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कश्मीर का केसर क्या पूरी तरह गायब हो जाएगा?
जम्मू कश्मीर में बीते दो दशक के दौरान केसर के उत्पादन में लगातार हो रही गिरावट ने यह संकट पैदा कर दिया था कि आने वाले दिनों में 'कश्मीर का सोना' कहलाने वाला केसर लुप्त ही ना हो जाए.
इस चिंता के चलते ही दो साल पहले यानी 2020 में जम्मू-कश्मीर के कृषि विभाग ने इंडिया इंटरनेशनल कश्मीर सैफ्रन ट्रेडिंग सेटर (आईआईकेएसटीसी) की शुरुआत की.
इसका उद्देश्य केसर किसानों को प्रोत्साहित करना और उन्हें बेहतर क़ीमत दिलाना था.
इस मुहिम का कितना असर हुआ है, क्या केसर की खेती में इसके चलते कोई बदलाव देखने को मिला है?
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