने इसके पक्ष में और सिर्फ़ 21 सदस्यों ने इसके ख़िलाफ़ वोट दिया.

इस विधेयक में चुनावी क़ानून में सुधार के साथ-साथ राष्ट्रपति के कुछ अधिकार संसद को देने की बात भी कही गई है.

निवर्तमान राष्ट्रपति लियोनिद कुचमा के विधेयक पर हस्ताक्षर करने के बाद यह विधेयक अब क़ानून बन गया है.

संसद द्वारा इस चुनाव सुधार विधेयक को पास करने के बाद विपक्ष द्वारा 17 दिनों से चल रही सरकारी इमारतों की घेराबंदी ख़त्म कर दी गई है.

अब नई स्थिति में राजधानी किएफ़ में जुटे युशचेन्को समर्थकों की संख्या में भी कमी होने की उम्मीद है.

चुनाव सुधार

जैसे ही निवर्तमान राष्ट्रपति कुचमा ने इस विधेयक पर हस्ताक्षर किए, संसद सदस्यों ने खड़े होकर इसका स्वागत किया.

कुचमा ने कहा, "पिछले 100 सालों के दौरान यूक्रेन ने कई बार संकट झेला है. लेकिन हमेशा कोई न कोई रास्ता निकला है और हमने ऐसा कर दिखाया है."

1. इस विधेयक में केंद्रीय चुनाव आयोग में सुधार के साथ-साथ चुनाव आयोग के मौजूदा चेयरमैन और कुछ सदस्यों को तुरंत हटाने की बात है.

2. चुनाव सुधार के तहत इस बात की व्यवस्था की गई है कि धाँधली की संभावना कम हो. मतदान के दिन अनुपस्थित रहने वालों के लिए विशेष व्यवस्था या फिर घर से ही मतपत्र भेजने जैसी व्यवस्था का कम से कम इस्तेमाल की सिफ़ारिश की गई है.

3. इस विधेयक में राष्ट्रपति के अधिकारों को भी कम किया गया है और संसद को कई महत्वपूर्ण अधिकार सौंपे गए हैं.

4. इसके तहत अब राष्ट्रपति प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री या विदेश मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति संसद की मंज़ूरी के बाद ही कर पाएगा.

5. देश में पूरब और पश्चिम के बीच मतभेद को ध्यान में रखते हुए इन इलाक़ों के लिए नई व्यवस्था भी की गई है.

बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि संसद के इस विधेयक को पास करने के बाद विपक्षी नेता युशचेन्को के जीतने की संभावना बढ़ी है.

 
 
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