BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
 
सोमवार, 08 मार्च, 2004 को 17:28 GMT तक के समाचार
 
मित्र को भेजें कहानी छापें
अंतरिम संविधान पर मिश्रित प्रतिक्रिया
 
अंतरिम संविधान जुलाई से लागू होगा
अंतरिम संविधान जुलाई से लागू होगा
इराक़ में अंतरिम संविधान पर दस्तख़त होने का अमरीका और कुछ अन्य देशों ने स्वागत किया है.

लेकिन तुर्की और इराक़ में शियाओं के प्रमुख नेता आयतुल्ला अली सिस्तानी ने इसकी आलोचना की है.

इराक़ में अमरीका की ओर से नियुक्त की गई शासकीय परिषद ने संविधान पर दस्तख़त किए जो इस साल जुलाई में लागू होगा.

तब इराक़ियों को प्रभुसत्ता सौंपी जाएगी.

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इसे इराक़ी लोगों की लोकतंत्र की ओर यात्रा में एक मील का पत्थर कहा है.

ईरान और सऊदी अरब ने भी अंतरिम संविधान का स्वागत किया है.

इराक़ में कुर्दों के नेता मसूद बर्ज़ानी ने अंतरिम संविधान को एक ऐसा दस्तावेज़ बताया जिससे इराक़ी एकता को बल मिलेगा.

कुर्दों ने अंतरिम संविधान पर दस्तख़त होने के बाद जश्न मनाया.

आलोचना

लेकिन तुर्की ने अंतरिम संविधान की ये कहते हुए आलोचना की कि इससे अस्थिरता ख़त्म नहीं होगी.

तुर्की को डर है कि यदि इराक़ी कुर्दों का प्रभाव बढ़ता है तो इसका तुर्की की कुर्द जनता पर भी असर पड़ सकता है.

उधर इराक़ में शियाओं के प्रमुख नेता आयतुल्ला अली सिस्तानी ने इसे स्थायी संविधान के रास्ते में एक अड़चन बताया है.

उन्होंने कहा कि इस संविधान को तब तक नहीं माना जा सकता जब तक कि इसे किसी चुनी गई संस्था से मान्यता नहीं मिल जाती.

इससे पहले संविधान पर दस्तख़त होने में थोड़ी देर हुई क्योंकि शिया प्रतिनिधि सुन्नी और कुर्दों को वीटो का अधिकार दिए जाने से चिंतित थे.

बग़दाद में सोमवार को अंतरिम संविधान पर दस्तख़त होने से ठीक पहले तीन विस्फोट भी हुए थे.

 
 
इससे जुड़ी ख़बरें
 
 
सुर्ख़ियो में
 
 
मित्र को भेजें कहानी छापें
 
  मौसम |हम कौन हैं | हमारा पता | गोपनीयता | मदद चाहिए
 
BBC Copyright Logo ^^ वापस ऊपर चलें
 
  पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल की दुनिया | मनोरंजन एक्सप्रेस | आपकी राय | कुछ और जानिए
 
  BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>